2022 के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहे भुवनेश्वर कुमार को Hong Kong Sixes में भारत की कप्तानी मिली है। 36 वर्षीय तेज गेंदबाज के लिए यह छोटे प्रारूप में अपनी मौजूदगी दिखाने का खास मौका होगा।
हांगकांग/ नई दिल्ली: अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार एक बार फिर भारतीय टीम की जर्सी में नजर आएंगे। हालांकि यह वापसी नियमित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए नहीं, बल्कि Hong Kong Sixes 2026 के लिए होगी।
भुवनेश्वर कुमार को 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया है। उनके नेतृत्व में सात सदस्यीय भारतीय टीम मैदान पर उतरेगी।
Hong Kong Sixes के लिए चुनी गई भारतीय टीम में अंतरराष्ट्रीय अनुभव, आईपीएल का अनुभव, आक्रामक बल्लेबाजी और गेंदबाजी का अच्छा मिश्रण दिखाई देता है। क्रिकेट हॉन्गकॉन्ग ने भी इसे टूर्नामेंट के इतिहास में भारत की सबसे मजबूत टीमों में से एक बताया है।
30 अक्टूबर से शुरू होगा टूर्नामेंट
Hong Kong Sixes 2026 का आयोजन 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक होगा। तीन दिन चलने वाले इस टूर्नामेंट में 12 टीमें हिस्सा लेंगी। सभी मुकाबले हॉन्गकॉन्ग के टिन क्वोंग रोड रिक्रिएशन ग्राउंड में खेले जाएंगे। टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया है और भारत को डिफेंडिंग चैंपियन पाकिस्तान तथा संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ ग्रुप C में रखा गया है।
ग्रुप A में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और मेजबान हॉन्गकॉन्ग, ग्रुप B में बांग्लादेश, स्कॉटलैंड और श्रीलंका, जबकि ग्रुप D में दक्षिण अफ्रीका, ओमान और अफगानिस्तान शामिल हैं। इस तरह टूर्नामेंट के ग्रुप चरण में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत भी देखने को मिलेगी।
भारत का पहला मुकाबला पाकिस्तान से
भारत अपने अभियान की शुरुआत 30 अक्टूबर को पाकिस्तान के खिलाफ करेगा। इसके बाद 31 अक्टूबर को भारतीय टीम UAE के खिलाफ ग्रुप मुकाबला खेलेगी। पाकिस्तान अपने अभियान में पहले UAE से भिड़ेगा और उसी दिन भारत के खिलाफ भी उतरेगा।
ग्रुप चरण के बाद चारों ग्रुप की शीर्ष टीमें कप सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। दूसरे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच प्लेट सेमीफाइनल होंगे, जबकि तीसरे स्थान वाली टीमें बाउल सेमीफाइनल में खेलेंगी। यानी टूर्नामेंट में हर टीम के लिए ग्रुप चरण के बाद भी आगे बढ़ने का रास्ता खुला रहेगा।
भारत की सात सदस्यीय टीम
Hong Kong Sixes के लिए भारतीय टीम में शामिल खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है:
- भुवनेश्वर कुमार (कप्तान)
- क्रुणाल पंड्या
- शशांक सिंह
- राहुल तेवतिया
- नीतीश राणा
- राहुल त्रिपाठी
- टी. नटराजन
भुवनेश्वर और क्रुणाल दोनों आईपीएल 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए खेले और टीम के खिताबी अभियान का हिस्सा रहे। वहीं शशांक सिंह पंजाब किंग्स, राहुल तेवतिया गुजरात टाइटंस, नीतीश राणा दिल्ली कैपिटल्स, राहुल त्रिपाठी कोलकाता नाइट राइडर्स और टी. नटराजन दिल्ली कैपिटल्स से जुड़े रहे।
भुवनेश्वर के लिए खास होगी यह वापसी
36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार की इस टीम में मौजूदगी सबसे ज्यादा चर्चा में है। उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच 2022 में खेला था। ऐसे में Hong Kong Sixes के लिए भारतीय टीम की कप्तानी मिलना उनके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट से जुड़े रहने का एक अलग मौका है। हालांकि इसे भारतीय राष्ट्रीय टीम में उनकी औपचारिक वापसी नहीं माना जा रहा है।
भुवनेश्वर ने हाल में यह भी स्पष्ट किया है कि उनका लक्ष्य केवल दोबारा भारतीय टीम में जगह बनाना नहीं है। उनका कहना है कि वह अब भी क्रिकेट से प्यार की वजह से खेल रहे हैं और अगर भारत की ओर से दोबारा खेलने का मौका मिलता है तो वह उसका स्वागत करेंगे।
यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आईपीएल 2026 में भुवनेश्वर का प्रदर्शन काफी प्रभावी रहा। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 16 मैचों में 28 विकेट लिए और 7.95 की इकॉनमी रेट के साथ सीजन का अंत किया। वह टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में शामिल रहे। उनसे आगे गुजरात टाइटंस के कगिसो रबाडा 29 विकेट के साथ रहे।
आईपीएल के बाद भुवनेश्वर ने यूपी टी20 लीग में भी गेंद से अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने अगस्त-सितंबर में खेले गए इस टूर्नामेंट में 11 मैचों में 14 विकेट हासिल किए। इस लगातार प्रदर्शन के बाद उनके संभावित भारत वापसी को लेकर चर्चा जरूर हुई, लेकिन फिलहाल उनका चयन Hong Kong Sixes के लिए हुआ है।
क्रुणाल पंड्या भी संभालेंगे अहम जिम्मेदारी
भारतीय टीम में क्रुणाल पंड्या की मौजूदगी भी अहम है। वह गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देने की क्षमता रखते हैं। हॉन्गकॉन्ग सिक्सेस जैसे छोटे और तेज प्रारूप में ऐसे खिलाड़ी की भूमिका और बढ़ जाती है, क्योंकि टीम में खिलाड़ियों की संख्या सीमित होती है और हर खिलाड़ी से एक से अधिक जिम्मेदारी निभाने की उम्मीद रहती है।
क्रुणाल और भुवनेश्वर ने आईपीएल 2026 में RCB के लिए साथ खेलते हुए टीम को खिताब दिलाने में योगदान दिया था। अब दोनों एक बार फिर एक ही टीम में दिखाई देंगे, लेकिन इस बार जिम्मेदारी भारतीय टीम को Hong Kong Sixes में आगे ले जाने की होगी।
ये भी पढ़ें :- नसीरुद्दीन शाह के CJP प्रदर्शन में शामिल होने पर भड़के पीयूष मिश्रा, बोले- ‘स्मित मच्छार की बहादुरी पर भी बोलिए’
बल्लेबाजी में भी कई आक्रामक विकल्प
भारत के पास इस टीम में आक्रामक बल्लेबाजी के कई विकल्प हैं। नीतीश राणा शीर्ष क्रम में तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। राहुल त्रिपाठी भी अपने आक्रामक अंदाज के लिए जाने जाते हैं। वहीं शशांक सिंह और राहुल तेवतिया फिनिशर की भूमिका निभा सकते हैं।
छोटे प्रारूप में यह संयोजन भारत के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। छह खिलाड़ियों वाले इस खेल में बल्लेबाजों को शुरुआत से ही तेजी से रन बनाने होते हैं और गेंदबाजों के लिए भी गलतियों की गुंजाइश काफी कम रहती है। ऐसे में टीम में ऐसे खिलाड़ियों का होना जरूरी है जो कम गेंदों में मैच का रुख बदल सकें।
गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार और टी. नटराजन भारतीय टीम को अनुभव देंगे। भुवनेश्वर नई गेंद से प्रभाव डालने की क्षमता रखते हैं, जबकि नटराजन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज के रूप में अलग विकल्प प्रदान करते हैं। क्रुणाल की स्पिन गेंदबाजी टीम के आक्रमण में विविधता जोड़ती है।
क्या है Hong Kong Sixes का प्रारूप?
Hong Kong Sixes क्रिकेट का एक बेहद तेज और आक्रामक प्रारूप है। जैसा कि नाम से स्पष्ट है, इसमें प्रत्येक टीम छह खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरती है। यह टूर्नामेंट पहली बार 1992 में आयोजित हुआ था और पिछले कुछ वर्षों में इसमें कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों ने हिस्सा लिया है। कुछ समय के अंतराल के बाद टूर्नामेंट की वापसी 2024 में हुई।
टूर्नामेंट छह खिलाड़ियों वाली तेज रफ्तार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतियोगिता है। इसमें प्रत्येक टीम को एक पारी में अधिकतम 6 ओवर मिलते हैं। आमतौर पर एक ओवर में 6 गेंद होती हैं, जबकि फाइनल में 8 गेंद का ओवर इस्तेमाल किया जाता है। गेंदबाजी में विकेटकीपर को छोड़कर हर फील्डर को कम से कम एक ओवर करना होता है। बल्लेबाज 50 रन जैसे निर्धारित स्कोर पर रिटायर होते हैं और बाद में दोबारा बल्लेबाजी कर सकते हैं।
2026 संस्करण में कुल 12 टीमें हिस्सा ले रही हैं और तीन दिनों में 25 मुकाबले खेले जाएंगे। ग्रुप चरण के बाद कप, प्लेट और बाउल प्रतियोगिताओं के जरिए टीमों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
पाकिस्तान के पास खिताब बचाने की चुनौती
पाकिस्तान इस बार डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में टूर्नामेंट में उतरेगा। उसने पिछले संस्करण के फाइनल में कुवैत को हराकर खिताब अपने नाम किया था। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने Hong Kong Sixes का अपना छठा खिताब हासिल किया था। अब उसकी नजर सातवीं ट्रॉफी पर होगी।
पिछले साल भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत की थी और डकवर्थ-लुईस-स्टर्न पद्धति से दो रन से जीत हासिल की थी। हालांकि इसके बाद भारतीय टीम अपने अगले दोनों मुकाबले हार गई और ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। इस बार भारत की कोशिश उस प्रदर्शन को सुधारने की होगी।
कप्तान के तौर पर भुवनेश्वर की चुनौतियां
पिछले साल भारतीय टीम की कप्तानी दिनेश कार्तिक ने की थी। उनके नेतृत्व वाली टीम में रोबिन उथप्पा, स्टुअर्ट बिन्नी, अभिन्यु मिथुन, शाहबाज नदीम, प्रियंक पांचाल और भरत चिपली जैसे पूर्व भारतीय खिलाड़ी शामिल थे। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना पहला मैच जीता था, लेकिन बाद के दो मुकाबलों में हार के कारण टीम प्रतियोगिता से बाहर हो गई।
अब भुवनेश्वर को इस टीम को आगे ले जाने की जिम्मेदारी दी गई है। उनके सामने केवल पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम की चुनौती नहीं होगी, बल्कि इस छोटे प्रारूप की परिस्थितियों के मुताबिक टीम का संतुलन बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होगा।
छह खिलाड़ियों वाले मैच में एक खिलाड़ी का खराब प्रदर्शन पूरे मुकाबले पर असर डाल सकता है। इसलिए कप्तान के तौर पर भुवनेश्वर को गेंदबाजी के साथ-साथ खिलाड़ियों की भूमिका और मैच की गति को समझकर फैसले लेने होंगे।
भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर रहेगी नजर
ग्रुप C में भारत, पाकिस्तान और UAE के होने के कारण इस ग्रुप का मुकाबला खास माना जा रहा है। भारत और पाकिस्तान का मैच 30 अक्टूबर को होगा। तीन टीमों के इस ग्रुप में हर मैच का महत्व काफी अधिक होगा, क्योंकि ग्रुप की स्थिति ही तय करेगी कि टीम कप, प्लेट या बाउल प्रतियोगिता में जाएगी।
भारत के पास इस बार अपनी पिछली असफलताओं को पीछे छोड़ने का मौका है। टीम में भुवनेश्वर कुमार जैसा अनुभवी कप्तान, क्रुणाल पंड्या जैसा ऑलराउंडर और शशांक सिंह, राहुल तेवतिया, नीतीश राणा और राहुल त्रिपाठी जैसे आक्रामक बल्लेबाजी विकल्प हैं। वहीं टी. नटराजन तेज गेंदबाजी विभाग में एक अतिरिक्त विकल्प देते हैं।


