Friday, 02 October 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
Samsung Galaxy S27 Series: Exynos 2700 की बढ़ी प्रोडक्शन, S27 Ultra में 3x कैमरा हटने की चर्चा; जानें डिजाइन, कैमरा, बैटरी और कीमत से जुड़ी हर जानकारी Mahatma Gandhi Jayanti 2026: पटना से लेकर लंदन और अमेरिका तक, जानिए दुनियाभर में ‘बापू’ की इन 7 सबसे प्रतिष्ठित प्रतिमाएं शिवाजी पार्क में CJP का बड़ा प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग हुई तेज! SIR और वोटर लिस्ट को लेकर गंभीर आरोप ‘Drishyam 3 The Conclusion’ Review: दमदार कहानी और क्लाइमेक्स के साथ ‘विजय सलगांवकर’ की वापसी, जयदीप अहलावत ने बढ़ाया सस्पेंस; जानिए कैसा है आखिरी चैप्टर? ‘Sigma’ Movie Review: विजय के बेटे जेसन संजय की पहली फिल्म कैसी है? सुंदीप किशन की एक्टिंग और एक्शन ने जीता दिल? ‘सेकंड एक्ट अवॉर्ड्स 2026’ में नई शुरुआत करने वाली हस्तियों को सम्मान इन्दिरा आईवीएफ ने चंद्रपुर में नया फर्टिलिटी सेंटर शुरू किया पंजाब कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने छोड़ा प्रदेश अध्यक्ष पद! जानिए इस्तीफे का कारण और पद के प्रबल दावेदार Samsung Galaxy S27 Series: Exynos 2700 की बढ़ी प्रोडक्शन, S27 Ultra में 3x कैमरा हटने की चर्चा; जानें डिजाइन, कैमरा, बैटरी और कीमत से जुड़ी हर जानकारी Mahatma Gandhi Jayanti 2026: पटना से लेकर लंदन और अमेरिका तक, जानिए दुनियाभर में ‘बापू’ की इन 7 सबसे प्रतिष्ठित प्रतिमाएं शिवाजी पार्क में CJP का बड़ा प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग हुई तेज! SIR और वोटर लिस्ट को लेकर गंभीर आरोप ‘Drishyam 3 The Conclusion’ Review: दमदार कहानी और क्लाइमेक्स के साथ ‘विजय सलगांवकर’ की वापसी, जयदीप अहलावत ने बढ़ाया सस्पेंस; जानिए कैसा है आखिरी चैप्टर? ‘Sigma’ Movie Review: विजय के बेटे जेसन संजय की पहली फिल्म कैसी है? सुंदीप किशन की एक्टिंग और एक्शन ने जीता दिल? ‘सेकंड एक्ट अवॉर्ड्स 2026’ में नई शुरुआत करने वाली हस्तियों को सम्मान इन्दिरा आईवीएफ ने चंद्रपुर में नया फर्टिलिटी सेंटर शुरू किया पंजाब कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने छोड़ा प्रदेश अध्यक्ष पद! जानिए इस्तीफे का कारण और पद के प्रबल दावेदार

15वें दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का भव्य ‘पोस्ट-फेस्टिवल अवॉर्ड समारोह’ संपन्न:

ईरान, अल्जीरिया, बुल्गारिया और लातविया जैसे देशों की फिल्मों ने वैश्विक कूटनीति के मंच पर चौंकाया, दिल्ली में सजा सिनेमा का वैश्विक मंच, 51 देशों की फिल्मों ने जीता दिल

राजधानी नई दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) में कला, कूटनीति और वैश्विक कहानियों के संगम के साथ 15वें दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DIFF) के अंतर्गत एक बेहद भव्य और विशेष ‘पोस्ट-फेस्टिवल अवॉर्ड इवेंट’ का सफल आयोजन किया गया।

संस्कृति मंत्रालय के सहयोग और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (IGNCA) की विशेष साझेदारी के साथ आयोजित इस महोत्सव ने 51 देशों की 178 फिल्मों के माध्यम से विश्व सिनेमा को एक नया मंच प्रदान किया। इस भव्य समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण यह रहा कि स्थापित सिनेमाई देशों के बीच ईरान, अल्जीरिया, बुल्गारिया और लातविया जैसे देशों की फिल्मों ने अपनी बेहतरीन कहानियों, संवेदनशील सामाजिक विषयों और उच्च तकनीकी स्तर से हर किसी को चौंका दिया और मुख्य पुरस्कारों पर अपना कब्जा जमाया।

पुरस्कारों के वितरण में लघु फिल्म खंड के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अप्रत्याशित और चौंकाने वाली प्रतिभाएं सामने आईं, जिसमें प्रतिभाशाली फिल्म निर्देशक यूसुफ बेन घानेम द्वारा निर्देशित अल्जीरियाई शॉर्ट फिल्म ‘दामू की’ ने अपनी गहरी कहानी से सबको चौंकाया और फिल्म को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार दिया गया। इस सम्मान को अल्जीरिया के महामहिम राजदूत अली अचौई, प्रथम सचिव अब्देलली बुइलोटा, अताशे अब्देसेलम बेनारबा और श्रीमती अस्मा बेनारबा ने मंच पर ग्रहण किया। वहीं निर्देशक हुसैन फिरूज़ेह की बहुचर्चित कूर्दिश-फारसी फिल्म ‘हैप्पी एंड’ को सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म का पुरस्कार मिला, जिसे ईरानी दूतावास के द्वितीय सचिव मिस्टर ओमिद बाबेलियन ने स्वीकार किया। इसके साथ ही हिंदी शॉर्ट फिल्म ‘गैया’ के लिए निर्देशक अभय कपूर के काम को सराहा गया, जिसे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के मीडिया कंट्रोलर अनुराग पुनेठा जी की गरिमामयी उपस्थिति में विशेष प्रोत्साहन मिला।

अंतरराष्ट्रीय और भारतीय सिनेमा पुरस्कार खंड में भी लातविया और बुल्गारिया के सिनेमा ने विशेष रूप से चौंकाया, जहां लातवियाई फिल्म ‘लिटिल अन्ना’ ने अपने बेहतरीन सामाजिक सरोकार से हर किसी को हैरान किया और इसके लिए निर्देशक उल्डिस गेब्रियल सिप्सट्स को बेस्ट सोशल फिल्म का अवार्ड मिला, जिसे लातविया दूतावास की चार्ज डी अफेयर्स व डिप्टी हेड ऑफ मिशन सुश्री इंगा स्क्रूज़माने ने ग्रहण किया। बुल्गारियाई सिनेमा ने अपनी विविधता और तकनीकी कौशल से सबको चौंकाते हुए दो बड़ी ट्राफियां अपने नाम कीं, जिसमें महामहिम राजदूत निकोले यानकोव की उपस्थिति में ‘टू पुट इट माइल्डली’ को बेस्ट एनीमेशन फिल्म और ‘अन्ना’ को बेस्ट फीचर फिल्म वर्ल्ड सिनेमा का मुख्य सम्मान मिला। इसी तरह बांग्लादेश की फिल्म ‘मानुषेर बागान’ के लिए निर्देशक नूरुल आलम अतीक को बेस्ट फीचर सोशल सब्जेक्ट का अवार्ड बांग्लादेश उच्चायोग के महामहिम एम रियाज़ हमीदुल्ला और सुश्री सामिया इसरत रोनी की उपस्थिति में मंच पर प्रदान किया गया। रूसी फिल्मों का भी दबदबा रहा, जिसमें ‘हॉर्न एंड आइवरी’ के लिए डारिया गवरुशिनो को बेस्ट रशियन एक्ट्रेस का अवार्ड दिया गया और इलियास दाउदी निर्देशित फिल्म ‘The Blind’ को जूरी चॉइस अवार्ड मिला, जिसे रूसी दूतावास के प्रेस-सचिव मिस्टर पेट्र सिज़ोव ने ग्रहण किया। स्लोवाकिया के निर्देशक इवो ट्रैजकोव की फिल्म ‘The Ballad of Piargy’ को बेस्ट हिस्टोरिकल फीचर फिल्म का अवार्ड मिला, जिसे स्लोवाक राजदूत महामहिम रॉबर्ट मैक्सियन की उपस्थिति में सेलिब्रेट किया गया।

भारतीय क्षेत्रीय सिनेमा के अंतर्गत गढ़वाली फिल्म ‘घंगटौल’ के लिए सुशीला रावत को बेस्ट वीमेन डायरेक्टर का गौरवशाली सम्मान अल्जीरिया के राजदूत महामहिम अली अचौई और संजय जोशी जी की उपस्थिति में प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त भारत के म्यूजिक वीडियो ‘लैंड ऑफ अदर्स’ को सम्मानित किया गया, और मलयालम फिल्म ‘जंगर’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का पुरस्कार दिया गया।समारोह के सांस्कृतिक पड़ाव पर डॉ. सुशील जैन और गुरविंदर गल्लू ने मेंडोलिन पर एक बेहद सुरीली जुगलबंदी पेश कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समापन के अंतिम सत्र में फेस्टिवल के संस्थापक रामकिशोर पारचा ने न्यूजीलैंड के डिप्टी हाई कमिश्नर मैथ्यू आयर्स, स्विट्जरलैंड के चार्ज डी अफेयर्स साइमन सेवान शेफर, उत्तर कोरियाई दूतावास के काउंसलर जांग जोंग ह्वान व प्रथम सचिव किम म्योंग चोल सहित सभी वैश्विक राजनयिकों, कलाप्रेमियों और जूरी सदस्यों अरविंद गौड़ व ओ.पी. मिश्रा का धन्यवाद किया, जिसके बाद एक भव्य ‘इंडिया गेट मोंटाज’ स्क्रीन पर प्रदर्शित किया गया।

दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DIFF) देश की राजधानी का एक प्रतिष्ठित और अग्रणी वैश्विक सिनेमा मंच है, जिसकी स्थापना प्रसिद्ध फिल्म निर्माता व लेखक रामकिशोर पारचा ने की थी। यह फेस्टिवल हर साल विश्व स्तर की बेहतरीन फिल्मों, वृत्तचित्रों और शॉर्ट फिल्मों को दिल्ली के दर्शकों तक पहुंचाता है। इस वर्ष चीनी, रूसी और अफ्रीकी सिनेमा की कहानियों को ‘विशेष फोकस’ में रखा गया था, जिन्होंने अपनी श्रेष्ठता साबित की।समारोह की शुरुआत में मंच पर मौजूद सभी वैश्विक राजदूतों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति में एक गौरवपूर्ण क्षण आया, जब फेस्टिवल के संस्थापक राम किशोर पारचा द्वारा रचित ‘कविता संग्रह’ (Trilogy Poetry Collection) का भव्य विमोचन किया गया, जिसमें ‘तुम’, ‘बर्फ़ पर तितली’ और ‘तुम्हारा नाम नदी’ नामक तीन प्रमुख संकलन शामिल हैं। इसके तुरंत बाद फेस्टिवल को पर्दे के पीछे रहकर ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने वाली कर्मठ कोर टीम के सदस्यों के लिए विशेष मेडल डिस्ट्रीब्यूशन सेरेमनी का आयोजन किया गया, जिसमें चीनी डेलिगेशन के हाथों राजन झांजी, प्रमोद कौंसवाल, उषा पाहवा, अनिश्का किशोर, आराध्या, राजीव रंजन, प्रशांत, मानवेंद्र जी और नरेंद्र सिंह को पदक देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में प्रख्यात कलाकार और चितकारा यूनिवर्सिटी के फाइन आर्ट्स विभाग के डीन व हेड डॉ. रंजन मलिक को उनकी कलात्मक सेवाओं के लिए मंच पर विशेष रूप से सम्मानित करते हुए DIFF आर्ट शो सर्टिफिकेशन और ट्रॉफी से नवाजा गया।

अंत में संस्कृति मंत्रालय, IGNCA के चेयरमैन राम बहादुर राय, सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी और मीडिया कंट्रोलर अनुराग पुनेठा सहित सभी सहयोगियों का औपचारिक आभार व्यक्त किया गया और इस सफल पोस्ट-अवॉर्ड समारोह के अंतिम पड़ाव पर दर्शकों के लिए पुरस्कार विजेता गढ़वाली फीचर फिल्म ‘घंगटौल’ की विशेष क्लोजिंग स्क्रीनिंग की गई।

अगले साल इसे फरवरी में 15 से 19 तारीख तक इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र में आयोजित किया जायेगा .

ये भी पढ़ें :- POGO लेकर आया नया 3D एनिमेटेड शो “सम्पत चम्पत”, 18 मई को हुआ शानदार प्रीमियर

Home » 15वें दिल्ली इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का भव्य ‘पोस्ट-फेस्टिवल अवॉर्ड समारोह’ संपन्न:
शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version