Saturday, 24 October 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
जब झूठ भी सच की तरह दिखने लगे: AI डीपफेक के दौर में भारतीय लोकतंत्र और पत्रकारिता की सबसे बड़ी चुनौती IPL 2027: मुंबई इंडियंस ने कीरोन पोलार्ड को बनाया हेड कोच, महेला जयवर्धने की जगह संभालेंगे जिम्मेदारी डॉ. के. ए. पॉल के नेतृत्व में 25 अक्टूबर को डलास में शांति रैली Ussher Chronology: जब एक ईसाई धर्मगुरु ने बताई दुनिया के जन्म की तारीख! 6,029 साल पुरानी दुनिया का दावा करने वाले जेम्स अशर की पूरी कहानी दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, बंगला साहिब के पास जुटे लोग! कई रास्तों पर ट्रैफिक प्रतिबंध Gold Rate Today: सोना हुआ और भी सस्ता! जानें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत बड़े शहरों 24 कैरेट गोल्ड का भाव Shamonda Virus: फ्रांस में पहली बार इंसान में मिला शमोंडा वायरस, संक्रमित मरीज की मौत; जानें इसके लक्षण और खतरे से जुड़ी पूरी जानकारी WhatsApp SIM Binding Rules: 1 जनवरी 2027 से बदल सकता है मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल का तरीका, जानें किन यूजर्स पर पड़ेगा असर जब झूठ भी सच की तरह दिखने लगे: AI डीपफेक के दौर में भारतीय लोकतंत्र और पत्रकारिता की सबसे बड़ी चुनौती IPL 2027: मुंबई इंडियंस ने कीरोन पोलार्ड को बनाया हेड कोच, महेला जयवर्धने की जगह संभालेंगे जिम्मेदारी डॉ. के. ए. पॉल के नेतृत्व में 25 अक्टूबर को डलास में शांति रैली Ussher Chronology: जब एक ईसाई धर्मगुरु ने बताई दुनिया के जन्म की तारीख! 6,029 साल पुरानी दुनिया का दावा करने वाले जेम्स अशर की पूरी कहानी दिल्ली में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन, बंगला साहिब के पास जुटे लोग! कई रास्तों पर ट्रैफिक प्रतिबंध Gold Rate Today: सोना हुआ और भी सस्ता! जानें दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत बड़े शहरों 24 कैरेट गोल्ड का भाव Shamonda Virus: फ्रांस में पहली बार इंसान में मिला शमोंडा वायरस, संक्रमित मरीज की मौत; जानें इसके लक्षण और खतरे से जुड़ी पूरी जानकारी WhatsApp SIM Binding Rules: 1 जनवरी 2027 से बदल सकता है मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल का तरीका, जानें किन यूजर्स पर पड़ेगा असर

99 शब्दों का नाम और अमरीश पुरी का दमदार किरदार: ‘अली बाबा और चालीस चोर’ का वह सीन जो आज भी हंसा देता है

  • सोशल मीडिया पर वायरल हुआ अमरीश पुरी का लंबा नाम वाला सीन
  • धर्मेंद्र, हेमा मालिनी और अमरीश पुरी जैसे सितारों से सजी 1980 की क्लासिक फिल्म
  • हिंदी सिनेमा के इतिहास में दर्ज हुआ एक मजेदार और यादगार दृश्य

नई दिल्ली। “खुल जा सिम सिम”… ये शब्द सुनते ही बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं — एक रहस्यमयी गुफा, खजानों से भरी दुनिया और चालाक चालीस चोर। इन्हीं कल्पनाओं को जीवंत किया था 1980 में आई फिल्म ‘अली बाबा और चालीस चोर’ ने। लेकिन इस फिल्म की एक और अनोखी बात आज फिर से चर्चा में है — अमरीश पुरी के किरदार का 99 शब्दों वाला नाम, जिसे सुनना ही किसी पहेली से कम नहीं लगता।

अमरीश पुरी का ‘अल्फाबेट चैलेंज’ वाला नाम

हाल ही में सोशल मीडिया पर फिल्म का एक पुराना सीन वायरल हो गया है, जिसमें अमरीश पुरी अपने लंबे नाम से अभिनेता धर्मेंद्र को परिचय देते हैं। जैसे ही वे बोलना शुरू करते हैं—
“वली-ए-ईद-ए सल्तनत आवाज खुदाई खिदमतगार जांबाज मुजाहिद शिफा सालारे लश्करे फिदाइन…”,
तो धर्मेंद्र के चेहरे पर हैरानी साफ झलकने लगती है।

ये सीन दर्शकों को आज भी हंसी से भर देता है, और यही अमरीश पुरी की अभिनय क्षमता का परिचायक है। उनका किरदार फिल्म में चालाक और शक्तिशाली चोरों के सरदार के रूप में नजर आता है, जो अपने लंबे-चौड़े नाम से दर्शकों को चौंका देता है।

फिल्म जिसने कल्पना को साकार किया

‘अली बाबा और चालीस चोर’ वर्ष 1980 की एक चर्चित फैंटेसी फिल्म थी, जिसका निर्माण भारत और तत्कालीन सोवियत संघ (रूस) के फिल्मकारों के संयुक्त प्रयास से हुआ था। धर्मेंद्र, हेमा मालिनी, जीनत अमान और अमरीश पुरी जैसे मशहूर कलाकारों ने इसमें दमदार अभिनय किया।

इस फिल्म की कहानी, भव्य सेट्स और संगीत ने इसे हिंदी सिनेमा की कल्ट क्लासिक फिल्मों में शामिल कर दिया। अमरीश पुरी का मजेदार और अविस्मरणीय नाम वाला दृश्य आज भी दर्शकों को मनोरंजन से भर देता है।

नाम से नहीं, काम से पहचान—but यह नाम खुद में एक कहानी!

सोचिए, अगर किसी व्यक्ति का नाम असल जिंदगी में 99 शब्दों का हो, तो लोग “आपका नाम क्या है?” पूछने से पहले ही घबरा जाएं। लेकिन अमरीश पुरी जैसे सधे हुए अभिनेता ने इसे पर्दे पर इतनी सहजता से प्रस्तुत किया कि यह दृश्य हास्य और प्रभाव दोनों का मिश्रण बन गया।

यह दृश्य आज भी सोशल मीडिया पर मीम्स और फनी वीडियो के रूप में वायरल हो रहा है। यह साबित करता है कि असली अभिनय वही होता है जो सालों बाद भी लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला दे।

एक सीन, जो बना सिनेमाई धरोहर

‘अली बाबा और चालीस चोर’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि ऐसा अनुभव है जो पीढ़ी दर पीढ़ी याद किया जाएगा। और अमरीश पुरी का यह लंबा नाम वाला सीन — यह दिखाता है कि नाम में भले ही क्या रखा हो, लेकिन जब किरदार निभाया जाए दिल से, तो वह अमर हो जाता है।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version