नई दिल्ली, न्यूज ऑफ द डे
नई दिल्ली में शनिवार को न्याय व्यवस्था के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। सूर्यकांत ने e-Courts परियोजना के तीसरे चरण (फेज-III) की शुरुआत की। करीब ₹7210 करोड़ की इस योजना को उन्होंने आम लोगों के लिए न्याय को आसान और सुलभ बनाने की अहम पहल बताया।
दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में संबोधन के दौरान CJI ने साफ किया कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ अदालतों को डिजिटल बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी न्यायिक प्रक्रिया में बदलाव लाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि पहले चरणों में कंप्यूटरीकरण, ई-फाइलिंग और वर्चुअल सुनवाई जैसी सुविधाएं विकसित की गई थीं, जबकि अब फोकस सिस्टम को और मजबूत व व्यवस्थित करने पर है।
उन्होंने यह भी कहा कि तकनीक का इस्तेमाल केवल काम तेज करने के लिए नहीं, बल्कि न्याय को ज्यादा पारदर्शी और सभी तक पहुंचाने के लिए होना चाहिए। खास तौर पर ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, डिजिटल गैप कम करने और eSewa केंद्रों के विस्तार पर जोर दिया जाएगा।
इस मौके पर कई नई डिजिटल सुविधाएं भी शुरू की गईं। इनमें सिंगल साइन-ऑन (SSO) पोर्टल, ईमेल के जरिए समन भेजने की व्यवस्था, e-Courts और e-Prisons सिस्टम का इंटीग्रेशन और मोबाइल ऐप का नया वर्जन शामिल है।
CJI ने तकनीक को “संवैधानिक उपकरण” बताते हुए कहा कि यह बराबरी और न्याय तक पहुंच को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रही है। कार्यक्रम में विक्रम नाथ समेत कई न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
