रोनाल्डो ने छह यूरो कप टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और 14 गोल के साथ प्रतियोगिता के सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी बने। उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में यूरो 2016 का खिताब खास रहा।
लिस्बन: फुटबॉल की दुनिया में एक युग का अंत होने जा रहा है। पुर्तगाल के दिग्गज खिलाड़ी क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। 41 साल के रोनाल्डो ने गुरुवार, 5 नवंबर को सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी।
रोनाल्डो ने अपने करियर में पुर्तगाल के लिए 234 मुकाबले खेले और 146 गोल किए। दोनों ही आंकड़े पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में विश्व रिकॉर्ड हैं। वह पुर्तगाल के सबसे ज्यादा मैच खेलने और सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी हैं।
उनके नाम छह फीफा विश्व कप में खेलने और छह अलग-अलग विश्व कप संस्करणों में गोल करने का रिकॉर्ड भी दर्ज है।
वीडियो संदेश में क्या बोले रोनाल्डो?
रोनाल्डो ने अपने संन्यास की घोषणा एक भावुक वीडियो संदेश के जरिए की। उन्होंने पुर्तगाल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि अब राष्ट्रीय टीम की सात नंबर की जर्सी लौटाने का समय आ गया है। उनके मुताबिक, यह जर्सी कभी केवल उनकी नहीं थी, बल्कि 23 साल तक इसे पहनना, इसकी जिम्मेदारी निभाना और दुनिया भर के मैदानों में इसका प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सम्मान की बात रही।
उन्होंने कहा कि यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि कुछ फैसले केवल दिमाग से नहीं, बल्कि दिल से भी लिए जाते हैं। अगस्त 2003 में शुरू हुआ उनका यह सफर उनकी जिंदगी बदलने वाला अनुभव रहा। पीछे मुड़कर देखने पर उन्हें केवल मैच, गोल, रिकॉर्ड और ट्रॉफियां ही याद नहीं आतीं, बल्कि उन लोगों की यादें भी आती हैं जिनके साथ उन्होंने यह यात्रा पूरी की।
रोनाल्डो ने कहा कि फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं है, बल्कि इससे जुड़े लोग और उनकी भावनाएं इसे खास बनाती हैं। अपने संदेश में उन्होंने यह भी कहा कि गोल और रिकॉर्ड समय के साथ बदल सकते हैं। ट्रॉफियां संग्रहालयों में रखी रह जाती हैं और कोई न कोई खिलाड़ी पुराने रिकॉर्ड तोड़ देता है, लेकिन लोगों के दिलों में बनाई गई जगह हमेशा बनी रहती है।
23 साल, 234 मैच और 146 गोल का रिकॉर्ड
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 20 अगस्त 2003 को कजाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले से पुर्तगाल की सीनियर राष्ट्रीय टीम में पदार्पण किया था। उस समय उनकी उम्र महज 18 साल थी। शुरुआती दौर में वह टीम के युवा खिलाड़ियों में शामिल थे, लेकिन कुछ ही समय में अपनी तेज रफ्तार, शानदार ड्रिब्लिंग और गोल करने की क्षमता के दम पर टीम के अहम खिलाड़ी बन गए।
यूरो 2004 में रोनाल्डो ने पहली बार किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व किया। इसी प्रतियोगिता में ग्रीस के खिलाफ उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए अपना पहला गोल किया। इसके बाद उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया और वह पुर्तगाल के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों में शामिल हो गए।
करीब 23 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में रोनाल्डो ने 234 मुकाबले खेले और 146 गोल दागे। पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में उनसे ज्यादा गोल किसी खिलाड़ी ने नहीं किए हैं। इस सूची में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी 126 गोल के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि ईरान के पूर्व खिलाड़ी अली दाई 108 गोल के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
रोनाल्डो के 146 गोल में से 124 गोल प्रतिस्पर्धी मुकाबलों में आए, जिनमें विश्व कप, यूरोपीय चैंपियनशिप, नेशंस लीग और इनके क्वालिफायर शामिल हैं। बाकी 22 गोल उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मैत्री मुकाबलों में किए। उनके नाम पुर्तगाल के लिए 10 अंतरराष्ट्रीय हैट्रिक भी दर्ज हैं।
छह विश्व कप खेलने वाले पहले खिलाड़ी
रोनाल्डो का करियर केवल गोल और मैचों की संख्या तक सीमित नहीं है। उन्होंने छह अलग-अलग फीफा विश्व कप संस्करणों में पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व किया। इनमें 2006, 2010, 2014, 2018, 2022 और 2026 के विश्व कप शामिल हैं। वह छह विश्व कप खेलने वाले चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल रहे और इन सभी छह संस्करणों में गोल करने वाले पहले फुटबॉलर बने।
फीफा विश्व कप में रोनाल्डो ने कुल 27 मुकाबले खेले और 11 गोल किए। 2026 विश्व कप में उन्होंने उजबेकिस्तान के खिलाफ गोल करके छह अलग-अलग संस्करणों में गोल करने का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने फुटबॉल इतिहास में अपनी जगह और मजबूत कर ली।
हालांकि, पुर्तगाल का 2026 विश्व कप अभियान राउंड ऑफ 16 में स्पेन के खिलाफ हार के साथ समाप्त हुआ। यह टूर्नामेंट रोनाल्डो के विश्व कप करियर का आखिरी पड़ाव भी साबित हुआ। छह विश्व कप में खेलने के बाद अब उन्होंने राष्ट्रीय टीम से भी विदाई लेने का फैसला किया है।
यूरो कप में भी रोनाल्डो के नाम कई रिकॉर्ड
विश्व कप के अलावा यूरोपीय फुटबॉल चैंपियनशिप यानी यूरो कप में भी रोनाल्डो का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने छह यूरो टूर्नामेंट में हिस्सा लिया और इस प्रतियोगिता के इतिहास में सबसे ज्यादा 14 गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। 2004 में पहली बार यूरो कप खेलने वाले रोनाल्डो ने 2008, 2012, 2016, 2020 और 2024 में भी पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व किया।
उनके करियर का सबसे यादगार अंतरराष्ट्रीय पल 2016 में आया, जब पुर्तगाल ने पहली बार यूरोपीय चैंपियनशिप का खिताब जीता। फ्रांस में खेले गए फाइनल में पुर्तगाल का सामना मेजबान फ्रांस से हुआ था। मुकाबले के दौरान रोनाल्डो चोटिल होकर मैदान से बाहर हो गए थे, लेकिन टीम ने अतिरिक्त समय में गोल करके 1-0 से जीत दर्ज की और पहली बार यूरो कप ट्रॉफी अपने नाम की।
इस जीत ने पुर्तगाल फुटबॉल के इतिहास में नया अध्याय जोड़ा। रोनाल्डो के लिए यह खिताब इसलिए भी खास था, क्योंकि राष्ट्रीय टीम के साथ किसी बड़े टूर्नामेंट की ट्रॉफी जीतने का उनका सपना पूरा हुआ था। वह उस टीम के कप्तान थे जिसने पुर्तगाल को पहली बार यूरोप का चैंपियन बनाया।
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दो बार नेशंस लीग विजेता
यूरो 2016 की सफलता के बाद रोनाल्डो ने पुर्तगाल को एक और बड़ी उपलब्धि दिलाने में अहम भूमिका निभाई। साल 2019 में पुर्तगाल ने पहली बार UEFA नेशंस लीग का खिताब जीता। इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में रोनाल्डो ने स्विट्जरलैंड के खिलाफ हैट्रिक लगाई थी और टीम को फाइनल तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया था।
इसके बाद 2025 में पुर्तगाल ने दूसरी बार नेशंस लीग का खिताब अपने नाम किया। इस तरह रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय करियर में तीन बड़ी ट्रॉफियां शामिल रहीं। इनमें 2016 का यूरो कप और 2019 तथा 2025 के नेशंस लीग खिताब शामिल हैं।
इन उपलब्धियों ने उन्हें पुर्तगाल के सबसे सफल फुटबॉल खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। उनसे पहले पुर्तगाल ने कई बेहतरीन खिलाड़ी दिए थे, लेकिन राष्ट्रीय टीम को बड़े अंतरराष्ट्रीय खिताब दिलाने में रोनाल्डो की भूमिका बेहद अहम रही।
आखिरी बार पुर्तगाल के लिए कब खेले थे रोनाल्डो?
उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक, रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए अपना आखिरी मुकाबला 24 सितंबर 2026 को वेल्स के खिलाफ खेला था। UEFA नेशंस लीग के इस मैच में पुर्तगाल ने 1-0 से जीत दर्ज की थी। रोनाल्डो ने शुरुआती एकादश में जगह बनाई और 67 मिनट तक मैदान पर रहे।
इसके बाद राष्ट्रीय टीम के साथ उनका भविष्य चर्चा में रहा। हालांकि, संन्यास की घोषणा करते हुए रोनाल्डो ने अपने फैसले को भावनात्मक बताया और नवंबर के अंतरराष्ट्रीय ब्रेक के बाद सात नंबर की जर्सी लौटाने की बात कही। पुर्तगाल फुटबॉल महासंघ ने भी उनके योगदान के लिए आभार जताया है।
महासंघ ने कहा कि रोनाल्डो ने पुर्तगाल की पहचान और प्रतिष्ठा को दुनिया भर में मजबूत किया है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया है, जो उनके नक्शेकदम पर चलने का सपना देखते हैं। महासंघ ने यह भी कहा कि वह रोनाल्डो के सम्मान में एक विशेष समारोह आयोजित करना चाहता है, ताकि प्रशंसक और देश उन्हें उनके योगदान के लिए धन्यवाद दे सकें।
क्या क्लब फुटबॉल से भी संन्यास ले रहे हैं रोनाल्डो?
रोनाल्डो के फैसले के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वह अब फुटबॉल के मैदान पर नजर नहीं आएंगे? आपको बता दें कि उनका संन्यास केवल पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम से है। वह क्लब स्तर पर खेलना जारी रखेंगे और फिलहाल सऊदी अरब के क्लब अल-नस्र से जुड़े हुए हैं।
रोनाल्डो क्लब फुटबॉल में अपना करियर जारी रखेंगे। वह अपने पेशेवर करियर में 1,000 गोल पूरे करने के लक्ष्य के करीब भी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उनके कुल गोल की संख्या 985 थी। ऐसे में आने वाले समय में उनकी नजर इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंचने पर होगी।
रोनाल्डो ने अपने करियर में मैनचेस्टर यूनाइटेड, रियल मैड्रिड, युवेंटस और अल-नस्र जैसे क्लबों के लिए खेला है। क्लब स्तर पर भी उन्होंने कई बड़े खिताब और व्यक्तिगत पुरस्कार जीते हैं। पांच बार बैलन डी’ओर जीतने वाले रोनाल्डो को आधुनिक फुटबॉल के महानतम खिलाड़ियों में गिना जाता है।
मेसी के बाद रोनाल्डो की विदाई
रोनाल्डो के संन्यास की घोषणा ऐसे समय आई है, जब उनके लंबे समय के प्रतिद्वंद्वी लियोनेल मेसी भी अर्जेंटीना की राष्ट्रीय टीम के साथ अपना अंतरराष्ट्रीय सफर समाप्त कर चुके हैं। मेसी और रोनाल्डो ने करीब दो दशकों तक फुटबॉल की दुनिया में अपनी प्रतिद्वंद्विता से प्रशंसकों का ध्यान खींचा। दोनों ने अलग-अलग देशों और क्लबों के लिए खेलते हुए कई रिकॉर्ड बनाए और व्यक्तिगत पुरस्कार जीते।
मेसी ने अर्जेंटीना को 2021 में कोपा अमेरिका और 2022 में फीफा विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई। वहीं, रोनाल्डो ने पुर्तगाल को 2016 यूरो कप और दो नेशंस लीग खिताब दिलाए। दोनों खिलाड़ियों की उपलब्धियां और खेलने का अंदाज अलग रहा, लेकिन फुटबॉल की एक पूरी पीढ़ी पर उनका प्रभाव असाधारण रहा है।
अब रोनाल्डो के इस फैसले के साथ राष्ट्रीय टीम स्तर पर इस चर्चित प्रतिद्वंद्विता का एक और बड़ा अध्याय समाप्त हो गया है। पुर्तगाल के लिए सात नंबर की जर्सी पहनकर मैदान में उतरने वाला खिलाड़ी अब टीम का हिस्सा नहीं होगा, लेकिन उसके बनाए रिकॉर्ड और उपलब्धियां लंबे समय तक फुटबॉल इतिहास में दर्ज रहेंगी।
