देश के 550 रेलवे स्टेशनों का होगा कायाकल्प, सिटी सेंटर की तर्ज पर होंगे विकसित, जानें क्या-क्या मिलेंगी सुविधाएं

नई दिल्ली।

देश के 550 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 फरवरी को 40,000 करोड़ रुपये की लागत से 550 अमृत भारत स्टेशनों की आधारशिला रखेंगे। इन 550 रेलवे स्टेशनों को रूफ प्लाजा और सिटी सेंटर में विकसित करके इन पर मौजूद सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रेलवे स्टेशनों का होगा विकास

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत भारतीय रेलवे स्टेशनों का विकास किया जाएगा। इन स्टेशनों पर ‘रूफ प्लाजा’ लगाया जाएगा। ‘रूफ प्लाजा’ में फूड कोर्ट, छोटे बच्चों के खेलने के लिए छोटी-सी जगह और स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए एक स्थान भी होगा। इस योजना में हर एक स्टेशन पर कार्यकारी लाउंज और व्यावसायिक बैठकों के लिए खास जगह का निर्माण भी शामिल है।

इस योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों के भवनों में सुधार, मल्टीमॉडल भवन, विकलांग व्यक्तियों के लिए सुविधा, गिट्टी रहित पटरी के प्रावधान शामिल है। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर बेहतर यात्री सूचना प्रणाली, मुफ्त वाईफाई और स्थानीय उत्पादों के लिए क्योस्क भी बनाया जायेगा। अमृत भारत योजना के अनुसार प्लेटफार्मों की लंबाई 600 मीटर होगी। जोनल रेलवे और प्रमुख शहरों और कस्बों में स्थित स्टेशनों से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अब तक 1,318 स्टेशनों का चयन किया गया है। पहले चरण में 550 रेलवे स्टेशनों का चयन किया गया है।

इस योजना के अंतर्गत रेलवे स्टेशनों पर अच्छी लाइट्स भी लगाईं जायेंगी साथ ही हाई क्वालिटी प्लेटफार्म भी बनाये जायेंगे। बता दें कि बजट में भी इस योजना का जिक्र सरकार कर चुकी है। जब ये 550 स्टेशनों पर काम पूरा हो जाएगा, उसके बाद इस योजना का अगला चरण शुरू होगा और बचे हुए स्टेशन इसमें शामिल किये जायेंगे।

50 हजार स्कूली छात्रों को दिए जाएंगे पुरस्कार

जब पीएम मोदी अमृत भारत स्टेशन योजना की आधारशिला रखेंगे, उसी दौरान लगभग 50,000 स्कूली छात्रों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे। जिन छात्रों ने भारतीय रेलवे द्वारा 4,000 स्कूलों में आयोजित ‘2047-विकसित भारत की रेलवे’ विषय पर भाषण, निबंध और कविता लेखन प्रतियोगिताओं में भाग लिया था, उन्हें पुरस्कार दिए जायेंगे। लगभग चार लाख छात्रों ने अलग-अलग प्रतियोगिताओं में भाग लिया था।

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