Sunday, 23 August 2026
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जवानी में बढ़ रहा ‘साइलेंट’ फैटी लिवर: ये 9 गलत आदतें कर रहीं लिवर खराब, इन संकेतों को न करें नजरअंदाज

कम उम्र में बढ़ रहा नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर, जानिए 9 गलत आदतें जो लिवर को नुकसान पहुंचाती हैं, इसके संकेत क्या हैं और हेल्दी लिवर के आसान टिप्स

नई दिल्ली: आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल काम या पढ़ाई का दबाव नहीं है, बल्कि बदलती जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं भी हैं। डॉक्टरों के अनुसार कम उम्र में ही लिवर से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर Non-Alcoholic Fatty Liver Disease (NAFLD) युवाओं में चिंता का कारण बनता जा रहा है।

पहले यह समस्या आमतौर पर अधिक उम्र के लोगों में देखी जाती थी, लेकिन अब 20 से 35 वर्ष के बीच के युवाओं में भी इसके मामले बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका मुख्य कारण गलत खान-पान, शारीरिक गतिविधि की कमी और तनाव भरी जीवनशैली है। यदि समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए तो यह आगे चलकर लिवर में सूजन और गंभीर लिवर रोगों का कारण बन सकता है।

क्या है नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर

फैटी लिवर की स्थिति तब बनती है जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने लगती है। आमतौर पर लोग मानते हैं कि लिवर की बीमारी केवल शराब पीने से होती है, लेकिन Non-Alcoholic Fatty Liver Disease बिना शराब पिए भी हो सकती है। इस बीमारी में शरीर में जमा अतिरिक्त फैट धीरे-धीरे लिवर तक पहुंचने लगता है और वहां जमा हो जाता है।

शुरुआत में यह समस्या ज्यादा लक्षण नहीं दिखाती, लेकिन समय के साथ यह लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। अगर इसका इलाज या नियंत्रण समय पर न किया जाए तो यह लिवर में सूजन, फाइब्रोसिस या यहां तक कि सिरोसिस जैसी गंभीर स्थितियों का कारण बन सकती है।

क्यों बढ़ रहे हैं युवाओं में इसके मामले

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक जीवनशैली ने युवाओं की दिनचर्या को काफी बदल दिया है। देर रात तक जागना, लंबे समय तक लैपटॉप या मोबाइल पर काम करना, बाहर का खाना और कम शारीरिक गतिविधि अब आम बात हो गई है।

इसके अलावा फास्ट फूड, मीठे पेय और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का ज्यादा सेवन भी शरीर में अतिरिक्त कैलोरी और फैट बढ़ाता है। जब शरीर में फैट की मात्रा बढ़ जाती है, तो इसका असर धीरे-धीरे लिवर पर भी पड़ने लगता है। यही वजह है कि फैटी लिवर अब युवाओं में तेजी से बढ़ती समस्या बनता जा रहा है।

ये 9 गलत आदतें बढ़ा रही हैं फैटी लिवर का खतरा

डॉक्टरों का कहना है कि रोजमर्रा की कुछ आदतें लिवर के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकती हैं। यदि इन्हें समय रहते न बदला जाए तो फैटी लिवर का खतरा बढ़ सकता है।

  1. जंक और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन
  2. मीठे पेय और ज्यादा चीनी लेना
  3. लंबे समय तक बैठकर काम करना
  4. मोटापा या तेजी से बढ़ता वजन
  5. पर्याप्त नींद न लेना
  6. तला-भुना और बाहर का खाना ज्यादा खाना
  7. लगातार तनाव में रहना
  8. बहुत अधिक कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन
  9. नियमित स्वास्थ्य जांच न करवाना
    इन आदतों की वजह से शरीर में फैट जमा होने लगता है और धीरे-धीरे लिवर भी प्रभावित होने लगता है।

इन संकेतों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

फैटी लिवर की समस्या अक्सर शुरुआती चरण में ज्यादा स्पष्ट लक्षण नहीं देती। इसी कारण कई लोग इसे लंबे समय तक पहचान नहीं पाते। हालांकि कुछ संकेत ऐसे हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है। जैसे लगातार थकान महसूस होना, पेट के ऊपरी हिस्से में भारीपन या हल्का दर्द, भूख कम लगना, वजन का तेजी से बढ़ना और पेट के आसपास चर्बी जमा होना।

कुछ मामलों में कमजोरी, सुस्ती या हल्का पीलापन भी दिखाई दे सकता है। यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, क्योंकि समय पर जांच से समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।

हेल्दी लिवर के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स

लिवर को स्वस्थ रखने के लिए जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव काफी मददगार साबित हो सकते हैं। सबसे पहले रोज कम से कम 30 मिनट तक शारीरिक गतिविधि या व्यायाम करना चाहिए। इसके साथ ही जंक फूड और मीठे पेय का सेवन कम करना जरूरी है। अपने भोजन में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर चीजें शामिल करनी चाहिए। वजन को नियंत्रित रखना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि मोटापा फैटी लिवर का बड़ा कारण बन सकता है।

इसके अलावा दिनभर पर्याप्त पानी पीना, रात में 7 से 8 घंटे की नींद लेना और तनाव कम करने के लिए योग या ध्यान करना भी फायदेमंद होता है। समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाना भी जरूरी है ताकि किसी भी समस्या का पता शुरुआती चरण में ही लगाया जा सके।

जागरूकता और संतुलित जीवनशैली ही सबसे बड़ा बचाव

विशेषज्ञों का कहना है कि Non-Alcoholic Fatty Liver Disease एक ऐसी समस्या है जिसे सही समय पर पहचानकर काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि लोग अपनी जीवनशैली में सुधार करें और संतुलित आहार अपनाएं।

आज के युवाओं के लिए यह समझना बेहद जरूरी है कि सेहत को नजरअंदाज करना आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर न केवल लिवर बल्कि पूरे शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है।

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BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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