‘सत्या’, ‘कंपनी’ और ‘डी’ जैसी फिल्मों के जरिए अंडरवर्ल्ड की कहानियां दिखा चुके राम गोपाल वर्मा एक बार फिर गैंगस्टर जॉनर में लौट रहे हैं। इस बार वह लेखक और सह-निर्माता हैं, जबकि मोहित सूरी फिल्म का निर्देशन करेंगे।
मुंबई: बॉलीवुड में गैंगस्टर और अंडरवर्ल्ड की कहानियों को एक अलग अंदाज में पर्दे पर उतारने वाले फिल्ममेकर राम गोपाल वर्मा एक बार फिर अपराध की दुनिया की ओर लौट रहे हैं। इस बार उनकी जोड़ी ‘सैयारा’ के निर्देशक मोहित सूरी के साथ बनी है। दोनों एक नई दो-हीरो वाली गैंगस्टर फिल्म पर काम कर रहे हैं।
राम गोपाल वर्मा इस फिल्म की कहानी और पटकथा लिख रहे हैं तथा सह-निर्माता के तौर पर भी जुड़े हैं, जबकि मोहित सूरी इसका निर्देशन करेंगे। फिल्म अभी शुरुआती चरण में है और इसके कलाकारों का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट को लेकर उत्सुकता तब और बढ़ गई, जब राम गोपाल वर्मा ने दावा किया कि मोहित सूरी के निर्देशन में बनने वाली यह फिल्म पैमाने के मामले में ‘धुरंधर’ से भी बड़ी और भावनात्मक रूप से उनकी चर्चित फिल्म ‘सत्या’ से भी ज्यादा जमीनी होगी।
राम गोपाल वर्मा ने खोले कहानी के राज
RGV ने 14 सितंबर को सोशल मीडिया मंच एक्स पर फिल्म से जुड़ी नई जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि फिल्म की कहानी उस दौर में स्थापित है, जब दाऊद इब्राहिम और छोटा राजन के बीच अलगाव हुआ था। उनके मुताबिक, कहानी में ‘सौत्या’ नाम के एक व्यक्ति की भूमिका इस घटनाक्रम से जुड़ी है।
आरजीवी ने यह भी कहा कि कहानी आगे बढ़ते हुए भारतीय खुफिया एजेंसियों की भूमिका और 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद हुई घटनाओं तक पहुंचती है। यानी फिल्म सिर्फ मुंबई अंडरवर्ल्ड की आपसी लड़ाई तक सीमित नहीं होगी, बल्कि अपराध की दुनिया, खुफिया गतिविधियों और उस दौर के बड़े घटनाक्रमों को एक साथ जोड़ने की कोशिश करेगी।
‘धुरंधर’ से बड़ी फिल्म बनाने का दावा
राम गोपाल वर्मा ने इस प्रोजेक्ट को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि मोहित सूरी ने उनके लिखे हुए विषय को एक अलग स्तर पर पहुंचाया है। आरजीवी के मुताबिक, इस कहानी में मोहित सूरी अपनी खास शैली के भावनात्मक किरदारों, संगीत और यथार्थवादी एक्शन को जोड़ रहे हैं।
इसी संदर्भ में राम गोपाल वर्मा ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि मोहित सूरी की यह फिल्म ‘धुरंधर’ से पैमाने में बड़ी होगी और ‘सत्या’ की तुलना में अपने भावनात्मक आधार में ज्यादा जमीनी होगी।
क्यों की ‘सत्या’ से तुलना?
राम गोपाल वर्मा और गैंगस्टर सिनेमा का रिश्ता काफी पुराना है। उनकी 1998 की फिल्म ‘सत्या’ मुंबई के अंडरवर्ल्ड की दुनिया पर केंद्रित थी। फिल्म में जेडी चक्रवर्ती, मनोज बाजपेयी, उर्मिला मातोंडकर, परेश रावल और सौरभ शुक्ला जैसे कलाकार नजर आए थे।
‘सत्या’ की खासियत यह थी कि फिल्म ने अपराध की दुनिया को सिर्फ बड़े-बड़े एक्शन दृश्यों के जरिए नहीं दिखाया, बल्कि उसके किरदारों, उनके रिश्तों और मुंबई के सामाजिक माहौल पर भी ध्यान दिया।
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल रॉटरडैम के रिकॉर्ड के अनुसार, फिल्म 1998 में बनी थी और मुंबई के अंडरवर्ल्ड की पृष्ठभूमि में एक ऐसे व्यक्ति की कहानी बताती है जो धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में पहुंच जाता है।
यही वजह है कि जब राम गोपाल वर्मा अपनी नई गैंगस्टर फिल्म को ‘सत्या’ से भी ज्यादा जमीनी बताते हैं, तो यह बयान खासा ध्यान खींचता है।
मोहित सूरी के लिए भी बिल्कुल अलग जॉनर
मोहित सूरी को आमतौर पर भावनात्मक और रोमांटिक कहानियों के लिए जाना जाता है। उनकी हालिया फिल्म ‘सैयारा’ ने उन्हें एक बार फिर युवा दर्शकों के बीच चर्चा में ला दिया। ऐसे में गैंगस्टर और अंडरवर्ल्ड की पृष्ठभूमि वाली यह फिल्म उनके लिए भी एक अलग तरह का प्रोजेक्ट होगी।
राम गोपाल वर्मा ने खुद इस अंतर को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि मोहित ने उनके लिखे हुए विषय में अपने अंदाज के भावनात्मक किरदार, संगीत और बेहद यथार्थवादी एक्शन को शामिल किया है।
यानी इस फिल्म में एक तरफ आरजीवी की अपराध और अंडरवर्ल्ड की दुनिया को समझने वाली दृष्टि होगी, तो दूसरी तरफ मोहित सूरी की भावनात्मक कहानी कहने की शैली।
फिल्म में होंगे दो हीरो
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह दो प्रमुख किरदारों पर आधारित फिल्म होगी। दोनों मुख्य भूमिकाएं कहानी में बराबर महत्व रखती हैं। अभी इन दोनों किरदारों को निभाने वाले कलाकारों के नाम सामने नहीं आए हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म के लिए दो बड़े सितारों को लेने पर विचार किया जा रहा है और कास्टिंग प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद इससे जुड़ी जानकारी सामने आ सकती है। फिल्म की शूटिंग फिलहाल 2027 के अंत के आसपास शुरू होने की संभावित योजना बताई गई है। हालांकि यह तारीख अंतिम नहीं है और निर्माताओं की तैयारियों के अनुसार इसमें बदलाव हो सकता है।
ये भी पढ़ें :- ग्लोबल पॉप स्टार ‘लेडी गागा’ बनीं मां, मंगेतर माइकल पोलान्स्की के साथ पहले बच्चे का किया स्वागत
यश राज फिल्म्स से भी जुड़ा है प्रोजेक्ट
इस फिल्म को लेकर सामने आई जानकारी में यश राज फिल्म्स का नाम भी महत्वपूर्ण है। रिपोर्टों के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट यश राज फिल्म्स से जुड़ा है और दो प्रमुख पुरुष किरदारों के इर्द-गिर्द कहानी तैयार की जा रही है।
हालांकि, फिल्म का आधिकारिक शीर्षक अभी सामने नहीं आया है। इसी तरह मुख्य कलाकारों, बजट, शूटिंग लोकेशन और रिलीज डेट की आधिकारिक घोषणा भी बाकी है।
इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी संभावित कास्टिंग या रिलीज डेट को फिलहाल पक्की जानकारी मानना जल्दबाजी होगी।
दाऊद इब्राहिम और छोटा राजन का अलगाव क्यों महत्वपूर्ण?
फिल्म की पृष्ठभूमि समझने के लिए मुंबई अंडरवर्ल्ड के इतिहास को समझना जरूरी है। दाऊद इब्राहिम का नाम भारत के सबसे चर्चित संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़ा रहा है। केंद्र सरकार ने दाऊद इब्राहिम को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी दाऊद से जुड़े डी-कंपनी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई से संबंधित मामलों की जानकारी जारी की है।
छोटा राजन लंबे समय तक दाऊद के करीबी सहयोगियों में गिना जाता था, लेकिन बाद में दोनों के रास्ते अलग हो गए। यही अलगाव मुंबई के अंडरवर्ल्ड के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जाता है।
राम गोपाल वर्मा की आने वाली फिल्म इसी दौर को अपनी कहानी का आधार बना रही है। हालांकि फिल्म में वास्तविक घटनाओं को किस दृष्टिकोण से दिखाया जाएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
1993 के मुंबई धमाकों का भी होगा संदर्भ
फिल्म की कहानी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा 1993 के मुंबई सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद के घटनाक्रम से जुड़ा बताया गया है।
12 मार्च 1993 को मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले में दर्ज विवरण के अनुसार इन धमाकों में 257 लोगों की मौत हुई थी और करीब 1,400 लोग घायल हुए थे।
इस मामले की जांच और मुकदमे ने भारत के आपराधिक और आतंकवाद-विरोधी इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान बनाया। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में 1993 के बॉम्बे बम धमाका मामले से जुड़ी साजिश, हथियारों और विस्फोटक सामग्री से संबंधित आरोपों का विस्तृत उल्लेख मिलता है।
राम गोपाल वर्मा के अनुसार, उनकी नई फिल्म इन धमाकों की घटना को सीधे दोहराने के बजाय उनके बाद के घटनाक्रम और भारतीय खुफिया एजेंसियों की भूमिका से जुड़े हिस्से को भी कहानी में शामिल करेगी।
‘सौत्या’ कौन है?
फिल्म की घोषणा के बाद सबसे ज्यादा उत्सुकता ‘सौत्या’ नाम को लेकर है। राम गोपाल वर्मा ने अपने बयान में कहा है कि दाऊद और छोटा राजन के बीच अलगाव की कहानी में इस व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है।
हालांकि, फिल्म के निर्माताओं ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि ‘सौत्या’ किसी वास्तविक व्यक्ति पर आधारित किरदार है या कहानी के लिए बनाया गया काल्पनिक नाम। इसलिए इस पात्र की पहचान को लेकर फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना सही नहीं होगा।
यही हिस्सा फिल्म की कहानी को लेकर सबसे ज्यादा जिज्ञासा पैदा कर रहा है, क्योंकि अगर इसे वास्तविक घटनाओं से प्रेरित किरदार के रूप में पेश किया जाता है तो फिल्म मुंबई अंडरवर्ल्ड के एक ऐसे दौर को नए नजरिए से देखने का मौका दे सकती है।
आरजीवी की बॉलीवुड में फिर वापसी
राम गोपाल वर्मा लंबे समय से अपराध, राजनीति और अंडरवर्ल्ड से जुड़ी कहानियों के लिए जाने जाते हैं। ‘सत्या’ के अलावा उन्होंने ‘कंपनी’ और ‘डी’ जैसी फिल्मों के जरिए मुंबई के अपराध जगत को अलग-अलग नजरियों से पर्दे पर पेश किया।
दिलचस्प बात यह है कि वह खुद भी हिंदी फिल्म निर्देशन में वापसी की तैयारी कर रहे हैं। ‘पुलिस स्टेशन में भूत’ नाम की उनकी आगामी फिल्म में मनोज बाजपेयी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म में राम्या कृष्णन और जेनेलिया डिसूजा भी शामिल हैं। इसके अलावा उनकी एक अन्य फिल्म ‘पुलिस कंपनी’ में हर्षवर्धन राणे के होने की जानकारी सामने आई है।
ऐसे में मोहित सूरी के साथ यह नया प्रोजेक्ट आरजीवी के लिए बतौर लेखक और सह-निर्माता एक अलग वापसी भी माना जा सकता है।
मोहित सूरी की ‘सैयारा’ के बाद नई चुनौती
मोहित सूरी के लिए भी यह प्रोजेक्ट खास है क्योंकि ‘सैयारा’ की सफलता के बाद अब वह एक बिल्कुल अलग तरह की कहानी पर काम करने जा रहे हैं। ‘सैयारा’ के बाद उनकी लोकप्रियता और दर्शकों के बीच चर्चा ने उनके अगले प्रोजेक्ट को लेकर पहले से ही उत्सुकता बढ़ा दी है।
सूरी इसके अलावा ‘सैयारा’ के मुख्य कलाकारों अहान पांडे और अनीत पड्डा के साथ एक और फिल्म पर काम कर रहे हैं, जिसे भी यश राज फिल्म्स से जुड़ा बताया गया है।
इस लिहाज से आरजीवी के साथ गैंगस्टर फिल्म उनकी फिल्मोग्राफी में एक बड़ा बदलाव लेकर आ सकती है।
