झारखंड सीएम हेमंत सोरेन के दिल्ली आवास पर पहुंची ईडी , पुलिस भी मौजूद, हो सकती है गिरफ्तारी

नई दिल्ली।

जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूछताछ करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम राजधानी दिल्ली स्थित हेमंत सोरेन के आवास पर पहुंची है। हेमंत सोरेन के दक्षिणी दिल्ली के पॉश इलाके शांति निकेतन आवास पर पहुंची ईडी की टीम उनसे जमीन घोटाले में पूछताछ करना चाहती है। सूत्रों की मानें तो इस मामले में उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। उनके आवास के बाहर और अंदर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।

हेमंत सोरेन से पहले भी पूछताछ हो चुकी है और ईडी ने रांची में आठ घंटे तक उनसे सवाल-जवाब किए थे। प्रवर्तन निदेशालय ने कथित भूमि घोटाले से जुड़े मनी-लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ के लिए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को कुछ दिन पहले दसवां समन जारी कर उन्हें 29 या 31 जनवरी को पेश होने को कहा था। ये भी कहा था अगर वह पेश नहीं होंगे तो खुद ईडी की टीम उनसे पूछताछ के लिए पहुंचेगी। ईडी द्वारा नया समन जारी किए जाने के बाद सोरेन अचानक दिल्ली रवाना हो गए थे।

ईडी ने 13 जनवरी को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 8वां समन जारी कर उनसे 16 जनवरी से 20 जनवरी के बीच मामले में पूछताछ के लिए उपलब्ध रहने को कहा था। इससे पहले वह 7वें समन पर ईडी के सामने पेश नहीं हुए थे। ईडी के समन का जवाब देते हुए सीएम सोरेन ने कहा था कि केंद्रीय जांच एजेंसी 20 जनवरी को उनके आवास पर उनका बयान दर्ज कर सकती है।

क्या है झारखंड भूमि घाटाले का पूरा केस?

ईडी ने रांची में सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन की अवैध खरीद फरोख्त का खुलासा किया था। केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में रांची के बड़गाईं अंचल के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद को गिरफ्तार किया था। उनके आवास और मोबाइल फोन से बड़ी मात्रा में सरकारी दस्तावेज बरामद हुए थे। इन दस्तावेजों की छानबीन और उनसे जुड़े तथ्यों के सत्यापन को लेकर ईडी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ कर रही है।

ईडी ने प्रदीप बागची, विष्णु कुमार अग्रवाल, भानु प्रताप प्रसाद और अन्य के खिलाफ झारखंड पुलिस और पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज की कई एफआईआर के आधार पर धन शोधन अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज करके तीन भूमि घोटालों की जांच शुरू की थी। इस मामले में जांच आगे बढ़ने पर ईडी अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच में पता चला कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ साठगांठ करके भू.माफियाओं के पक्ष में फर्जी तरीके से इन भू.खंडों का हस्तानांतरण किया था।

गिरफ्तार किए गए 14 आरोपियों में प्रदीप बागची, अफसर अली, सद्दाम हुसैन, इम्तियाज अहमद, तल्हा खान, फैयाज खान, भानु प्रताप प्रसाद, छवि रंजन, आईएएस (पूर्व डीसी रांची) दिलीप कुमार घोष, अमित कुमार अग्रवाल, विष्णु कुमार अग्रवाल शामिल हैं। वहीं भूमि घोटाले के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी अब तक 236 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्तियों को कुर्क कर चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version