स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास भारत के लिए रवाना थाई कार्गो जहाज पर हमला किया गया, जिसका गंतव्य गुजरात का कांडला पोर्ट था।
मध्य-पूर्व में जारी तनाव अब समुद्री मार्गों तक पहुंच गया है। ईरान और इज़राइल के बीच चल रहे युद्ध को करीब 12 दिन हो चुके हैं और इसका असर अब अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों पर भी दिखाई देने लगा है। इसी बीच भारत की ओर आ रहे एक कार्गो जहाज पर हमला होने की खबर सामने आई है, जिससे समुद्री सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है।
गुजरात के कांडला पोर्ट की ओर जा रहा था जहाज
रिपोर्टों के अनुसार यह कार्गो जहाज भारत के कांडला पोर्ट की ओर जा रहा था। जहाज पर थाईलैंड का झंडा लगा हुआ था। जब जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास पहुंचा, तभी उस पर हमला किया गया। हमले के बाद जहाज में भीषण आग लग गई और समुद्र में अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
जहाज में लगी भीषण आग, चालक दल की सुरक्षा चिंता
हमले के बाद जहाज के अंदर तेज आग फैल गई। रिपोर्टों के मुताबिक जहाज पर मौजूद करीब 20 लोगों की जान खतरे में पड़ गई थी। आग लगने के बाद तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया और चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित निकालने की कोशिश की गई। हालांकि घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
वैश्विक व्यापार के लिए अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
जिस जगह यह हमला हुआ, वह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है और इसी रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस व्यापार होता है। इसलिए यहां किसी भी तरह की सुरक्षा घटना का असर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है।
बढ़ते तनाव से बढ़ी समुद्री सुरक्षा चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण इस क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा को लेकर खतरा बढ़ गया है। भारत समेत कई देशों के लिए यह समुद्री मार्ग व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता का कारण बन रही हैं।
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