कड़कड़डूमा कोर्ट में वकील पर हमले का मामला: तीनों आरोपियों को मिली जमानत, अदालत बोली—अब हिरासत की जरूरत नहीं

25-25 हजार के मुचलके पर रिहाई

नई दिल्ली, न्यूज ऑफ द डे

राजधानी दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में वकील से मारपीट के मामले में गिरफ्तार तीन व्यक्तियों को अदालत से बड़ी राहत मिल गई है। अदालत ने साफ कहा कि जांच अब अंतिम चरण में है और आरोपियों को आगे हिरासत में रखकर पूछताछ करने की जरूरत नहीं बची है। इसी आधार पर तीनों को जमानत दे दी गई।

यह मामला 7 अप्रैल का है, जब कोर्ट परिसर के भीतर ही एक वकील पर हमला होने का आरोप लगा था। इस घटना ने अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए थे। मामले में पुलिस ने उदय सेठी, रोहन कक्कड़ और रोहित सेठी को गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरभि शर्मा वत्स की अदालत में हुई। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जांच एजेंसी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक केस में जरूरी पूछताछ और सबूत जुटाने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में आरोपियों को और हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं बनता।

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अब कोई नई बरामदगी बाकी नहीं है। जांच अधिकारी की ओर से बताया गया कि हमले में इस्तेमाल की गई वस्तु, जिसे ‘चाबी’ बताया गया, पहले ही बरामद की जा चुकी है। इससे केस के अहम साक्ष्य पुलिस के पास मौजूद हैं।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, तीनों आरोपियों ने कथित तौर पर वकील अमन पर हमला किया था। इस हमले में वकील के सिर पर चोट आई थी, जिसे किसी नुकीली वस्तु से किया गया बताया गया। घटना के बाद वकील को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था।

सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि आरोपी और पीड़ित वकील एक-दूसरे को पहले से जानते थे। बताया गया कि आरोपी पहले उस वकील के मुवक्किल रह चुके थे। इसी पृष्ठभूमि में दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने के बाद यह घटना हुई।

मामले में एक और अहम पहलू अदालत के सामने रखा गया। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी उदय सेठी के खिलाफ पहले से पॉक्सो एक्ट के तहत एक मामला दर्ज है, जिसे उसी वकील ने दर्ज कराया था, जिस पर अब हमला होने का आरोप है। हालांकि अदालत ने इस तथ्य को नोट किया, लेकिन जमानत पर निर्णय लेते समय मुख्य रूप से वर्तमान मामले की परिस्थितियों को आधार बनाया।

अदालत ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया कि उदय सेठी और रोहन कक्कड़ दोनों युवा छात्र हैं, जिनकी उम्र क्रमशः 21 और 25 वर्ष बताई गई है। अदालत ने माना कि आरोपियों को 7 अप्रैल से न्यायिक हिरासत में रखा गया था और इस दौरान जांच एजेंसी को पर्याप्त समय मिल चुका है।

इन सभी तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने तीनों आरोपियों को जमानत देने का फैसला किया। अदालत ने निर्देश दिया कि प्रत्येक आरोपी को 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानतदार पेश करने होंगे।

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