भारत-ताजिकिस्तान रोड एक्सपीडिशन को दुशांबे में हरी झंडी दिखाई गई। अभियान कनेक्टिविटी, व्यापार, संस्कृति और द्विपक्षीय सहयोग पर फोकस करेगा
दुशांबे, ताजिकिस्तान: भारत के राजदूत राजेश उइके ने दुशांबे के इस्माइल सोमोनी स्क्वायर से भारत-ताजिकिस्तान रोड एक्सपीडिशन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अभियान का उद्देश्य दोनों देशों के बीच लोगों के आपसी संपर्क को बढ़ाना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है।
कार्यक्रम में ताजिकिस्तान में यूनेस्को की महासचिव और ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रालय के यूनेस्को डिवीजन की प्रमुख जुल्फिया बुरहोन, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति के अधीन सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक रिसर्च के निदेशक प्रो. उस्मोनजोडा, इंडोलॉजी विशेषज्ञ, शिक्षाविद और मीडिया प्रतिनिधि शामिल हुए।
अतिथियों ने अभियान की सराहना की और कहा कि यह पहल भारत और ताजिकिस्तान के लोगों तथा संस्थानों के बीच संपर्क बढ़ाने में मदद करेगी। भारत में ताजिकिस्तान के राजदूत लुकमोन बोबोबकलोंजोडा ने भी अभियान दल को शुभकामनाएं दीं।
ताजिकिस्तान ने 9 सितंबर 2026 को अपनी स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ मनाई। इस अवसर के बाद आयोजित यह अभियान दोनों देशों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है।
MERI CIS के नेतृत्व में रोड एक्सपीडिशन
MERI सेंटर फॉर इंटरनेशनल स्टडीज (CIS) इस अभियान का संचालन प्रो. (डॉ.) रमाकांत द्विवेदी के नेतृत्व में कर रहा है। वह MERI CIS के प्रमुख और इंडिया-सेंट्रल एशिया फाउंडेशन (ICAF) के निदेशक हैं।
MERI ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के उपाध्यक्ष प्रो. ललित अग्रवाल और लव अग्रवाल भी अभियान दल में शामिल हैं।
यह अभियान 7 से 21 सितंबर 2026 तक ताजिकिस्तान के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरेगा। टीम सड़क यात्रा, क्षेत्रीय अध्ययन और स्थानीय संवाद के माध्यम से ताजिकिस्तान की कनेक्टिविटी, आर्थिक क्षमता, क्षेत्रीय विकास और सांस्कृतिक विरासत का अध्ययन करेगी।
कनेक्टिविटी और व्यापार पर फोकस
अभियान के दौरान टीम परिवहन गलियारों की भूमिका का अध्ययन करेगी। इसके साथ ही भारत और ताजिकिस्तान के साझा हितों को समझकर सहयोग की नई संभावनाओं की पहचान की जाएगी।
टीम द्विपक्षीय और बहुपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के व्यावहारिक अवसरों का भी अध्ययन करेगी। MERI CIS अभियान के संचालन के साथ संबंधित मंत्रालयों, दूतावासों और अन्य संस्थानों के साथ समन्वय कर रहा है।
ताजिकिस्तान के प्रमुख क्षेत्रों से गुजरेगा अभियान
अभियान का निर्धारित मार्ग दुशांबे, बुख्तर (अजिना टेपे), कुलोब, दरवोज, खोरोग, इश्काशिम, कालाई खुम्ब, दंगारा, नुरेक, इस्कंदरकुल झील, पंजाकेंट, खोजेंट और फिर दुशांबे तक है।
इस यात्रा से टीम ताजिकिस्तान की भौगोलिक विविधता, परिवहन व्यवस्था, सांस्कृतिक विरासत और क्षेत्रीय आर्थिक संभावनाओं को करीब से समझेगी।
भारत-मध्य एशिया संबंधों को मिलेगा बढ़ावा
भारत-ताजिकिस्तान रोड एक्सपीडिशन शैक्षणिक संवाद, सांस्कृतिक समझ, क्षेत्रीय अध्ययन और संस्थागत सहयोग के जरिए भारत-मध्य एशिया संबंधों को मजबूत करने का प्रयास करेगा।
अभियान के जरिए व्यापार, कनेक्टिविटी, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क के क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया जाएगा।
