Monday, 03 August 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
EPS-95 पेंशनर्स का 5 अगस्त को जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन बाबरी मस्जिद विध्वंस की जांच आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एमएस लिब्रहान का निधन ब्रजभूषण शरण सिंह महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी, विनेश फोगाट बोलीं- लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई CWG 2026: ग्लासगो के रेस्तरां में गायब मिला भारत के नक्शे से पूर्वोत्तर, कॉमनवेल्थ मेडल विजेता लवलीना ने जताई नाराजगी 2 अगस्त 1934: जब हिटलर कहलाया ‘फ़्यूहरर’! बवेरियन रेजिमेंट का एक सिपाही आखिर कैसे बना दुनिया का सबसे क्रूर तानाशाह? दिल्ली हाट, आईएनए में मिस्टर लिट्टीवाला संग बिहार के असली स्वाद का आनंद नेपाल के दिग्गज पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स’ पुरजा की मौत, पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में हुए थे लापता ट्रोजन हॉर्स: 3200 साल पुराने धोखे से लेकर आज के खतरनाक कंप्यूटर वायरस तक की कहानी EPS-95 पेंशनर्स का 5 अगस्त को जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन बाबरी मस्जिद विध्वंस की जांच आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एमएस लिब्रहान का निधन ब्रजभूषण शरण सिंह महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी, विनेश फोगाट बोलीं- लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई CWG 2026: ग्लासगो के रेस्तरां में गायब मिला भारत के नक्शे से पूर्वोत्तर, कॉमनवेल्थ मेडल विजेता लवलीना ने जताई नाराजगी 2 अगस्त 1934: जब हिटलर कहलाया ‘फ़्यूहरर’! बवेरियन रेजिमेंट का एक सिपाही आखिर कैसे बना दुनिया का सबसे क्रूर तानाशाह? दिल्ली हाट, आईएनए में मिस्टर लिट्टीवाला संग बिहार के असली स्वाद का आनंद नेपाल के दिग्गज पर्वतारोही निर्मल ‘निम्स’ पुरजा की मौत, पाकिस्तान के ब्रॉड पीक पर हिमस्खलन में हुए थे लापता ट्रोजन हॉर्स: 3200 साल पुराने धोखे से लेकर आज के खतरनाक कंप्यूटर वायरस तक की कहानी

बिहार सरकार ने पिछले वर्ष 45 लाख से अधिक पशुओं का कराया इलाज

राज्य सरकार अब गांव-गांव में पशुओं को उपलब्ध करा रही है इलाज
2005 तक राज्य में केवल 814 पशु चिकित्सालय थे अब 1,135 हो गए
जिला मुख्यालयों में स्थित पशु चिकित्सालयों में 24X7 चिकित्सा सुविधा मिल रही
पशु चिकित्सा के लिए 58 एम्बुलेट्री वैन और 534 मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट कार्यरत

नई दिल्ली, (न्यूज ऑफ द डे)

राज्य ने पशु चिकित्सा सेवाओं में वित्तीय वर्ष 2024-25 में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जनवरी 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक इस वित्तीय वर्ष में सरकारी स्तर पर 45.70 लाख पशुओं को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाई गई है। वहीं इसी अवधि में 1.54 लाख पशुओं का बधियाकरण, 27,262 नमूनों की पैथोलॉजिकल जांच और 36.90 लाख पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान किया गया है।

साथ ही राज्य सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधान विभाग द्वारा संचालित एम्बुलेट्री वैन के माध्यम से 3,167 पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें 4.18 लाख पशुओं की चिकित्सा और 5,712 नमूनों की पैथोलॉजिकल जांच की गई। राज्य सरकार की इस पहल ने सुदूर इलाकों के पशुपालकों तक पहुंच बनाने और उनके पशुओं को चिकित्सा सुविधा मुहैया करवाने में कामयाबी पाई है।

करीब 7 करोड़ पशुओं का हुआ टीकाकरण

बीते 20 वर्षों में बिहार ने पशु चिकित्सा सुविधाओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2006-07 में जहां 24.96 लाख पशुओं को ही चिकित्सा सुविधा मिली थी वहीं अब यह बढ़कर 45 लाख से अधिक हो गई है। इस अवधि में पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान की संख्या 2.38 लाख से बढ़कर 44 लाख से अधिक हो गई है। पशुओं के टीकाकरण की व्यवस्था 2006-07 में शुरु हुई थी। वित्तीय वर्ष 2024-25 में करीब 7 करोड़ पशुओं का टीकाकरण हुआ है जो कि एक बड़ी उपलब्धि है।

पशुपालकों के द्वार तक पहुंची पशु चिकित्सा

राज्य सरकार ने पशु चिकित्सा सेवाओं के बुनियादी ढांचे में तेजी से सुधार किया है। वर्ष 2005 तक जहां बिहार में केवल 814 पशु चिकित्सालय थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 1,135 हो गई है। अब सभी जिला मुख्यालयों में स्थित पशु चिकित्सालयों में 24X7 चिकित्सा सुविधा शुरू की गई है। वर्ष 2005 से पहले जहां पशु चिकित्सा सुविधाएं बेहद सीमित थीं, ग्रामीण क्षेत्र में इसकी भारी कमी थी। वहीं 58 एम्बुलेट्री वैन और 534 मोबाइल पशु चिकित्सा यूनिट शुरू होने के बाद अब गांव-गांव में पशुपालकों के द्वार तक पशु चिकित्सा सुविधा मिलने लगी है। सरकार के ये प्रयास बिहार में पशुपालन क्षेत्र को सशक्त बनाने और पशुपालकों की आजीविका को बेहतर करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

संबंधित खबरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।