Friday, 23 October 2026
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विश्व बंजारा दिवस समारोह में कांग्रेस नेताओं ने बंजारा समाज के इतिहास, अधिकारों और प्रतिनिधित्व पर दिया जोर

कांग्रेस पार्टी मुख्यालय स्थित इंदिरा भवन में विश्व बंजारा दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बंजारा समाज के इतिहास, सांस्कृतिक विरासत, अधिकारों और वर्तमान चुनौतियों पर गंभीर चर्चा हुई। कार्यक्रम में के. राजू, गुरदीप सिंह सप्पल तथा राजेंद्र पाल गौतम ने गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि बंजारा समाज सदियों से भारत की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक संरचना का मजबूत स्तंभ रहा है। उन्होंने कहा कि आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित होने से पहले बंजारा समुदाय देश के सबसे संगठित व्यापारिक और परिवहन नेटवर्क का संचालन करता था। यह समुदाय अनाज, नमक, घोड़े, धातु, मसाले और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति कर देश की अर्थव्यवस्था को गति देता था।

कार्यक्रम में विशेष रूप से लक्खी शाह बंजारा और माखन शाह लबाना का उल्लेख किया गया। नेताओं ने कहा कि ये अपने समय के प्रभावशाली व्यापारी, भंडारकर्ता और आपूर्ति श्रृंखला के अग्रणी संगठक थे। उनका व्यापारिक नेटवर्क देश-विदेश तक फैला हुआ था, जो आधुनिक लॉजिस्टिक कंपनियों की तरह बड़े पैमाने पर वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करता था।

नेताओं ने कहा कि बंजारा समाज की आर्थिक शक्ति और स्वतंत्र व्यापारिक व्यवस्था को कमजोर करने के उद्देश्य से ब्रिटिश सरकार ने वर्ष 1871 में कुख्यात क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट लागू किया, जिसके तहत बंजारा सहित कई समुदायों को अपराधी घोषित कर दिया गया। इससे उनके पारंपरिक व्यवसाय, आवागमन और सम्मानजनक जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ा।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस सरकार ने वर्ष 1952 में इस अन्यायपूर्ण कानून को समाप्त कर इन समुदायों को पुनः सम्मान और अधिकार दिलाने का ऐतिहासिक कार्य किया। नेताओं ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी ने बंजारा समाज को राजनीतिक मुख्यधारा में लाने के लिए अवसर दिए और इस समाज से दो मुख्यमंत्री बनाकर सामाजिक न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।

नेताओं ने बंजारा समाज के आध्यात्मिक और राष्ट्रीय योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सिख गुरुओं के समय में बंजारा समुदाय ने कठिन परिस्थितियों में रसद, सामग्री और सुरक्षा उपलब्ध कराकर धर्म और मानवता की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध संघर्षों में भी इस समाज ने साहस और समर्पण का परिचय दिया।

वर्तमान परिप्रेक्ष्य पर चिंता जताते हुए नेताओं ने कहा कि लगभग 15 करोड़ से अधिक जनसंख्या होने के बावजूद बंजारा समाज की भागीदारी शासन-प्रशासन और नीति निर्माण में अपेक्षाकृत कम है। इसे बदलने के लिए शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता और राजनीतिक जागरूकता को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं और महिलाओं को सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया।

नेताओं ने यह भी कहा कि देशभर में बंजारा समाज की कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरें मौजूद हैं, जिनमें दिल्ली क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमि भी शामिल है। इन धरोहरों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण और विकास के लिए ठोस नीति और संस्थागत समर्थन की आवश्यकता है।

इस कार्यक्रम का सफल संचालन एस. पी. सिंह लबाना, राष्ट्रीय समन्वयक (अनुसूचित जाति विभाग) एवं प्रभारी – डीएनटी टास्क फोर्स (नॉर्थ-नॉर्थ ईस्ट) के नेतृत्व में संपन्न हुआ। उनके कुशल प्रबंधन और समर्पण की सभी नेताओं ने सराहना की।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख प्रतिभागियों में डॉ. टी. सी. राठौड़, राजेश राठौड़, अशोक बरतिया, संजय राठौड़, बलराम नाइक, शंकर नाइक, साधु सिंह धर्मसोत, पृथ्वी राठौड़, करमजीत कौर, राम मुल्लू नाइक, बेलाइया नायक, जे.पी. पंवार तथा रवींद्र नाइक सहित अनेक गणमान्य लोग शामिल रहे।

अंत में सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि कांग्रेस पार्टी ने सदैव बंजारा समाज को सम्मान, गरिमा और पहचान दी है तथा आगे भी इस समाज को सशक्त बनाने, उसकी संस्कृति को संरक्षित करने और अधिकारों की रक्षा के लिए मजबूत मंच प्रदान करती रहेगी। उन्होंने समाज से शिक्षा, संगठन और नेतृत्व के माध्यम से आगे बढ़ने का आह्वान किया।

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BN

Bureau NOTD

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NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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