Sunday, 23 August 2026
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संघर्षों को मात देकर अनुष्का ठोकुर ने रचा इतिहास, जूनियर वर्ल्ड कप में दूसरा स्वर्ण

नई दिल्ली, (न्यूज ऑफ द डे)

सीमित साधनों और कठिनाइयों के बीच जिंदगी से जूझती रही लड़की आज दुनिया के मंच पर भारत का नाम रोशन कर रही है। अनुष्का ठोकुर ने आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्ड कप राइफल/पिस्टल/शॉटगन नई दिल्ली में इस प्रतियोगिता का दूसरा स्वर्ण पदक जीतकर न सिर्फ देश को गौरवान्वित किया, बल्कि यह भी साबित किया कि सच्चा चैंपियन वही है, जो संघर्षों से निकलकर अपनी राह खुद बनाता है।

डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज पर चौथे दिन खेले गए मुकाबले में अनुष्का ने 50 मीटर राइफल थ्री पोज़ीशन जूनियर महिला स्पर्धा में बेहतरीन प्रदर्शन किया। उन्होंने 461.0 का शानदार स्कोर करते हुए गोल्ड अपने नाम किया। खास बात यह रही कि खड़े होकर खेलते समय उन्होंने अपनी 35वीं शॉट पर परफेक्ट 10.9 लगाया, जिसने निर्णायक बढ़त दिलाई। क्वालिफिकेशन राउंड में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा, जहां उन्होंने 585-31x का स्कोर किया।

लेकिन इस जीत के पीछे सिर्फ एक टूर्नामेंट की मेहनत नहीं, बल्कि सालों की तपस्या और संघर्ष की कहानी छिपी है। मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली अनुष्का ने कभी संसाधनों की कमी को अपने सपनों के बीच नहीं आने दिया। कई बार अभ्यास के लिए रेंज तक पहुंचना भी मुश्किल हुआ, पर उन्होंने हार नहीं मानी। परिवार ने भी हर संभव सहयोग दिया। दोस्तों के साथ खेल-कूद में बिताने वाली उम्र में अनुष्का ने खुद को घंटों अभ्यास की कठोर दिनचर्या में ढाल लिया।

आज वही अनुष्का देश के लिए लगातार मेडल जीत रही हैं। इससे पहले उन्होंने राइफल प्रोन में भी स्वर्ण हासिल किया था। यानी इस चैंपियनशिप में यह उनका दूसरा गोल्ड है।

महिला वर्ग में एआईएन की अनास्तासिया सोरोकीना (454.9) रजत और मारिया क्रुगलोवा (444.0) कांस्य पदक पर रहीं। भारत की महित संधू पांचवें, प्राची गायकवाड़ सातवें स्थान पर रहीं।

वहीं पुरुषों की जूनियर 3पी स्पर्धा में भारत के एड्रियन कर्माकर ने शानदार खेल दिखाया और रजत पदक जीता। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 587-34x का शीर्ष स्कोर किया था, लेकिन फाइनल में उन्हें एआईएन के दिमित्री पिमेनोव (461.0) से मामूली अंतर से हार माननी पड़ी।

शूटिंग में भारत का दबदबा 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल जूनियर पुरुष क्वालिफिकेशन में भी जारी रहा, जहां सूरज शर्मा, समीर गुलिया और अभिनव चौधरी जैसे युवा शूटर शीर्ष स्थानों पर रहे।

अनुष्का की जीत सिर्फ एक पदक भर नहीं है, बल्कि यह उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो संसाधनों की कमी या कठिन हालात में अपने सपनों को अधूरा छोड़ देते हैं। उनकी कहानी बताती है कि अगर जज्बा हो तो संघर्ष ही सफलता का सबसे बड़ा हथियार बन जाता है।

भारत की यह ‘गोल्डन गर्ल’ अब दुनिया की निगाहों में है और आने वाले समय में देश उनसे और बड़े कीर्तिमानों की उम्मीद कर रहा है।

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Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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