Friday, 02 October 2026
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डॉ. के. ए. पॉल ने विश्व नेतृत्व से की अपील; शांति को बताया विकास की शर्त

लोकतंत्र, संवाद और मानवीय दृष्टिकोण को संघर्ष समाधान का आधार बताया

कोलकाता: प्रेस सम्मेलन में डॉ. पॉल ने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियां शांति और संवाद की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग करती हैं।

मीडिया से बातचीत में डॉ. पॉल ने कहा कि भारत को विश्व शांति के एजेंडे में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 1981 से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति प्रयासों से जुड़े हैं। 15 जनवरी को अमेरिका के कैनसस स्थित अमेरिकी संसद में दिए अपने संबोधन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां उन्होंने वैश्विक संघर्षों को तुरंत रोकने की अपील की थी। इसके अलावा, उन्होंने कई वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय नेताओं के साथ भी विचार-विमर्श किया।

डॉ. पॉल ने 22 फरवरी को चेन्नई में आयोजित बहुधार्मिक शांति रैली का भी जिक्र किया, जिसमें विभिन्न आस्थाओं के धर्मगुरुओं और हजारों लोगों ने भाग लेकर संवाद और सद्भाव का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शांति पहल को राजनीतिक मतभेदों और विचारधारात्मक सीमाओं से ऊपर उठकर आगे बढ़ाना होगा। उनके अनुसार सरकारों, नागरिक समाज, धार्मिक संस्थानों और मीडिया के बीच सहयोग से ही स्थायी समाधान संभव है।

उन्होंने कहा, “जहां शांति होती है, वहीं समृद्धि और विकास का मार्ग खुलता है।” डॉ. पॉल ने स्थिरता और आर्थिक प्रगति के बीच सीधे संबंध पर जोर देते हुए कहा कि जिन शहरों और क्षेत्रों ने दीर्घकालिक योजना और सद्भाव को प्राथमिकता दी, वहां तेज विकास देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार का परिवर्तन उन क्षेत्रों में भी संभव है, जो शांति और वैश्विक सहयोग को प्राथमिकता देते हैं।

अंतरराष्ट्रीय संघर्षों से जुड़े सवालों पर उन्होंने कई देशों में अपनी मध्यस्थता की भूमिका का उल्लेख किया और नागरिकों, गैर-सरकारी संगठनों तथा वैश्विक नेताओं से जिम्मेदारीपूर्वक कदम उठाने की अपील की, ताकि व्यापक संकट को टाला जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र, संवाद और मानवीय दृष्टिकोण ही विवाद समाधान के मूल आधार हैं।

डॉ. पॉल ने पश्चिम बंगाल में एक बड़े शांति सम्मेलन के आयोजन की योजना की घोषणा भी की, जो उनके व्यापक वैश्विक अभियान का हिस्सा है। उन्होंने सभी धर्मों और समुदायों के लोगों से ग्लोबल पीस इनिशिएटिव से “पीस पार्टनर” के रूप में जुड़ने की अपील की और कहा कि यह अभियान आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि सक्रिय सहभागिता और एकजुटता पर आधारित है।

साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात की भी इच्छा जाहिर की और कहा कि वह वैश्विक शांति प्रयासों और शांति-आधारित विकास सहयोग के संभावित रास्तों पर चर्चा करना चाहते हैं।

डॉ. पॉल ने दोहराया कि मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में सामूहिक पहल और नैतिक नेतृत्व की आवश्यकता पहले से अधिक है। उन्होंने नेताओं और नागरिकों से अपील की कि वे विश्व शांति के लिए एकजुट होकर ठोस कदम उठाएं।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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