Saturday, 22 August 2026
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उत्तराखंड में अवैध मदरसों पर शिकंजा, फंडिंग की होगी कड़ी जांच

अब तक 136 मदरसे सील, सीएम धामी ने दिए सख्त निर्देश

उत्तराखंड सरकार ने अवैध रूप से संचालित मदरसों के खिलाफ कड़ा अभियान छेड़ दिया है। अब तक प्रदेशभर में 136 अवैध मदरसों को सील किया जा चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिए हैं कि इन संस्थानों की फंडिंग के स्रोतों की गहन जांच की जाए और रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी जाए।

विदेशी और हवाला फंडिंग पर संदेह
सरकार को आशंका है कि इन मदरसों को हवाला या विदेशी स्रोतों से आर्थिक सहायता मिल रही है। इस संदिग्ध फंडिंग की पूरी जांच के लिए जिला स्तर पर विशेष कमेटी बनाई जाएगी, जो बैंक खातों, आय-व्यय और दस्तावेजों की गहन जांच करेगी।

रिपोर्टों के अनुसार, उत्तराखंड में 500 से अधिक अवैध मदरसे संचालित हो रहे हैं, जिनके संचालन और फंडिंग को लेकर प्रशासन के पास कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। इसके विपरीत, राज्य में करीब 450 मदरसे पंजीकृत हैं, जो सरकार को अपने दस्तावेज और वित्तीय जानकारी उपलब्ध कराते हैं।

सीमावर्ती इलाकों में अवैध मदरसों की बढ़ती संख्या
हाल के दिनों में यूपी की सीमा से लगे जसपुर, बाजपुर, किच्छा, काशीपुर, रुद्रपुर, गदरपुर, पछवादून और हरिद्वार में अवैध मदरसों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सरकार का मानना है कि ये बिना अनुमति के चल रहे मदरसे सुरक्षा के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय बन सकते हैं।

अवैध निर्माण पर कार्रवाई
सोमवार को देहरादून जिला प्रशासन ने सहसपुर में एक बड़े मदरसे को अवैध निर्माण के चलते सील कर दिया। मदरसे ने बिना अनुमति के अतिरिक्त मंजिल बना ली थी, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए इसे सील कर दिया और प्रबंधन पर कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई।

प्रदेश में अब तक सील किए गए अवैध मदरसे

  • ऊधम सिंह नगर – 64
  • देहरादून – 44
  • हरिद्वार – 26
  • पौड़ी गढ़वाल – 02

कानूनी कार्रवाई होगी जारी
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “प्रदेश में अवैध मदरसों, मजार और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। इनकी फंडिंग की गहराई से जांच होगी और किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मदरसे की फंडिंग में गड़बड़ी पाई जाती है, तो उसे तुरंत सील कर दिया जाएगा और उसके संचालकों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि प्रदेश में अवैध गतिविधियों को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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