दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का नाम बदलेगा? चंद्रशेखर आजाद ने नितिन गडकरी को लिखी चिट्ठी

सामाजिक न्याय की नई मिसाल? चंद्रशेखर आजाद ने देहरादून एक्सप्रेसवे का नाम अंबेडकर जी के नाम पर रखने की अपील की, जानिए क्या कहा

नई दिल्ली: आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का नाम बदलकर डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर रखने की मांग की है। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को एक पत्र लिखकर यह अनुरोध किया। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि यह सिर्फ एक नाम बदलने की बात नहीं है, बल्कि देश के संविधान निर्माता और दलितों के मसीहा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को सच्चा सम्मान देने का मौका है।

क्यों की गई यह मांग?

चंद्रशेखर आजाद ने अपने पत्र में लिखा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उत्तर भारत की एक महत्वपूर्ण परियोजना है। यह दिल्ली को देहरादून से जोड़ता है और हजारों लोगों की रोजाना यात्रा को आसान बनाएगा। लेकिन इस सड़क का नाम बदलकर डॉ. अंबेडकर एक्सप्रेसवे रखा जाए तो इससे सामाजिक न्याय का संदेश जाएगा।

उन्होंने कहा, “बाबा साहेब ने पूरे जीवन सामाजिक बराबरी और शिक्षा के लिए संघर्ष किया। उनकी याद में ऐसी बड़ी परियोजना का नाम रखना हर वर्ग के लिए प्रेरणा बनेगा।” चंद्रशेखर आजाद का मानना है कि नाम बदलने से सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि बाबा साहेब के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

एक्सप्रेसवे की कुछ खास बातें

यह एक्सप्रेसवे लगभग 210-212 किलोमीटर लंबा है। निर्माण पूरा होने के बाद दिल्ली से देहरादून की यात्रा सिर्फ ढाई से तीन घंटे में हो सकेगी। अभी यह एशिया का सबसे लंबा ग्रीन कॉरिडोर भी माना जा रहा है, जहां वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।

परियोजना की लागत करीब 12 हजार करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पहले ही इस प्रोजेक्ट की प्रगति पर कई बार अपडेट देते रहे हैं। हाल ही में कुछ हिस्से ट्रैफिक के लिए खोल दिए गए हैं और बाकी काम तेजी से चल रहा है।

चंद्रशेखर आजाद का संदेश

चंद्रशेखर आजाद ने पत्र में जोर देकर कहा कि सरकार को इस मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि नितिन गडकरी इस प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे और जल्द ही फैसला लेंगे।

यह मांग ऐसे समय में आई है जब देश में कई जगहों पर डॉ. अंबेडकर की याद में सड़कों, पार्कों और इमारतों का नामकरण हो रहा है। चंद्रशेखर आजाद का कहना है कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जैसी आधुनिक सड़क बाबा साहेब के नाम से जुड़ी तो लाखों यात्रियों को हर रोज उनकी याद आएगी।

अभी तक केंद्र सरकार की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लोग इंतजार कर रहे हैं कि क्या इस मांग पर कोई फैसला होता है या नहीं।

यह खबर उन लोगों के लिए खास है जो सामाजिक न्याय और बाबा साहेब के योगदान को महत्व देते हैं। सड़क सिर्फ यात्रा का साधन नहीं, बल्कि इतिहास और सम्मान का प्रतीक भी हो सकती है।

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