केजरीवाल ने कभी सूट और जूता नहीं पहना, दिल्ली सीएम के वकील की कोर्ट में दलील

अदालत ने फैसला रखा सुरक्षित

नई दिल्ली।

राउज एवेन्यू कोर्ट में दिल्ली शराब नीति मामले में ईडी की शिकायत पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जारी समन मामले में सुनवाई की गई। ये सुनवाई राउज एवेन्यू कोर्ट के समन को सेशन कोर्ट मे चुनौती देने के मामले में हुई है। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश राकेश सयाल ने गुरुवार को एक पुनरीक्षण याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। सीएम केजरीवाल ने ईडी की शिकायत पर उन्हें समन जारी करने के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) दिव्या मल्होत्रा के आदेश के खिलाफ दो याचिकाएं दायर की। 7 मार्च को दूसरा समन जारी किया गया था और मामले को 16 मार्च को सुनवाई के लिए रखा था। अदालत ने केजरीवाल की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

मुख्यमंत्री एक लोक सेवक हैं- वकील

केजरीवाल के वकील ने कोर्ट में कहा कि मुख्यमंत्री एक लोक सेवक हैं। जांच एजेंसी ने केजरीवाल को व्यक्तिगत रूप से समन जारी कर पेश होने के लिए बुलाया था लेकिन जब पॉलिसी लागू की गई तो वो मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे थे। शुरुआती तीन समन सीएम के तौर पर भेजे गए थे लेकिन बाद में उसको बदल दिया था। केजरीवाल के वकील रमेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल ने एक मुख्यमंत्री के होने के कारण की वजह से कहा था कि वो नहीं आ सकते हैं, जबकि न्यायाधीश ने आदेश में ये भी नहीं लिखा कि उन्होंने इन पर विचार किया है। केजरीवाल के वकील ने कहा कि मैंने हर समन में अपनी गैर-हाजिरी के लिए वैध कारण बताए हैं, इसलिए मैं कार्यवाही पर रोक लगाने का अनुरोध कर रहा हूं। केजरीवाल के वकील ने कहा कि उन्होंने मुझे चेतावनी दी थी, यदि आप नहीं आये तो हम आप पर मुकदमा चलायेंगे।

केजरीवाल बहुत साधारण आदमी

राउज एवेन्यू कोर्ट में हुई सुनवाई में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के वकील ने सीएम के रहन-सहन के बारे में भी जिक्र किया। वकील ने कहा कि केजरीवाल बहुत साधारण आदमी हैं। उन्होंने कभी सूट नहीं पहना, शर्ट पहनते है, शर्ट बाहर निकली रहती है, चप्पल पहनते हैं, जूता नहीं पहना। केजरीवाल दिन में तीन-तीन बार कपड़े नहीं बदलते।

केजरीवाल ने सभी समन का जवाब दिया

केजरीवाल के वकील ने कोर्ट में कहा कि कोर्ट को 202 के तहत जांच करनी थी लेकिन नहीं की। वकील ने कहा कि समन जारी करते समय कोर्ट ने अपने न्यायिक दिमाग का इस्तेमाल नहीं किया और ईडी के बयानों को ईश्वरीय सत्य मान लिया। केजरीवाल के वकील ने कहा कि केजरीवाल ने सभी समन का जवाब भी दिया, अगर केजरीवाल ने कहा कि वो चुनाव या बजट सत्र में भाग लेने में व्यस्त थे। आपने बस ये मान लिया है कि मैंने जो कहा वो सरासर झूठ है और ईडी ने जो कहा वो सरासर सच है।

कैसे पता चलेगा कि व्यक्ति आरोपी या गवाह- ईडी

ईडी की तरफ से एएसजी राजू ने एक उदाहरण देते हुए बताया कि यदि मैं किसी गवाह का बयान दर्ज कर रहा हूं और रिकॉर्डिंग के दौरान वो कहता है कि मैंने हत्या की है, तो मुझे उसे गिरफ्तार करना होगा। जब तक मैं सबूत इकट्ठा नहीं कर लेता, मुझे कैसे पता चलेगा कि वह व्यक्ति आरोपी या गवाह है? वह पूछ रहे हैं कि उन्हें किस हैसियत से बुलाया जा रहा है। हम विवरण नहीं दे सकते। हमें इस स्तर पर जानकारी प्रकट नहीं करनी चाहिए। 174 के तहत शिकायत पोषणीय है।

हमने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में नहीं बुलाया-ईडी

एएसजी ने समन न लेने के लिए केजरीवाल द्वारा बताए गए कारणों का हवाला दिया। एएसजी ने कहा कि हमने उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में नहीं बुलाया है, हमने उन्हें व्यक्तिगत रूप से बुलाया है। क्या हम उसे उस जांच का विवरण दे सकते हैं जिसके लिए हम उसे बुला रहे हैं? वह पूछ रहे हैं कि क्या हमने उन्हें आरोपी या गवाह के रूप में बुलाया है। यह कैसे प्रासंगिक है?

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