Saturday, 10 October 2026
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तेलंगाना HC के दानम नागेंद्र को अयोग्य ठहराने के फैसले का डॉ. के. ए. पॉल ने किया स्वागत

BRS से कांग्रेस में गए अन्य 9 विधायकों के मामलों की भी जांच की मांग

हैदराबाद: प्रजा शांति पार्टी के अध्यक्ष डॉ. के. ए. पॉल ने खैरताबाद विधायक दानम नागेंद्र को अयोग्य ठहराने के तेलंगाना हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने BRS से कांग्रेस में गए अन्य नौ विधायकों से जुड़े मामलों की भी कानून के अनुसार जांच करने की मांग की।

तेलंगाना हाई कोर्ट ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष के पहले फैसले को रद्द करते हुए दानम नागेंद्र को 23 अप्रैल 2024 से विधानसभा सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित किया। नागेंद्र ने 2023 में BRS के टिकट पर खैरताबाद विधानसभा सीट से चुनाव जीता था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस का साथ लिया और 2024 का लोकसभा चुनाव सिकंदराबाद सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में लड़ा।

अदालत ने खैरताबाद विधानसभा सीट को रिक्त घोषित किया और अपने फैसले की जानकारी विधानसभा अध्यक्ष तथा चुनाव आयोग को देने का निर्देश दिया।

डॉ. पॉल ने कहा कि यह फैसला केवल एक विधायक से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि यह जनता के चुनावी जनादेश और निर्वाचित प्रतिनिधियों पर लागू संवैधानिक प्रावधानों से भी जुड़ा है।

उन्होंने कहा, “मैं तेलंगाना हाई कोर्ट के माननीय फैसले का स्वागत करता हूं। यह जनता के जनादेश का सम्मान करने और निर्वाचित प्रतिनिधियों से जुड़े संवैधानिक प्रावधानों को कानून के अनुसार लागू करने का विषय है।”

डॉ. पॉल ने कहा कि उन्होंने 2024 में तेलंगाना हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कांग्रेस में गए 10 BRS विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई बार स्वयं अदालत में इस मामले की पैरवी की। दानम नागेंद्र भी इस याचिका में शामिल थे।

उन्होंने कहा कि बाकी विधायकों से जुड़े मामलों की जांच संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले के तथ्यों और कानूनी स्थिति के आधार पर करनी चाहिए।

डॉ. पॉल ने कहा, “ऐसे अन्य विधायक भी हैं जिनके मामले समान परिस्थितियों से जुड़े हैं। सक्षम अधिकारियों को बिना राजनीतिक विचारों के उनकी जांच करनी चाहिए और संविधान तथा कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का संबंध संवैधानिक जवाबदेही और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से भी है। डॉ. पॉल ने इस संदर्भ में 1975 के इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले और 2007 में BSP विधायकों से जुड़े दल-बदल मामले का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, “राजनीतिक दल और सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन संविधान बना रहता है। चुनावी जनादेश जनता का होता है और हर निर्वाचित प्रतिनिधि की जिम्मेदारी है कि वह संवैधानिक व्यवस्था का सम्मान करे।”

तेलंगाना हाई कोर्ट के फैसले के बाद खैरताबाद विधानसभा सीट रिक्त हो गई है। आगे की प्रक्रिया संबंधित संवैधानिक और निर्वाचन प्राधिकारियों के फैसले के अनुसार आगे बढ़ेगी।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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