ईरान-इजराइल तनाव के बीच भारत को राहत: एलपीजी से भरे दो जहाज सुरक्षित होर्मुज स्ट्रेट पार कर खुले समुद्र में पहुंचे

LPG से लदे दो भारतीय जहाज Shivalik और Nanda Devi ने होर्मुज स्ट्रेट सुरक्षित पार किया, भारतीय नौसेना की एस्कॉर्ट में खुले समुद्र पहुंचे, कूटनीति से मिली सफलता।

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। क्षेत्र में अस्थिर हालात के बावजूद LPG से लदे दो भारतीय जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं। इससे देश में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर बनी चिंता काफी हद तक कम हो गई है।

सूत्रों के मुताबिक, भारतीय शिपिंग कॉर्पोरेशन (Indian Shipping Corporation) के स्वामित्व वाला LPG टैंकर ‘शिवालिक’ पहले ही होर्मुज स्ट्रेट पार कर चुका है और अब भारतीय नौसेना की निगरानी में आगे बढ़ रहा है। जहाज के अगले 48 घंटों के भीतर मुंबई या कांडला जैसे किसी बड़े भारतीय बंदरगाह पर पहुंचने की संभावना है।

होर्मुज स्ट्रेट पार कर ‘नंदा देवी’ पहुंचा आगे

इसी तरह दूसरा LPG कैरियर ‘नंदा देवी’ भी सुरक्षित रूप से इस संवेदनशील समुद्री मार्ग से गुजर चुका है। इस जहाज में लगभग 46 हजार मीट्रिक टन LPG लदी हुई है, जो भारत की घरेलू रसोई गैस आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। दोनों जहाजों के सुरक्षित निकलने से देश में गैस की उपलब्धता और कीमतों को लेकर उठ रही आशंकाओं को काफी राहत मिली है।

तनाव के बीच भी जारी रही ऊर्जा आपूर्ति

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री ऊर्जा मार्गों में गिना जाता है। वैश्विक स्तर पर बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। हाल ही में ईरान-इजराइल के बीच बढ़े टकराव और क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियों के कारण यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने लगी थी। ऐसे में भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों के लिए ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

कूटनीतिक संपर्को का असर

सूत्रों के अनुसार, हालात को देखते हुए भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय पहल की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच हुई बातचीत में क्षेत्रीय स्थिति के साथ-साथ नागरिकों और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा पर चर्चा हुई थी।

इसके अलावा विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची के बीच भी कई दौर की बातचीत हुई, जिसमें भारतीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच पुराने और भरोसेमंद संबंध हैं। इसी वजह से मौजूदा हालात में भारतीय जहाजों को प्राथमिकता देते हुए सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया गया।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार की सतर्कता और सक्रिय कूटनीति को दिखाया है। क्षेत्र में तनाव बना रहने के बावजूद आवश्यक ईधन की आपूर्ति बनाए रखना देश के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

LPG से भरे इन जहाजों के सुरक्षित भारत पहुंचने के बाद घरेलू बाजार में गैस की उपलब्धता सामान्य रहने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं यह भी माना जा रहा है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए भारत अपने ऊर्जा आयात मार्गों और रणनीतियों को और मजबूत करेगा।

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