मोटरस्पोर्ट को पहली बार भारत में आधिकारिक राष्ट्रीय खेल महासंघ का दर्जा मिला है। जानिए FMSCI क्या है, NSF बनने से क्या बदलेगा और Formula 1 की वापसी की कितनी संभावना है।
चेन्नई/ नई दिल्ली: शुक्रवार (24 जुलाई) का दिन भारत में मोटरस्पोर्ट के लिए एक ऐतिहासिक दिन साबित हुआ है। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (Ministry of Youth Affairs and Sports) ने Federation of Motor Sports Clubs of India (FMSCI) को प्रोविजनल नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (National Sports Federation-NSF) का दर्जा दे दिया।
इस फैसले के साथ पहली बार भारत में मोटरस्पोर्ट को सरकार की ओर से आधिकारिक राष्ट्रीय खेल महासंघ का दर्जा मिला है। खेल विशेषज्ञ इसे केवल प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि भारत में Formula 1, MotoGP, World Rally Championship (WRC) जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की वापसी की दिशा में सबसे बड़ा कदम मान रहे हैं।
यह मान्यता ऐसे समय मिली है, जब केंद्र सरकार भारत को वैश्विक मोटरस्पोर्ट मानचित्र पर फिर से स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रही है। हाल ही में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मोटरस्पोर्ट के विकास, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगितियों की मेजबानी और भारत में Formula 1 की वापसी की संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स गठित करने की घोषणा की थी।
अब FMSCI को NSF का दर्जा मिलने से सरकार और मोटरस्पोर्ट प्रशासन के बीच औपचारिक समन्वय और मजबूत होगा।
क्या है FMSCI?
Federation of Motor Sports Clubs of India (FMSCI) भारत में मोटरस्पोर्ट की सर्वोच्च शासी संस्था है। इसकी स्थापना 1971 में हुई थी और इसका मुख्यालय चेन्नई (तमिलनाडु) में स्थित है।
यह भारत में कार रेसिंग, रैली, कार्टिंग, मोटोक्रॉस, सुपरक्रॉस, ड्रैग रेसिंग और अन्य मोटरस्पोर्ट प्रतियोगितियों का संचालन और नियमन करती है।
FMSCI, विश्व मोटरस्पोर्ट की सर्वोच्च संस्था FIA (Fédération Internationale de l’Automobile) तथा दोपहिया मोटरस्पोर्ट की वैश्विक संस्था FIM (Fédération Internationale de Motocyclisme) से संबद्ध है।
यही संस्था भारत में रेसिंग लाइसेंस जारी करती है, राष्ट्रीय चैंपियनशिप आयोजित कराती है और अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुरूप प्रतियोगिताओं का संचालन सुनिश्चित करती है।
NSF क्या है?
National Sports Federation (राष्ट्रीय खेल महासंघ) वह संस्था है, जिसे भारत सरकार किसी विशेष खेल के संचालन, विकास, खिलाड़ियों के चयन और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधित्व के लिए आधिकारिक मान्यता देती है।
किसी भी मान्यता प्राप्त NSF की प्रमुख जिम्मेदारियां होती हैं जिनमें मुख्य रूप से –
- राष्ट्रीय चैंपियनशिप आयोजित करना।
- खिलाड़ियों का चयन कर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भेजना।
- खेल के नियमों और तकनीकी मानकों का पालन कराना।
- कोच, रेफरी और अधिकारियों का प्रशिक्षण।
- जमीनी स्तर पर खेल का विकास शामिल होगा।
- विश्व महासंघ (International Federation) और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के साथ समन्वय बनाए रखना।
NSF बनने के बाद संबंधित महासंघ सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय आयोजन संबंधी सहयोग का पात्र भी बन जाता है। FMSCI के मामले में भी यही सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
FMSCI को NSF का दर्जा मिलने से क्या बदलेगा?
इस मान्यता के बाद FMSCI अब आधिकारिक रूप से भारत में मोटरस्पोर्ट का राष्ट्रीय महासंघ होगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब मोटरस्पोर्ट को अन्य मान्यता प्राप्त खेलों की तरह सरकारी सहयोग और संस्थागत समर्थन मिल सकेगा।
इसके प्रमुख लाभ होंगे—
- खेल मंत्रालय से वित्तीय सहायता प्राप्त करने की पात्रता।
- खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रतिभा विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगितियों की मेजबानी के लिए सरकारी समन्वय।
- राज्यों में मोटरस्पोर्ट क्लबों का विस्तार।
- युवाओं के लिए नई प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना।
- Formula 1, MotoGP और World Rally Championship जैसे बड़े आयोजनों के लिए बेहतर संस्थागत ढांचा।
हालांकि, खेल मंत्रालय ने यह मान्यता प्रोविजनल (अस्थायी) रूप में दी है। FMSCI को अपने संविधान और नियमों में National Sports Governance Act, 2025 के अनुरूप बदलाव करने होंगे। यदि वह निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करता, तो सरकार के पास यह मान्यता वापस लेने का अधिकार भी रहेगा।
भारत में Formula 1 की वापसी तय?
FMSCI को NSF का दर्जा मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अब Formula 1 भारत लौटेगी? इसका सीधा जवाब है, अभी नहीं। लेकिन संभावना पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है।

भारत में आखिरी बार 2013 में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (ग्रेटर नोएडा) में Formula 1 इंडियन ग्रां प्री आयोजित हुई थी। टैक्स, व्यावसायिक और प्रशासनिक कारणों से इसके बाद यह आयोजन बंद हो गया।
अब खेल मंत्रालय, FMSCI और विभिन्न हितधारक मिलकर 2028 तक Formula 1 की वापसी की संभावनाओं पर काम कर रहे हैं। इसी उद्देश्य से सरकार ने मोटरस्पोर्ट टास्क फोर्स का गठन भी किया है, जो आर्थिक, पर्यटन, निवेश और बुनियादी ढांचे से जुड़े पहलुओं का अध्ययन कर रही है।
कैसे प्राप्त होता है NSF का दर्जा?
भारत में किसी भी खेल महासंघ को National Sports Federation (NSF) का दर्जा खेल मंत्रालय द्वारा निर्धारित नियमों और National Sports Governance Act, 2025 (पहले National Sports Development Code, 2011) के अनुरूप दिया जाता है।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी खेल का संचालन पारदर्शी, लोकतांत्रिक और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार हो।
किसी भी खेल महासंघ को NSF का दर्जा पाने के लिए सामान्य तौर पर निम्नलिखित प्रमुख शर्तें पूरी करनी होती हैं—
- संबंधित खेल की राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सर्वोच्च संस्था होना।
- संबंधित अंतरराष्ट्रीय महासंघ (जैसे FIA, FIFA, World Athletics आदि) से संबद्ध होना।
- अधिकांश राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में संबद्ध राज्य इकाइयों का होना।
- नियमित रूप से राष्ट्रीय चैंपियनशिप आयोजित करना।
- खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता और मेरिट आधारित प्रणाली अपनाना।
- संविधान, चुनाव प्रक्रिया और प्रशासन को खेल मंत्रालय के नियमों के अनुरूप रखना।
- वित्तीय लेखा-जोखा, ऑडिट और सुशासन (Good Governance) के मानकों का पालन करना।
- खिलाड़ियों की सुरक्षा, लैंगिक समानता और नैतिक आचरण संबंधी नियमों का पालन करना।
भारत में किन-किन खेलों को NSF का दर्जा प्राप्त है?
वर्तमान में देश में एथलेटिक्स, हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन, कुश्ती, मुक्केबाजी, निशानेबाजी, तीरंदाजी, टेनिस और शतरंज जैसे प्रमुख खेलों को NSF का दर्जा प्राप्त है। इन महासंघों की जिम्मेदारी राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आयोजित करना, खिलाड़ियों का चयन, प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करना और अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के साथ समन्वय बनाए रखना होती है।
अब Federation of Motor Sports Clubs of India (FMSCI) को भी प्रोविजनल NSF का दर्जा मिलने के बाद मोटरस्पोर्ट इस सूची में शामिल हो गया है। इससे भारतीय मोटरस्पोर्ट को सरकारी सहयोग, प्रतिभा विकास, बेहतर ढांचे और भविष्य में Formula 1 जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी की दिशा में नई मजबूती मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
क्या BCCI भी National Sports Federation है?
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को खेल मंत्रालय द्वारा National Sports Federation (NSF) के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है।
ऐसा इसलिए क्योंकि BCCI एक स्वायत्त (Autonomous) संस्था के रूप में कार्य करता है। उसे अपनी आय के लिए सरकारी अनुदान की आवश्यकता नहीं होती। उसकी आय मुख्य रूप से मीडिया अधिकार, प्रायोजन, IPL, द्विपक्षीय श्रृंखलाओं और ICC से मिलने वाले राजस्व से आती है।

हालांकि BCCI ही भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम का संचालन करता है और International Cricket Council (ICC) में भारत का आधिकारिक प्रतिनिधित्व भी करता है। इसलिए व्यवहारिक रूप से वह भारतीय क्रिकेट का सर्वोच्च निकाय है, लेकिन कानूनी रूप से वह खेल मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त NSF नहीं है।
यही कारण है कि उस पर अन्य NSF की तरह सरकारी वित्तीय निर्भरता या कुछ प्रशासनिक प्रावधान समान रूप से लागू नहीं होते।
FMSCI के लिए यह मान्यता इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?
अब तक FMSCI भारत में मोटरस्पोर्ट का संचालन तो कर रही थी, लेकिन उसे खेल मंत्रालय की औपचारिक NSF मान्यता प्राप्त नहीं थी। नई मान्यता के बाद पहली बार मोटरस्पोर्ट को अन्य प्रमुख खेलों के समान सरकारी खेल ढांचे का हिस्सा माना जाएगा।
इसका सीधा लाभ भारतीय ड्राइवरों, राइडरों, इंजीनियरों और मोटरस्पोर्ट क्लबों को मिलेगा। अब प्रतिभा विकास, राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और खेल अवसंरचना को सरकारी सहयोग मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।
साथ ही भारत में Formula 1, World Rally Championship और अन्य वैश्विक मोटरस्पोर्ट आयोजनों की मेजबानी के लिए संस्थागत आधार भी पहले से अधिक मजबूत होगा।
भारत में मोटरस्पोर्ट का भविष्य?
विशेषज्ञों का मानना है कि FMSCI को NSF का दर्जा मिलने का सबसे बड़ा फायदा केवल प्रशासनिक स्तर पर नहीं होगा, बल्कि इससे भारत में मोटरस्पोर्ट का पूरा इकोसिस्टम मजबूत होगा।
अब तक रेसिंग को मुख्यधारा के खेलों की तरह सरकारी समर्थन नहीं मिल पाता था। नई मान्यता के बाद प्रतिभा खोज (Talent Identification), जूनियर ड्राइवर विकास, ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर, अधिकारियों के प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी जैसे क्षेत्रों में अधिक संस्थागत सहयोग मिलने की संभावना है।
क्या भारत फिर से Formula 1 की मेजबानी कर सकता है?
यह सवाल इस फैसले के बाद सबसे अधिक चर्चा में है। भारत ने 2011, 2012 और 2013 में बुद्ध इंटरनेशनल सर्किट (ग्रेटर नोएडा) में सफलतापूर्वक Formula 1 इंडियन ग्रां प्री की मेजबानी की थी। लेकिन टैक्स विवाद, व्यावसायिक चुनौतियों और प्रमोटर संबंधी समस्याओं के कारण यह आयोजन बंद हो गया।
अब परिस्थितियां पहले से अलग हैं।
- भारत दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजारों में शामिल है।
- वैश्विक मोटरस्पोर्ट कंपनियों की भारत में रुचि बढ़ रही है।
- MotoGP जैसे बड़े आयोजन भारत में हो चुके हैं।
- सरकार खेल पर्यटन (Sports Tourism) और मेगा स्पोर्ट्स इवेंट्स को बढ़ावा देने की नीति पर काम कर रही है।
- FMSCI को NSF का दर्जा मिलने से सरकार और मोटरस्पोर्ट प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय संभव होगा।
हालांकि केवल NSF मान्यता मिल जाने से Formula 1 अपने आप भारत नहीं लौट आएगी। इसके लिए Formula One Management (FOM) के साथ व्यावसायिक समझौता, राज्य सरकार का सहयोग, सर्किट की FIA Grade-1 आवश्यकताओं का पालन, वित्तीय मॉडल और प्रसारण अधिकार जैसे कई मुद्दों पर सहमति बननी होगी।
खिलाड़ियों और भारतीय उद्योग को फायदा
FMSCI को NSF का दर्जा मिलने से केवल ड्राइवरों को ही नहीं बल्कि पूरे मोटरस्पोर्ट उद्योग को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इससे –
- युवा भारतीय रेसर्स को अधिक प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धा के अवसर मिलेंगे।
- इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल और मोटरस्पोर्ट टेक्नोलॉजी से जुड़े स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा।
- भारतीय ऑटोमोबाइल कंपनियां मोटरस्पोर्ट में अधिक निवेश कर सकती हैं।
- खेल पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो सकता है।
- भारत अंतरराष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट कैलेंडर में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार, FMSCI और निजी क्षेत्र मिलकर काम करें तो अगले कुछ वर्षों में भारत एशिया के प्रमुख मोटरस्पोर्ट केंद्रों में शामिल हो सकता है।
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