Saturday, 03 October 2026
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9 मार्च को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जुटेंगे देशभर के पेंशनधारक, न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की करेंगे मांग

नई दिल्ली, 7 मार्च 2026:

ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति (NAC) ने 9 से 11 मार्च तक नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर तीन दिवसीय देशव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की है। इस प्रदर्शन में देशभर से पेंशनधारक शामिल होकर कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) में तत्काल सुधार और न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग उठाएंगे।

यह प्रदर्शन NAC के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत के नेतृत्व में होगा और यह संसद के चल रहे बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान आयोजित किया जा रहा है। पेंशनधारक इस प्रदर्शन के माध्यम से देश के विधायकों और नीति-निर्माताओं का ध्यान लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।

वर्तमान में देशभर में लगभग 81 लाख पेंशनधारक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा संचालित ईपीएस-95 योजना पर निर्भर हैं। सेवा के दौरान 30 से 35 वर्षों तक पेंशन फंड में योगदान देने के बावजूद, इस योजना के तहत मिलने वाली औसत मासिक पेंशन मात्र लगभग 1,171 रुपये है।

केंद्र और राज्य सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों, सहकारी तथा निजी क्षेत्र की संस्थाओं, मिलों और मीडिया प्रतिष्ठानों से जुड़े लगभग 81 लाख पेंशनधारक, ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के बैनर तले अपनी आवाज उठा रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत के नेतृत्व में यह संगठन पिछले नौ वर्षों से लगातार आंदोलन चला रहा है—जिसमें सड़कों पर प्रदर्शन से लेकर नीति-निर्माताओं के समक्ष अपनी मांगें रखने तक के प्रयास शामिल हैं। समिति पेंशनधारकों को न्याय दिलाने और अपनी चार प्रमुख मांगों को लागू कराने के लिए संघर्ष कर रही है।

इस दौरान NAC ने प्रधानमंत्री, यूनियन मंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों को कई बार ज्ञापन और प्रतिनिधित्व सौंपे हैं, ताकि बुजुर्ग पेंशनधारकों की समस्याओं का समाधान किया जा सके। हालांकि समिति का कहना है कि इन लगातार अपीलों के बावजूद पेंशनधारकों की चिंताओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया है।

पेंशनधारकों का कहना है कि EPFO पेंशन फंड में 30 से 35 वर्षों तक नियमित योगदान देने के बाद भी आज कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों को औसतन केवल 1,171 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है, जो वर्तमान महंगाई के दौर में बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए भी पर्याप्त नहीं है। NAC ने यह भी सवाल उठाया है कि जब कई सरकारी योजनाओं के तहत बिना दीर्घकालिक योगदान के भी पेंशन दी जा रही है, तो दशकों तक योगदान देने वाले पेंशनधारकों को इतनी कम राशि क्यों मिल रही है।

समिति का कहना है कि अत्यंत कम पेंशन और व्यापक नि:शुल्क चिकित्सा सुविधाओं के अभाव ने देशभर के कई बुजुर्ग पेंशनधारकों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों में धकेल दिया है। NAC नेताओं के अनुसार आर्थिक तंगी और उचित चिकित्सा सुविधाओं की कमी के कारण देशभर में प्रतिदिन लगभग 200–250 पेंशनधारकों की असमय मृत्यु हो रही है।

ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने कहा, “ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति पिछले लगभग एक दशक से देशभर के पेंशनधारकों की आवाज लगातार उठा रही है। इन पेंशनधारकों ने अपने पूरे कार्यकाल में देश की अर्थव्यवस्था के निर्माण में योगदान दिया और नियमित रूप से EPFO पेंशन फंड में राशि जमा की। लेकिन आज उन्हें इतनी कम पेंशन मिल रही है कि उससे उनकी बुनियादी जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं। संसद सत्र के दौरान इस प्रदर्शन के माध्यम से हम सरकार और सांसदों से अपील कर रहे हैं कि ईपीएस-95 पेंशनधारकों के लंबे समय से लंबित मुद्दे का जल्द समाधान किया जाए।”

देश के विभिन्न राज्यों से ईपीएस-95 राष्ट्रीय संघर्ष समिति से जुड़े पेंशनधारकों के बड़े प्रतिनिधिमंडल के दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। NAC नेतृत्व का कहना है कि यह प्रदर्शन पेंशन सुधारों की आवश्यकता को रेखांकित करने और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

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पेंशनधारकों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

1- न्यूनतम पेंशन ₹7,500 प्रति माह के साथ महंगाई भत्ता (DA) दिया जाए।

2- पेंशनधारकों और उनके जीवनसाथियों को नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

3- सुप्रीम कोर्ट के 4 नवंबर 2022 के निर्णय के अनुसार सभी पात्र पेंशनधारकों को उच्च पेंशन का लाभ समान रूप से दिया जाए।

4- जो पेंशनधारक ईपीएस-95 योजना से वंचित रह गए हैं, उन्हें ₹5,000 प्रति माह पेंशन प्रदान की जाए।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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