पटना नगर निगम ने एक और अनूठी पहल करते हुए देश की पहली “मैनहोल एम्बुलेंस” सेवा शुरू कर दी है। यह एम्बुलेंस शहर के सीवरेज सिस्टम की समस्याओं का त्वरित और स्थायी समाधान देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस कदम के साथ पटना स्वच्छता और तकनीकी प्रबंधन में देश के अन्य शहरों के लिए मॉडल सिटी बनने की ओर अग्रसर है।
क्या है “मैनहोल एम्बुलेंस”?
“मैनहोल एम्बुलेंस” एक विशेष रूप से तैयार किया गया वाहन है, जो सीवरेज ब्लॉकेज, मैनहोल ओवरफ्लो या किसी अन्य जल निकासी से जुड़ी आपात स्थिति में तत्काल पहुंचकर मशीनी उपकरणों के माध्यम से समस्या का समाधान करता है।
इस एम्बुलेंस में अत्याधुनिक मशीनें, जेटिंग और सक्शन उपकरण, सेफ्टी गियर, कैमरा और रियल-टाइम रिपोर्टिंग सिस्टम लगे होते हैं, जिससे किसी भी मैनहोल की स्थिति का आकलन कर तुरंत काम शुरू किया जा सकता है।
मुख्य लाभ और फायदे:
- मानव जीवन की सुरक्षा:
यह एम्बुलेंस मैनहोल सफाई के कार्य में मानव श्रमिकों की जान को खतरे में डालने की जरूरत समाप्त करती है। - स्वच्छता मिशन को बढ़ावा:
“स्वच्छ भारत मिशन” और “पटना स्वच्छता अभियान” को मजबूती मिलती है। - तत्काल प्रतिक्रिया तंत्र:
मैनहोल एम्बुलेंस किसी भी आपात स्थिति में चंद मिनटों में मौके पर पहुंचती है, जिससे नागरिकों को परेशानी से जल्द राहत मिलती है। - तकनीकी समाधान और रिपोर्टिंग:
इसमें लगे कैमरा सिस्टम और डिजिटल रिपोर्टिंग के माध्यम से मैनहोल की स्थिति की निगरानी और रिकॉर्डिंग होती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है। - स्वच्छ और स्मार्ट पटना की दिशा में एक कदम:
यह सुविधा डिजिटल और स्वचालित शहरी प्रबंधन को बढ़ावा देती है, जो स्मार्ट सिटी परियोजना का हिस्सा है।
शिकायत कैसे करें?
पटना नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी स्थान पर मैनहोल या सीवर की समस्या हो तो वे निम्नलिखित माध्यमों से संपर्क कर सकते हैं:
टोल फ्री नंबर: 155304
वेबसाइट: www.pmc.bihar.gov.in
सोशल मीडिया: @cityofpatna (Twitter, Facebook)
नगर निगम का बयान
पटना नगर आयुक्त ने कहा,
“हमारी कोशिश है कि अब किसी को खुले मैनहोल, गंदगी या ओवरफ्लो की वजह से असुविधा ना हो। यह मैनहोल एम्बुलेंस पूरी तरह तकनीकी और सुरक्षा से लैस है और यह सफाईकर्मियों के जीवन की रक्षा के साथ-साथ नागरिकों को भी स्वच्छ वातावरण देने का जरिया बनेगा।”
पटना ने “मैनहोल एम्बुलेंस” के रूप में शहरी विकास और सार्वजनिक सुरक्षा के क्षेत्र में एक अनूठा और अनुकरणीय कदम उठाया है। यह पहल अन्य महानगरों और नगर निकायों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकती है।
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