Tuesday, 01 September 2026
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मासूम से दरिंदगी के आरोपी की दिल्ली हाईकोर्ट ने की जमानत रद्द, 57 साल के स्कूल कर्मी को दोबारा जाना होगा जेल

1 जुलाई तक सरेंडर करने आदेश, निचली अदालत का फैसला पलटा

नई दिल्ली।

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक निजी स्कूल में महज 3 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए यौन उत्पीड़न (यौन शोषण) के मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने इस घिनौने और जघन्य अपराध के आरोपी 57 वर्षीय स्कूल कर्मचारी की जमानत को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया है। जस्टिस विनोद कुमार की वेकेशन बेंच ने दिल्ली पुलिस और पीड़ित बच्ची की बेबस मां की याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपी को कड़ा आदेश दिया है कि वह 1 जुलाई की दोपहर 2:00 बजे तक संबंधित पॉक्सो (POCSO) कोर्ट के सामने हर हाल में आत्मसमर्पण (सरेंडर) करे। बता दें कि इससे पहले 7 मई को निचली (ट्रायल) अदालत ने आरोपी को जमानत दे दी थी, जिसे अब हाई कोर्ट ने सिरे से खारिज कर जेल का रास्ता दिखा दिया है।

स्कूल के दूसरे दिन ही मासूम के साथ हुई थी हैवानियत

30 अप्रैल को मासूम बच्ची का स्कूल में एडमिशन हुए अभी सिर्फ दो ही दिन हुए थे। स्कूल परिसर के भीतर ही 57 साल के इस बुजुर्ग कर्मचारी ने बच्ची को अपनी हवस का शिकार बनाने की कोशिश की। 1 मई को सहमी हुई मां की शिकायत पर जनकपुरी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। 7 मई को ट्रायल कोर्ट से आरोपी तकनीकी आधार पर जमानत पाने में कामयाब रहा, जिसके बाद पीड़िता का परिवार दहशत में था। 29 जून यानि आज हाईकोर्ट ने साफ किया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले ऐसे संवेदनशील अपराधों में कोई रियायत नहीं दी जा सकती।

अब सीधे पॉक्सो कोर्ट में चलेगा एक्शन

पीड़ित परिवार की ओर से कोर्ट में दलील दी गई थी कि ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपी को इतनी जल्दी जमानत देना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है, जिससे गवाहों और पीड़ित परिवार की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा जमानत रद्द होने के बाद अब आरोपी को दोबारा सलाखों के पीछे जाना होगा। इस संवेदनशील मामले की आगे की पूरी कानूनी कार्यवाही और ट्रायल अब सीधे विशेष पॉक्सो कोर्ट की निगरानी में चलाया जाएगा।

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IK

Imran Khan

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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