Sunday, 04 October 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
Brisbane 2032 Olympics: लॉन्च से पहले ही लीक हुआ ओलंपिक-पैरालंपिक लोगो, YouTube वीडियो ने खोला पूरा राज महंगाई के बीच ‘नायरा एनर्जी’ ने दिया बड़ा झटका, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर किया महंगा Lhuan-dre Pretorius ने तोड़ा Chris Gayle का रिकॉर्ड, 20 वर्षीय दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी ने खेली टी20 की सर्वश्रेष्ठ पारी भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर जीता एशियन गेम्स गोल्ड! अभिषेक-तिलक की फिफ्टी के बाद हसन नवाज़ के 96 रनों ने बढ़ाई दिलों की धड़कन प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत पर गहराया रहस्य! 33 सेकंड के वीडियो में दिखी ‘रसिक दुलारी शरण’ की आखिरी हलचल, आश्रम ने बदले नियम WhatsApp New Parental Controls: अब माता-पिता कर सकेंगे बच्चों के WhatsApp अकाउंट को कंट्रोल, जानें कैसे काम करेगा नया फीचर? ईरान में शांति की पहल का डॉ. के. ए. पॉल ने किया स्वागत, पेजेशकियन और ट्रंप समेत नेताओं को धन्यवाद Samsung Galaxy S27 Series: Exynos 2700 की बढ़ी प्रोडक्शन, S27 Ultra में 3x कैमरा हटने की चर्चा; जानें डिजाइन, कैमरा, बैटरी और कीमत से जुड़ी हर जानकारी Brisbane 2032 Olympics: लॉन्च से पहले ही लीक हुआ ओलंपिक-पैरालंपिक लोगो, YouTube वीडियो ने खोला पूरा राज महंगाई के बीच ‘नायरा एनर्जी’ ने दिया बड़ा झटका, पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर किया महंगा Lhuan-dre Pretorius ने तोड़ा Chris Gayle का रिकॉर्ड, 20 वर्षीय दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी ने खेली टी20 की सर्वश्रेष्ठ पारी भारत ने पाकिस्तान को 19 रन से हराकर जीता एशियन गेम्स गोल्ड! अभिषेक-तिलक की फिफ्टी के बाद हसन नवाज़ के 96 रनों ने बढ़ाई दिलों की धड़कन प्रेमानंद महाराज के शिष्य की मौत पर गहराया रहस्य! 33 सेकंड के वीडियो में दिखी ‘रसिक दुलारी शरण’ की आखिरी हलचल, आश्रम ने बदले नियम WhatsApp New Parental Controls: अब माता-पिता कर सकेंगे बच्चों के WhatsApp अकाउंट को कंट्रोल, जानें कैसे काम करेगा नया फीचर? ईरान में शांति की पहल का डॉ. के. ए. पॉल ने किया स्वागत, पेजेशकियन और ट्रंप समेत नेताओं को धन्यवाद Samsung Galaxy S27 Series: Exynos 2700 की बढ़ी प्रोडक्शन, S27 Ultra में 3x कैमरा हटने की चर्चा; जानें डिजाइन, कैमरा, बैटरी और कीमत से जुड़ी हर जानकारी

Remembering KK : चार साल बाद भी दिलों में जिंदा KK की वो मधुर आवाज, जिसने तीन दशकों तक बिखेरा सुरों का जादू

31 मई (रविवार) को देश के मशहूर गायक केके को गुजरे चार साल हो गए हैं। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर जानते हैं उनके जीवन से जुड़े संघर्ष, सफलता और कुछ रोचक किस्से…

अमेरिकी संगीतकार मर्लिन मैनसन ने कहा था कि “संगीत जादू का सबसे शक्तिशाली रूप है”। मर्लिन मैनसन की कही यह बात तब सच लगने लगती है जब केके की मधुर आवाज किसी संगीत प्रेमी के कानों में पड़ती है। प्रेम से लेकर पार्टी और पार्टी से लेकर दोस्ती तक, हर तरह के मूड और माहौल के लिए केके की गायकी को याद किया जाता है। कोई उन्हें आज के जमाने का किशोर कुमार कहता है, तो कोई उन्हें इमरान हाशमी की ऑफिशियल वॉइस के रूप में भी याद करता है। हिंदी, गुजराती, तमिल, कन्नड़, तेलुगु, बंगाली, मराठी, असमिया, मलयालम समेत 11 अलग-अलग भाषाओं में 700 से भी अधिक गाने गाने वाले KK आज भले ही हम सब के बीच भौतिक रूप से मौजूद न हों, लेकिन उनके गाने और उनके सुरों का जादू आज भी उनके श्रोताओं के दिलों में जिंदा है।

दिल्ली में बीता बचपन

KK का जन्म 23 अगस्त, 1968 को एक मलयाली परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम कृष्णकुमार कुन्नथ था। KK का शुरुआती जीवन दिल्ली में बीता। दिल्ली के किरोडीमल कॉलेज से उन्होंने कॉमर्स से स्नातक की पढ़ाई की। पढाई पूरी करने के बाद KK ने एक कंपनी में 6 महीने तक बतौर मार्केटिंग एक्जिक्यूटिव नौकरी भी की।

नौकरी छोड़ संगीत में हाथ आजमाया

बचपन से ही केके की रुचि संगीत की तरफ थी। हालांकि केके ने संगीत या गायन के क्षेत्र में कोई ट्रेनिंग नहीं ली थी। बावजूद इसके उनकी आवाज में एक ऐसा ठहराव था कि लोग तुरंत उनकी आवाज के कायल हो जाते थे। अपने इसी जुनून का पीछा करते हुए केके ने अपनी नौकरी छोड़ दी और 1994 में वे इंडस्ट्री आ गए।

3000 से अधिक जिंगल गाए

केके ने अपने दिल की सुन तो ली थी, लेकिन बॉलीवुड में अपने पैर जमा पाना इतना आसान नहीं था। केके को भी मेनस्ट्रीम में आने से पहले एक लंबा संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने होटलों में गाने गाए। इसके अलावा बॉलीवुड में काम मिलने से पहले उन्होंने 3000 से भी अधिक जिंगल गाए। आपको बता दें कि जिंगल एक प्रकार के छोटे, लेकिन आकर्षक धुन होते हैं, जिनका उपयोग मुख्य रूप से विज्ञापनों में किया जाता है।

रहमान और गुलजार की फिल्मों में गानों से मिला ब्रेक

एक लंबे संघर्ष के बाद आखिरकार साल 1996 में आई तमिल फिल्म कधल देसम के एक गाने ‘कल्लूड़ी सलाई’ में KK को कोरस पार्ट गाने का मौका मिला। इस गाने का संगीत एआर रहमान ने दिया था। उसी साल KK ने गुलजार द्वारा निर्देशित फिल्म माचिस के भी एक गाने “छोड़ आए हम’ की कुछ लाइनें  गाकर बॉलीवुड में भी दस्तक दे दी।

1999 बना सबसे यादगार साल

साल 1999 KK के करियर का सबसे यादगार साल बनकर सामने आया। इस साल उन्होंने तड़प-तड़प (हम दिल दे चुके सनम) गाने से बतौर प्लेबैक सिंगर अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की। इस गाने ने देखते ही देखते केके को एक स्टार बना दिया। उसी साल केके ने अपने पहले म्यूजिक एल्बल ‘पल’ को भी रिलीज किया। इस एल्बम में कुल आठ गाने थे, जिसके दो गाने ‘पल’ और ‘यारों’ ने लोगों को KK के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ दिया। ये दोनों गाने 90 के दशक में बड़े हुए बच्चों की यादों का आज भी एक अटूट हिस्सा हैं। इन गानों को आज भी किसी स्कूल या दफ्तर में विदाई समारोह के अवसर पर सुनने की मांग उठती रहती है।

KK के कुछ मशहूर गाने

यूं तो KK के सभी गाने सीधे श्रोताओं के दिलों में बसते हैं और उनके द्वारा गाए गानों की प्लेलिस्ट भी बड़ी लंबी है। उनमें से कुछ ऐसे गाने जो उनके फैंस के द्वारा सबसे अधिक पसंद किए गए वो हैं – अजब सी (ओम शांति ओम), खुदा जाने (बचना ऐ हसीनों), दिल इबादत (तुम मिले), बीते लम्हें (द ट्रेन), तू ही मेरी शब है (गैंगस्टर) ,तड़प तड़प के (हम दिल दे चुके सनम), ज़रा सा (जन्नत), प्यार के पल (पल – एल्बम), दस बहाने (दस), क्या मुझे प्यार है (वो लम्हे), मत आज़मा रे (मर्डर 3), लबों को (भूल भुल्लैया), जावेदां है (1920 एविल रिटर्न्स), ओ मेरी जान (लाईफ इन ए… मेट्रो)

स्टारडम से अलग सिर्फ संगीत को दी प्राथमिकता

दिलचस्प बात यह है कि केके ने स्टारडम के पीछे भागने के बजाय हमेशा संगीत को प्राथमिकता दी। उन्होंने कम सार्वजनिक उपस्थितियां दीं, लेकिन जब भी मंच पर आए, अपनी गायकी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि वे कभी भी शादियों में गाना नहीं गाएंगे, चाहे उसके लिए उन्हें एक करोड़ रुपये ही क्यों न मिलें। यह बयान दर्शाता है कि KK के लिए गायन सिर्फ एक पैसे कमाने का जरिया न होकर एक पवित्र कला थी।

एक गायक ने मंच से छोड़ी दुनिया

31 मई 2022 को कोलकाता में एक लाइव कॉन्सर्ट के दौरान अचानक केके अस्वस्थ हो गए और अस्पताल ले जाते समय उनका निधन हो गया। वह 53 वर्ष के थे। बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हृदयाघात (मायोकार्डियल इन्फार्क्शन) को उनकी मृत्यु का संभावित कारण बताया गया। चार साल बाद भी केके केवल एक गायक नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की यादों का हिस्सा हैं। उनकी आवाज़ में ऐसी सादगी और गहराई थी जो आज भी सीधे श्रोताओं के दिल तक पहुंचती है।

ये भी पढ़ें :- ‘Brown’ Trailer Release : करिश्मा कपूर का डार्क अवतार, हेलेन की वापसी ने बढ़ाया रोमांच

Home » Remembering KK : चार साल बाद भी दिलों में जिंदा KK की वो मधुर आवाज, जिसने तीन दशकों तक बिखेरा सुरों का जादू

शेयर करें: Facebook X WhatsApp

MD Faijan

लेखक

मोहम्मद फैजान न्यूज़ ऑफ द डे में पत्रकार हैं, जहाँ वे खेल, मनोरंजन, राजनीति और अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं। इससे पहले वे यूट्यूब चैनल स्पोर्ट्स यारी में सोशल मीडिया एग्जीक्यूटिव के रूप में कार्य कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने डिजिटल कंटेंट मैनेजमेंट और ऑडियंस एंगेजमेंट का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। भारत के छत्तीसगढ़ राज्य के कोरिया जिले से संबंध रखने वाले फैजान आधुनिक मीडिया कार्यप्रणालियों की अच्छी समझ रखते हैं और कहानी कहने के विभिन्न रूपों में गहरी रुचि रखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version