Sunday, 23 August 2026
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बिहार बना निवेश का उभरता केंद्र: ₹17,000 करोड़ प्रस्ताव, मेगा परियोजनाओं और सुधारों से गति

निवेश, रोजगार और अवसंरचना विकास को लेकर उद्योग विभाग की बड़ी उपलब्धियां सामने

उद्योग विभाग, बिहार सरकार द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में माननीय मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने वित्तीय वर्ष 2025–2026 की प्रमुख उपलब्धियों को साझा किया, जहां विभाग के वरिष्ठ अधिकारी श्री कुंदन कुमार की भी उपस्थिति रही।

माननीय मंत्री ने बताया कि बिहार का औद्योगिक विकास निरंतर गति पकड़ रहा है और राज्य सरकार, माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, उद्योग अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। नीतिगत स्थिरता, सुशासन और निवेशकों के साथ सतत संवाद के कारण बिहार आज पूर्वी भारत के उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य ने अगले पांच वर्षों में ₹50 लाख करोड़ निवेश आकर्षित करने और 1 करोड़ रोजगार सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और शहरी अवसंरचना का तेजी से विकास किया जा रहा है, जिससे बिहार को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित किया जा सके।

प्रेस वार्ता के दौरान विभाग की उपलब्धियों को संक्षेप में प्रस्तुत करते हुए बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए गए हैं, जिनमें तीन उच्चस्तरीय एपेक्स समितियों का गठन, MSME निदेशालय की स्थापना तथा बिहार राज्य विपणन प्राधिकार (BSMA) का गठन शामिल है।

निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज (BIIPP) 2025 लागू किया गया है, वहीं बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, स्टार्टअप सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए विशेष नीतियां लागू की गई हैं।

निवेशकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से देश-विदेश में विभिन्न रोड शो आयोजित किए गए, जिनमें थाईलैंड, बेंगलुरु, कोलकाता, नई दिल्ली और मुंबई प्रमुख हैं।

वर्ष 2025–26 में राज्य को कुल 747 निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनके माध्यम से ₹17,217 करोड़ से अधिक निवेश का प्रस्ताव मिला है तथा 22,500 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सुदृढ़ करने के लिए बिहार को नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम (NSWS) से जोड़ा गया है। साथ ही श्रम कानूनों में लचीलापन लाते हुए महिलाओं के कार्य समय में विस्तार किया गया है।

प्रमुख औद्योगिक परियोजनाओं के अंतर्गत गया में ₹1,339 करोड़ की लागत से BIMCGL परियोजना विकसित की जा रही है। इसके अतिरिक्त लेदर पार्क, मेगा फूड पार्क, विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ), मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और फिनटेक सिटी जैसी परियोजनाओं पर कार्य जारी है।

पीपीपी मॉडल के तहत पटना में पांच सितारा होटलों के निर्माण और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना को स्वीकृति दी गई है। साथ ही राज्य में 13,000 एकड़ से अधिक भूमि अधिग्रहण को स्वीकृति प्राप्त हुई है।

बिहार फाउंडेशन के माध्यम से देश-विदेश में 47 चैप्टर्स स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे प्रवासी बिहारी समुदाय की भागीदारी बढ़ी है।

स्टार्टअप क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। अब तक 1,653 स्टार्टअप्स का चयन किया गया है, जिन्हें ₹92 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 44,000 से अधिक लाभुकों को ₹3,242 करोड़ की सहायता प्रदान की गई है, जिससे स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिला है।

इसके अतिरिक्त PMEGP और PMFME योजनाओं में राज्य ने अग्रणी प्रदर्शन किया है, जबकि हस्तकरघा, खादी और रेशम क्षेत्रों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान (UMSAS) द्वारा ₹6.77 करोड़ की अधिप्राप्ति दर्ज की गई है।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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