प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फौजा सिंह के निधन पर जताया शोक, जानिए कौन थे ‘दौड़ते दादा’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मशहूर मैराथन धावक श्री फौजा सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। पीएम ने उन्हें असाधारण व्यक्तित्व और अदम्य साहस वाला प्रेरणास्रोत बताया। प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा:

“फौजा सिंह जी अपने अनोखे व्यक्तित्व और भारत के युवाओं को फिटनेस जैसे महत्वपूर्ण विषय पर प्रेरित करने के लिए जाने जाते थे। वे अद्वितीय एथलीट थे जिनकी दृढ़ संकल्प शक्ति अद्भुत थी। उनके निधन से गहरा दुख हुआ है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और दुनिया भर के असंख्य प्रशंसकों के साथ हैं।”

कौन थे फौजा सिंह?

फौजा सिंह को पूरी दुनिया में ‘दौड़ते दादा’ (Running Baba) के नाम से जाना जाता था।

  • जन्म: 1 अप्रैल 1911, पंजाब, भारत
  • विशेष पहचान: दुनिया के सबसे उम्रदराज मैराथन धावक
  • उन्होंने 89 वर्ष की उम्र में पहली बार मैराथन दौड़ में हिस्सा लिया।
  • उपलब्धियां:
  • 2000 में लंदन मैराथन में हिस्सा लिया।
  • 2003 में टोरंटो वॉटरफ्रंट मैराथन 92 वर्ष की उम्र में पूरी की।
  • उन्होंने 8 घंटे 25 मिनट में मैराथन पूरी की, जो उनकी उम्र के हिसाब से ऐतिहासिक था।
  • गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में उनका नाम दर्ज किया गया, हालांकि उन्होंने अपनी उम्र साबित करने के लिए दस्तावेज नहीं दिए थे।

फौजा सिंह का जीवन और प्रेरणा

  • फौजा सिंह ने अपना करियर खेती से शुरू किया।
  • 84 साल की उम्र तक वे सामान्य जीवन जी रहे थे, इसके बाद उन्होंने अपने बेटे की मृत्यु के बाद दौड़ने का निर्णय लिया।
  • उन्होंने दौड़ को अपनी मानसिक शक्ति और फिटनेस के प्रतीक के रूप में अपनाया।
  • वे कई चैरिटी अभियानों का हिस्सा रहे और मानवता की सेवा के लिए करोड़ों रुपये दान किए।

दुनियाभर में सम्मान

  • फौजा सिंह ने क्वीन एलिज़ाबेथ II से मुलाकात की और उन्हें ब्रिटेन में लंदन ओलंपिक 2012 के लिए मशाल दौड़ का हिस्सा बनाया गया।
  • उन्हें पद्मश्री पुरस्कार की अनुशंसा भी मिली थी।

उनके निधन पर देशभर में शोक

सोशल मीडिया पर लाखों लोगों ने फौजा सिंह को श्रद्धांजलि दी। खेल जगत, राजनीतिक हस्तियों और फिटनेस प्रेमियों ने उन्हें प्रेरणा का प्रतीक बताया।

फौजा सिंह का संदेश:
“फिट रहो, लंबा जियो और हमेशा सकारात्मक सोच रखो।”

विशेष तथ्य:

  • फौजा सिंह ने 2013 में प्रोफेशनल रेसिंग से रिटायरमेंट ली, लेकिन 100 साल की उम्र तक फिटनेस को अपनाए रखा।
  • उन्होंने 2004 में Adidas के विज्ञापन अभियान में भी काम किया था।

क्या आप चाहेंगे कि मैं फौजा सिंह के जीवन पर एक विस्तृत बायोग्राफी लेख लिखूं जिसमें उनकी जीवन यात्रा, कठिनाइयाँ, सफलता की कहानी और प्रेरणादायक बातें शामिल हों?

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