दिल्ली पुलिस में बिना ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बन सकते सब इंस्पेक्टर, दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- पुरुषों पर लागू नियम भेदभाव नहीं

नई दिल्ली, न्यूज ऑफ द डे

दिल्ली में सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती को लेकर लंबे समय से चल रही बहस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक अहम फैसले में स्पष्ट करते हुए कहा है कि पुरुष उम्मीदवारों के लिए वैध हल्के मोटर वाहन (LMV) ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता पूरी तरह सही है और इसे महिलाओं पर लागू न करना किसी भी तरह का भेदभाव नहीं माना जाएगा।

जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की बेंच ने इस मामले में दायर याचिका को खारिज करते हुए कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की भर्ती अधिसूचना को वैध ठहराया। अदालत ने स्पष्ट किया कि भर्ती नियमों में जो अंतर पहले से मौजूद है, उसे चुनौती देकर भेदभाव साबित नहीं किया जा सकता।

दरअसल, याचिकाकर्ता ने अदालत में दलील दी थी कि पुरुष उम्मीदवारों के लिए ड्राइविंग लाइसेंस अनिवार्य करना, जबकि महिला उम्मीदवारों को इस शर्त से छूट देना संविधान के समानता के अधिकार के खिलाफ है। लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि पुरुष SI (कार्यकारी) के लिए भर्ती नियमों में स्पष्ट रूप से ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता दर्ज है, जबकि महिला SI के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में यह अंतर नियमों से ही उत्पन्न होता है, न कि किसी मनमानी या भेदभावपूर्ण सोच से।

अदालत ने अपने आदेश में साफ कहा, “जब नियमों में ही यह अंतर निहित है, तो भर्ती अधिसूचना को भेदभावपूर्ण बताकर चुनौती देना उचित नहीं ठहराया जा सकता।” कोर्ट ने यह भी दो टूक कहा कि शारीरिक दक्षता और माप परीक्षण (Physical Test) की तारीख तक उम्मीदवार के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। इसमें किसी तरह की छूट देने का सवाल ही नहीं उठता।

मामले की सुनवाई के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि याचिकाकर्ता के पास निर्धारित समय तक केवल लर्नर लाइसेंस था। इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि लर्नर लाइसेंस सिर्फ वाहन चलाना सीखने के उद्देश्य से जारी किया जाता है और इसे स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के बराबर नहीं माना जा सकता।

इसी आधार पर कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करता था, इसलिए उसे अयोग्य ठहराना सही कदम है। अंततः अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया और भर्ती प्रक्रिया में तय नियमों को बरकरार रखा। इस फैसले के बाद अब साफ हो गया है कि दिल्ली पुलिस SI भर्ती में ड्राइविंग लाइसेंस की शर्त आगे भी पुरुष उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य बनी रहेगी, और इसे लेकर कानूनी विवाद की गुंजाइश फिलहाल खत्म हो गई है।

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