Friday, 23 October 2026
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MERI में अंतरिक्ष अध्ययन विभाग का शुभारंभ, भारत की स्पेस आत्मनिर्भरता पर ज़ोर

भारत को अंतरिक्ष तकनीक में आत्मनिर्भर बनना होगा: लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. पीजेएस पन्नू

नई दिल्ली, 3 जनवरी 2026:

जनकपुरी स्थित मैनेजमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (MERI) ने अपने शैक्षणिक विस्तार की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस स्टडीज का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में अकादमिक उत्साह और गंभीर विमर्श देखने को मिला, जो MERI की भविष्यवादी और अंतरविषयक शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कार्यक्रम की शुरुआत छात्रों द्वारा स्मृति-चिह्न भेंट करने से हुई, जिसके बाद डॉ. तपस डे ने उपस्थित सभी सदस्यों को MERI की आचार संहिता की शपथ दिलाई। MERI ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन के वाइस प्रेसिडेंट प्रो. ललित अग्रवाल ने अतिथियों, शिक्षकों, छात्रों और गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसके बाद डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस स्टडीज के डिजिटल लोगो का अनावरण किया गया।

नए विभाग का परिचय देते हुए वक्ताओं ने आज के दौर में अंतरिक्ष विज्ञान के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अब स्पेस स्टडीज केवल विज्ञान और इंजीनियरिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें तकनीक, प्रबंधन, नीति और कानून जैसे क्षेत्र भी शामिल हो चुके हैं। यह दृष्टिकोण भारत के एक उभरते टेक्नो-इकोनॉमिक पावर के रूप में स्थापित होने के अनुरूप है और छात्रों के लिए शोध एवं तकनीकी क्षेत्रों में नए अवसर खोलेगा।

मुख्य वक्तव्य लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. पीजेएस पन्नू ने दिया। उन्होंने कहा कि मानव ज्ञान और नवाचार का सृजनकर्ता है और भारत को अन्य देशों पर निर्भर रहने के बजाय अंतरिक्ष तकनीक में आत्मनिर्भर बनना चाहिए। उन्होंने बताया कि यह विभाग रॉकेट डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में छात्रों को प्रशिक्षित करेगा। डॉ. पन्नू ने उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में ऐसे प्रयास प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि में योगदान देंगे और MERI द्वारा भविष्य में Orbit 26–27 नामक संभावित मिशन की भी परिकल्पना रखी।

इंटरैक्टिव सत्र के दौरान डॉ. पन्नू ने विभिन्न क्षेत्रों में अंतरिक्ष विज्ञान के अनुप्रयोगों पर चर्चा की और वैज्ञानिक प्रगति को सभ्यता के विकास से जोड़ा। उन्होंने कहा कि भारत, एक महान सभ्यता होने के नाते, अंतरिक्ष विज्ञान में अग्रणी भूमिका निभा सकता है, बशर्ते युवा पीढ़ी को नवाचारी और वैज्ञानिक सोच के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए MERI ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूशन के चेयरमैन श्री आई. पी. अग्रवाल ने कहा कि MERI दूरदर्शी शैक्षणिक दृष्टिकोण अपनाकर खुद को अन्य संस्थानों से अलग स्थापित करना चाहता है। उन्होंने डॉ. पन्नू के विचारों का उल्लेख करते हुए छात्रों को प्रेरित किया और कहा, “उठो, जागो, चलो और चलते रहो जब तक आप अपनी मंज़िल तक नहीं पहुँच जाते।”

कार्यक्रम का समापन MERI की डीन डॉ. दीपशिखा कालरा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शिक्षकों, स्टाफ और छात्रों के प्रति आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) राकेश खुराना (सलाहकार), प्रो. (डॉ.) रमाकांत द्विवेदी (हेड, CIS MERI), श्रीमती कांता अग्रवाल, डॉ. ममता अग्रवाल, श्री एस. के. अग्रवाल (सीएफओ) और श्री कुश अग्रवाल सहित शिक्षक और कर्मचारी मौजूद रहे। डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस स्टडीज का शुभारंभ युवाओं को अत्याधुनिक ज्ञान से सशक्त बनाने और भारत के अंतरिक्ष विज्ञान एवं तकनीकी भविष्य में योगदान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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