भारतीय लड़की इरा राऊत ने 10 साल की उम्र में स्कूबा डाइविंग के छह विश्व रिकॉर्ड बनाए। कारवार की छात्रा ने अंडमान के शहीद द्वीप में यह उपलब्धि हासिल की
शहीद द्वीप: भारतीय नौसेना के अधिकारियों की 10 वर्षीय बेटी इरा आदित्य राऊत ने स्कूबा डाइविंग के क्षेत्र में छह विश्व रिकॉर्ड बनाकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कर्नाटक के कारवार स्थित नेवल चिल्ड्रन्स स्कूल में कक्षा पांचवीं की छात्रा इरा ने 10 वर्ष, 17 घंटे और 35 मिनट की उम्र में दुनिया की सबसे कम उम्र की योग्य स्कूबा डाइवर बनने का रिकॉर्ड बनाया।
इरा ने ये उपलब्धियां अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के शहीद द्वीप स्थित डाइव ट्राइब सेंटर में हासिल कीं। उनकी स्कूबा डाइविंग योग्यता को स्कूबा स्कूल्स इंटरनेशनल (SSI) ने प्रमाणित किया। इंटरनेशनल बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अरविंदर सिंह भट्टी ने उनके छह रिकॉर्डों का निर्णयन और सत्यापन किया।
इरा ने सबसे कम उम्र की योग्य स्कूबा डाइवर बनने के अलावा पानी के भीतर एक मिनट में सर्वाधिक स्कूबा डाइविंग हैंड सिग्नल प्रदर्शित करने, डाइविंग उपकरणों की पहचान करने और एक मिनट में सर्वाधिक दूरी तय करने के रिकॉर्ड भी बनाए। ये तीनों उपलब्धियां किशोर आयु वर्ग से कम उम्र के प्रतिभागियों की श्रेणी में दर्ज की गईं।
इसके अलावा, इरा ने पानी के भीतर सर्वाधिक समुद्री जीव प्रजातियों की पहचान करने और एक ही दिन में छह विश्व रिकॉर्ड बनाने की उपलब्धि हासिल की।
अपनी सफलता पर इरा ने कहा कि समुद्र के भीतर स्कूबा डाइविंग करना उनके लिए रोमांचक अनुभव रहा। उन्होंने कम उम्र में रिकॉर्ड बनाने पर खुशी जताई और आगे भी नई चीजें सीखने तथा समुद्री दुनिया को करीब से जानने की इच्छा व्यक्त की।
इरा भारतीय नौसेना में सेवारत कमांडर स्नेह बुडाकोटी और कमांडर आदित्य राऊत की बेटी हैं। वह सेवानिवृत्त कमांडर अशोक राजाराम राऊत की पोती भी हैं। उनकी उपलब्धि ने कम उम्र में साहसिक गतिविधियों और समुद्री दुनिया के प्रति जिज्ञासा की एक प्रेरक मिसाल पेश की है।
महज 10 साल की उम्र में इरा आदित्य राऊत ने रचा इतिहास! कर्नाटक के कारवार की इस छात्रा ने एक ही दिन में छह विश्व रिकॉर्ड बनाकर दुनिया की सबसे कम उम्र की योग्य स्कूबा डाइवर बनने का गौरव हासिल किया।
