Saturday, 03 October 2026
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प्रख्यात उद्योगपति दीनदयाल गुप्ता नहीं रहे, होजरी उद्योग को दिया नई पहचान

साधारण शुरुआत से कंपनी को राष्ट्रीय पहचान दिलाई, सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में भी अहम भूमिका

कोलकाता: डॉलर इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के संस्थापक एवं चेयरमैन एमेरिटस तथा देश के प्रतिष्ठित उद्योगपति श्री दीनदयाल गुप्ता का आज कोलकाता में उम्र संबंधी बीमारियों के चलते निधन हो गया, जिससे उद्योग जगत को गहरा आघात पहुंचा है।

श्री गुप्ता एक दूरदर्शी नेता और कंपनी की सफलता के प्रमुख सूत्रधार थे। उन्होंने पांच दशकों से अधिक समय तक अटूट समर्पण, दूरदृष्टि और ईमानदारी के साथ कंपनी का नेतृत्व किया। उनके मार्गदर्शन में डॉलर इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड ने एक छोटे स्तर से शुरुआत कर देश की अग्रणी होजरी और परिधान कंपनियों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनके नेतृत्व में कंपनी ने 1700 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबारी आकार हासिल किया।

13 सितंबर 1937 को हरियाणा के भिवानी जिले के मंहेरी गांव में एक साधारण परिवार में जन्मे श्री गुप्ता का जीवन संघर्ष, दृढ़ संकल्प और बड़े सपने देखने की प्रेरणा का प्रतीक रहा। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने 1962 में कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) का रुख किया और ग्राहकों की जरूरतों एवं बजट के अनुरूप होजरी उत्पादों के निर्माण और विपणन की शुरुआत की। उन्होंने उत्पादन और फिनिशिंग सुविधाओं का विस्तार किया, मजबूत रिटेल नेटवर्क विकसित किया और उन बाजारों तक पहुंच बनाई जिन्हें अन्य कंपनियों ने नजरअंदाज किया था।

1972 में उन्होंने डॉलर इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की नींव रखी। उनकी उद्यमशीलता और अथक परिश्रम ने कंपनी को एक भरोसेमंद और लोकप्रिय ब्रांड में परिवर्तित किया, जो गुणवत्ता, नवाचार और मजबूत बाजार पकड़ के लिए जाना जाता है। कंपनी ने शुरुआती वर्षों में ही मध्य प्रदेश (वर्तमान मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़), पूर्वोत्तर भारत के सातों राज्यों और दार्जिलिंग जैसे दुर्गम क्षेत्रों तक अपनी पहुंच स्थापित की।

व्यवसाय के साथ-साथ श्री गुप्ता सामाजिक और सामुदायिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे। वे आर्य प्रतिनिधि सभा और बंगाल प्रतिनिधि सभा की विभिन्न इकाइयों में महत्वपूर्ण भूमिकाओं में रहे। वे सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के पूर्व उपाध्यक्ष और अजमेर स्थित परोपकारिणी सभा के सक्रिय सदस्य भी थे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कोलकाता की मारवाड़ी रिलीफ सोसायटी में बर्न्स यूनिट एवं संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा। वे पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर स्थित हरियाणा विद्या मंदिर स्कूल के संस्थापक रहे, जो सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध है। इसके अतिरिक्त, वे कई गुरुकुलों के सह-संस्थापक एवं संरक्षक रहे और अपने पैतृक गांव मंहेरी के विद्यालय के पुनर्जीवन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका मानना था कि शिक्षा ही सामाजिक विकास और राष्ट्र निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम है।

उन्होंने वृद्धजन कल्याण से जुड़े संगठनों—महार्षि दयानंद योगाश्रम, त्रिपुरा और सुखानंद फाउंडेशन—के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके प्रयासों का प्रभाव उद्योग से आगे बढ़कर समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचा।

अपने दीर्घ और सफल करियर के दौरान श्री गुप्ता को कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए, जिनमें वेस्ट बंगाल होजरी एसोसिएशन का लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और सनमार्ग बिजनेस अवॉर्ड शामिल हैं।

श्री दीनदयाल गुप्ता अपने पीछे पत्नी, चार पुत्रों और पोते-पोतियों का एक बड़ा परिवार छोड़ गए हैं, जो वर्तमान में डॉलर इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड के व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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