नई दिल्ली: पंजाब के मोहाली जिले के झंझेरी के एक साधारण परिवार में 29 अगस्त 2001 को जन्मे अश्विनी कुमार के माता-पिता ने शायद ही कभी सोचा होगा कि उनका यह बच्चा एक दिन दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग, इंडियन प्रीमियर लीग में खेलेगा और सबसे सफल टीमों में से एक मुंबई इंडियंस का हिस्सा बनेगा।
लेकिन यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। प्रैक्टिस के लिए 11 किमी दूर साइकिल से जाना पड़ता था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद अश्विनी ने अपने सपनों को कभी नहीं छोड़ा। उन्होंने लगातार मेहनत की और अपने जुनून को जिंदा रखा। इस मुश्किल दौर में उनकी मां और बड़े भाई शिव ने उनका पूरा साथ दिया और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
शेर-ए-पंजाब ट्रॉफी में किया प्रभावित
अश्विनी ने घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से पहचान बनानी शुरू की। 9 दिसंबर को जयपुर में राजस्थान के खिलाफ पंजाब टीम से उन्होंने अपना डेब्यू किया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद उन्होंने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। ‘शेर-ए-पंजाब ट्रॉफी’ में अपनी शानदार गेंदबाजी से उन्होंने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।
डेब्यू मैच की पहली गेंद पर विकेट
उनकी मेहनत रंग लाई जब 2025 में मुंबई इंडियंस ने उन्हें 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल किया। वानखेड़े स्टेडियम में केकेआर के खिलाफ अपने डेब्यू मैच में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 ओवर में 24 रन देकर 4 विकेट लिए। खास बात यह रही कि उन्हें अपना पहला विकेट पहली ही गेंद पर मिला। इसके साथ ही वह आईपीएल में डेब्यू मैच में चार विकेट लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने। उन्होंने पिछले सीजन में 7 मैच खेले, जिसमें 11 विकेट चटकाए।
इस साल भी पहले मैच में लिए 4 विकेट
उन्होंने अपनी फॉर्म बरकरार रखते हुए इस साल भी अपने पहले मैच में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 18 गेंदों में मैच मुंबई इंडियंस की तरफ कर दिया। उन्होंने 24 रन देकर 4 विकेट लिए, जिसमें शुभमन गिल, राहुल तेवतिया, शाहरुख खान और राशिद खान के विकेट शामिल रहे। और टीम की बड़ी जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
