Tuesday, 15 September 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
वायनाड में डॉ. भार्गव मल्लप्पा की पुस्तक ‘द मोदी एरा: इंडियाज जर्नी ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ का विमोचन राम गोपाल वर्मा की नई फिल्म होगी ‘धुरंधर’ से भी बड़ी? मोहित सूरी संग मिलकर बना रहे गैंगस्टर ड्रामा! जानिए फिल्म की कहानी हिंदी दिवस 2026: हिंदी सिर्फ भारत की भाषा नहीं! दुनिया के इन देशों में भी बोली-समझी जाती है हिंदी MPSC Paper Leak Row: अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल होगी CJP, चेयरमैन-सेक्रेटरी के इस्तीफे की मांग के साथ दिया अल्टीमेटम US Open 2026: फाइनल में अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने बेन शेल्टन हराकर जीता खिताब, 6 साल पुराना सपना किया पूरा भारत-ताजिकिस्तान रोड एक्सपीडिशन को दुशांबे में हरी झंडी, संबंध मजबूत करने पर जोर Roald Dahl: कैसे एक युद्ध पायलट बना बच्चों की दुनिया का मशहूर कहानीकार? 110वीं जयंती पर जानिए उनके जीवन की पूरी कहानी पूर्वोत्तर भारत के विकास पर HRDS India और Arcadis का फोकस, 1 अरब यूरो कार्यक्रम की संभावना वायनाड में डॉ. भार्गव मल्लप्पा की पुस्तक ‘द मोदी एरा: इंडियाज जर्नी ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ का विमोचन राम गोपाल वर्मा की नई फिल्म होगी ‘धुरंधर’ से भी बड़ी? मोहित सूरी संग मिलकर बना रहे गैंगस्टर ड्रामा! जानिए फिल्म की कहानी हिंदी दिवस 2026: हिंदी सिर्फ भारत की भाषा नहीं! दुनिया के इन देशों में भी बोली-समझी जाती है हिंदी MPSC Paper Leak Row: अभ्यर्थियों के आंदोलन में शामिल होगी CJP, चेयरमैन-सेक्रेटरी के इस्तीफे की मांग के साथ दिया अल्टीमेटम US Open 2026: फाइनल में अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने बेन शेल्टन हराकर जीता खिताब, 6 साल पुराना सपना किया पूरा भारत-ताजिकिस्तान रोड एक्सपीडिशन को दुशांबे में हरी झंडी, संबंध मजबूत करने पर जोर Roald Dahl: कैसे एक युद्ध पायलट बना बच्चों की दुनिया का मशहूर कहानीकार? 110वीं जयंती पर जानिए उनके जीवन की पूरी कहानी पूर्वोत्तर भारत के विकास पर HRDS India और Arcadis का फोकस, 1 अरब यूरो कार्यक्रम की संभावना

सर्दियों में बढ़ा ड्राई स्किन संकट, ठंड और कम नमी से बिगड़ी त्वचा की हालत

सर्दियों में त्वचा का संतुलन बिगड़ा: ठंडी हवाओं, कम नमी और गरम पानी से बढ़ी ड्राई स्किन, खुजली और फटने की समस्या — विशेषज्ञों ने बताए बचाव के तरीके

नई दिल्ली, सर्दियों की दस्तक के साथ ही राजधानी और उत्तर भारत के कई हिस्सों में लोगों को त्वचा संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ठंडी हवाएं और कम नमी के कारण बड़ी संख्या में लोग त्वचा फटने, खुजली और लाल चकत्तों जैसी परेशानियों से जूझ रहे हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट्स का कहना है कि सर्दियों में नमी का स्तर घटने से त्वचा की moisture barrier कमजोर हो जाती है, जिससे त्वचा का प्राकृतिक तेल खत्म होने लगता है।

सर्दी और स्किन ड्रायनेस: वैज्ञानिक कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, सर्द मौसम में हवा में नमी का स्तर घटकर 30% तक रह जाता है, जबकि त्वचा के लिए 60% नमी आदर्श मानी जाती है। इससे त्वचा में मौजूद पानी तेजी से वाष्पित हो जाता है, जिसे Trans-Epidermal Water Loss कहा जाता है। यही वजह है कि होंठ फटना, हाथों में दरारें पड़ना और चेहरा खुरदुरा होना आम हो जाता है।

डॉक्टरों ने बताए मुख्य कारण

त्वचा रोग विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में
• बार-बार गरम पानी से नहाना
• अल्कोहल युक्त साबुन और क्लीनर का प्रयोग
• हीटर के पास ज्यादा देर रहना
• और पर्याप्त पानी न पीना
त्वचा की नमी को तेजी से कम कर देता है।

दिल्ली स्थित डॉ. रचना अग्रवाल के अनुसार, “सर्दियों में शरीर की त्वचा डिहाइड्रेट होती है, जिससे eczema और dermatitis जैसी स्थितियां बढ़ जाती हैं। सही स्किनकेयर रूटीन और ह्यूमिडिफायर का प्रयोग काफी मददगार हो सकता है।”

क्या करें – क्या न करें

• बहुत गरम पानी से न नहाएं, केवल गुनगुना पानी इस्तेमाल करें।
• नहाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइज़र लगाएं ताकि त्वचा की नमी बंद हो जाए।
• क्रीम-बेस्ड या ऑइल-बेस्ड मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें, लोशन नहीं।
• घर में ह्यूमिडिफायर लगाएं और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें।
• बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना न भूलें, क्योंकि सर्दियों में भी 80% UV किरणें त्वचा को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

विशेषज्ञों की सलाह

अगर त्वचा पर खुजली, जलन या फटी जगहों से खून आने जैसी समस्या हो तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।
भारतीय त्वचा रोग संघ (IADVL) के अनुसार, सर्दियों में ointment-based मॉइस्चराइज़र सामान्य क्रीम से 50% अधिक असरदार होते हैं।

तथ्य और रिपोर्ट्स

• सर्दियों में 80% लोगों को किसी न किसी रूप में ड्राई स्किन या xerosis की समस्या होती है।
• महिलाएं पुरुषों की तुलना में 1.5 गुना अधिक प्रभावित होती हैं।
• ठंड के मौसम में त्वचा में रक्त परिसंचरण कम होने से उसकी चमक घट जाती है।

सर्दी के मौसम में त्वचा की सुरक्षा केवल सौंदर्य नहीं बल्कि स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित मॉइस्चराइजिंग, संतुलित आहार और नमी युक्त वातावरण बनाए रखने से सर्दियों में त्वचा की सेहत को सुरक्षित रखा जा सकता है।

सर्दियां खूबसूरत हैं, लेकिन त्वचा की देखभाल के बिना यही मौसम तकलीफ बन सकता है।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version