Saturday, 03 October 2026
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सवाई माधोपुर में एचपीवी टीकाकरण पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न, विशेषज्ञों ने किशोरियों के मुफ्त टीकाकरण अभियान की उठाई मांग

रणथम्भौर फोरेस्ट गेस्ट हाउस में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा—समय पर एचपीवी टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर से होने वाली मौतों में 90% तक कमी संभव।

27 नवंबर 2025, नई दिल्ली

रणथम्भौर फोरेस्ट गेस्ट हाउस सभागार में यूनीसेफ और प्रिवेंशन ऑफ सर्वाइकल कैंसर एसोसिएशन ऑफ राजस्थान (PCC-RAJ) की ओर से “उभरती किशोर स्वास्थ्य चुनौतियां और एचपीवी वैक्सीनेशन का महत्व” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए 30 से अधिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, डॉक्टर्स और मीडिया प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

कार्यशाला में विशेषज्ञों ने सर्वाइकल कैंसर को भारत में महिलाओं में होने वाले कैंसर का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि यह गर्भाशय ग्रीवा में विकसित होने वाला खतरनाक कैंसर है। आंकड़ों के अनुसार देश में हर दिन लगभग 200 महिलाएं सर्वाइकल कैंसर के कारण अपनी जान गंवा देती हैं, यानी हर 8 मिनट में एक महिला की मृत्यु हो जाती है। वैश्विक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर की कुल मौतों में से एक तिहाई भारत में होती हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाती है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2022 में एचपीवी कैंसर के 79,000 केस दर्ज किए गए, जबकि करीब 34,800 महिलाओं की मौत इस बीमारी से हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर एचपीवी वैक्सीन लगवाने से सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है।

विशेषज्ञों की राय—मुफ्त टीकाकरण हो समय की मांग

कार्यक्रम में यूनिसेफ राजस्थान की हेल्थ ऑफिसर डॉ. मनीषा चावला ने टीकाकरण कवरेज, चुनौतियां और एमआर अभियान से मिली सीख पर विस्तार से चर्चा की। वहीं एआई विशेषज्ञ कुमार मनीष ने स्वास्थ्य पत्रकारिता में गलत सूचना और दुष्प्रचार को रोकने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर जानकारी दी।

राजस्थान पंक्षी समाचार पत्र के संपादक एवं वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा ने केंद्र सरकार से अपील की कि तमिलनाडु, सिक्किम और बिहार की तर्ज पर पूरे देश में 14–15 वर्ष की किशोरियों को मुफ्त एचपीवी टीका उपलब्ध कराया जाए, ताकि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हो सके।

पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े सुरेंद्र कुमार धालेटा और सुभाष कृष्णा ने टीकाकरण से संबंधित समाचारों में तथ्यात्मक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग पर जोर दिया।

एचपीवी टीकाकरण क्यों है जरूरी?

एचपीवी वैक्सीन मानव पेपिलोमावायरस से बचाव करने वाला टीका है, जो सर्वाइकल कैंसर सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है। कैप स्पेशलिस्ट अंकुश सिंह ने बताया कि प्राकृतिक संक्रमण से बनने वाली एंटीबॉडी कई बार पर्याप्त नहीं होतीं, इसलिए वैक्सीन द्वारा तैयार की गई प्रतिरक्षा अधिक मजबूत और टिकाऊ होती है।

किसे और कब लगनी चाहिए एचपीवी वैक्सीन?

  • सबसे प्रभावी आयु: 9 से 14 वर्ष
  • कौन लगवा सकता है: 15 से 26 वर्ष की महिलाएं भी यह टीका ले सकती हैं, हालांकि इसका प्रभाव शुरुआती उम्र में अधिक देखा जाता है।

सुरक्षित है यह वैक्सीन

मामूली दर्द, हल्की सूजन, लालिमा जैसे सामान्य लक्षण कभी-कभार देखे जाते हैं। गंभीर दुष्प्रभाव बहुत दुर्लभ होते हैं। किसी भी संदेह की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

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BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

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