MERI ने फार्मा रिसर्च को रफ्तार देने में अंतरिक्ष तकनीक की भूमिका पर सम्मेलन किया आयोजित

MERI में फार्मा अनुसंधान में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की भूमिका पर सम्मेलन आयोजित

नई दिल्ली, 18 मार्च 2026

“भारत में फार्मास्यूटिकल अनुसंधान को तेज करने में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की भूमिका” विषय पर एक सम्मेलन मैनेजमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (MERI), जनकपुरी में आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम SIA-India और MERI के अंतरिक्ष अध्ययन विभाग के सहयोग से हुआ। सम्मेलन में अंतरिक्ष, अनुसंधान और फार्मा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया और इस बात पर चर्चा की कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के माध्यम से दवा अनुसंधान को कैसे तेज किया जा सकता है।

MERI समूह के उपाध्यक्ष प्रो. ललित अग्रवाल ने उद्घाटन संबोधन में फार्मा अनुसंधान में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने युवाओं के लिए इस क्षेत्र में आवश्यक कौशल विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया।

डीएसएस-MERI के मुख्य मार्गदर्शक लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) पी. जे. एस. पन्नू (सेवानिवृत्त) ने अपने संबोधन में बताया कि अंतरिक्ष तकनीक फार्मा क्षेत्र के लिए नए अवसर खोल सकती है। उन्होंने इसरो द्वारा प्रस्तावित भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन के संभावित उपयोगों पर भी चर्चा की।

मुख्य वक्ता एयर मार्शल पी. बंदोपाध्याय ने अंतरिक्ष चिकित्सा के उभरते क्षेत्र और भारत के मानव अंतरिक्ष मिशन—गगनयान और उससे आगे की योजनाओं—पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अंतरिक्ष यात्रा के दौरान होने वाली शारीरिक और न्यूरो संबंधी चुनौतियों, प्री-फ्लाइट क्वारंटाइन, एयरोमेडिकल प्रशिक्षण और स्वास्थ्य निगरानी में सैटेलाइट प्रणालियों की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

एयर वाइस मार्शल अनुपम अग्रवाल ने माइक्रोग्रैविटी अनुसंधान, मंगल मिशन और अंतरिक्ष यात्रियों के लिए 3डी प्रिंटिंग जैसी तकनीकों के जरिए उभरते व्यावसायिक अवसरों पर अपने विचार साझा किए।

तकनीकी सत्र में श्री तेजपाल भाटिया, श्री अंजन सेन, डॉ. नीता कुमार (आईसीएमआर), एयर कमोडोर संदीप अरोड़ा, श्री सुप्रणयी और डॉ. परिजात पांडे ने प्रस्तुतियां दीं। वक्ताओं ने बताया कि अंतरिक्ष आधारित तकनीक दवा विकास, परीक्षण और उन्नत जांच प्रक्रियाओं में कैसे मदद कर सकती है।

लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) पी. जे. एस. पन्नू (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में आयोजित गोलमेज चर्चा में फार्मा क्षेत्र में अंतरिक्ष तकनीक के उपयोग को बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान शोधकर्ताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति निर्माताओं के बीच सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल (डॉ.) पी. जे. एस. पन्नू (सेवानिवृत्त) और श्री रवि ऐलावाधी ने MERI स्पेस क्लब के छात्रों को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

सम्मेलन का समापन श्री रवि ऐलावाधी के समापन संबोधन के साथ हुआ। उन्होंने मुख्य बिंदुओं का सार प्रस्तुत करते हुए कहा कि अंतरिक्ष वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और फार्मा उद्योग के बीच सहयोग को और मजबूत करना आवश्यक है, ताकि भारत में नवाचार को बढ़ावा मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *