Wednesday, 15 July 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
NEET घोटाला: इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में INNOVATIVEVIEW की भूमिका पर गंभीर सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज 18वें दिन भी जारी है सोनम वांगचुक का अनशन, इस बीच जानिए दुनिया के 7 सबसे लंबे अनशन और उनके कारण Expiry Date बदलकर आपकी रसोई तक पहुंच रहा ज़हर? दिल्ली के ओखला से सामने आए फूड रैकेट ने बढ़ाई चिंता 1976 Chowchilla Bus Kidnapping: जब फिरौती के लिए रची गई 26 बच्चों को जिंदा दफनाने की साजिश E20 पेट्रोल: देश के लिए हरित भविष्य या वाहन मालिकों के लिए नई चुनौती? आखिर क्यों छिड़ी है एथेनॉल पर इतनी बड़ी बहस रेफरी पर भड़के फ्रांस के मैनेजर डिडिएर डेशॉम्प्स, सेमीफाइनल में मिली हार के बाद उठाए गंभीर सवाल GOFTE के नेतृत्व में दिल्ली में तकनीकी शिक्षा कर्मचारियों का शांतिपूर्ण पैदल मार्च India at Lord’s: जब भारतीय क्रिकेट ने ‘Home of Cricket’ में लिखी अपनी सबसे यादगार कहानियां NEET घोटाला: इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट में INNOVATIVEVIEW की भूमिका पर गंभीर सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग तेज 18वें दिन भी जारी है सोनम वांगचुक का अनशन, इस बीच जानिए दुनिया के 7 सबसे लंबे अनशन और उनके कारण Expiry Date बदलकर आपकी रसोई तक पहुंच रहा ज़हर? दिल्ली के ओखला से सामने आए फूड रैकेट ने बढ़ाई चिंता 1976 Chowchilla Bus Kidnapping: जब फिरौती के लिए रची गई 26 बच्चों को जिंदा दफनाने की साजिश E20 पेट्रोल: देश के लिए हरित भविष्य या वाहन मालिकों के लिए नई चुनौती? आखिर क्यों छिड़ी है एथेनॉल पर इतनी बड़ी बहस रेफरी पर भड़के फ्रांस के मैनेजर डिडिएर डेशॉम्प्स, सेमीफाइनल में मिली हार के बाद उठाए गंभीर सवाल GOFTE के नेतृत्व में दिल्ली में तकनीकी शिक्षा कर्मचारियों का शांतिपूर्ण पैदल मार्च India at Lord’s: जब भारतीय क्रिकेट ने ‘Home of Cricket’ में लिखी अपनी सबसे यादगार कहानियां

राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार समारोह में शहीदी दिवस पर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की अमर विरासत को नमन

शहीदी दिवस पर वीरता पुरस्कार किए गए प्रदान, नेताओं ने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, 23 मार्च, 2026

पद्म विभूषण आदित्य नाथ झा मेमोरियल द्वारा शहीदी दिवस के पावन अवसर पर नई दिल्ली स्थित प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीद भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु सहित उन सभी वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. भरत झा और वरिष्ठ पत्रकार राकेश कुमार सिंह ने किया। यह समारोह उन व्यक्तियों को सम्मानित करने का मंच बना, जिन्होंने समाज और राष्ट्र के प्रति असाधारण साहस, निस्वार्थ सेवा और प्रतिबद्धता का परिचय दिया है।

इस अवसर पर अनेक गणमान्य अतिथि, सम्मानित होने वाले व्यक्ति, नागरिक समाज के सदस्य और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने देशभक्ति और स्मरण की भावना के साथ भागीदारी की।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास आठवले और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी चौबे उपस्थित रहे।

सभा को संबोधित करते हुए श्री रामदास आठवले ने कहा, “भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु निडर देशभक्ति और सामाजिक प्रतिबद्धता के प्रतीक हैं। आज जब हम वीरता के कार्यों का सम्मान कर रहे हैं, तो हमें उनके न्याय, समानता और राष्ट्रीय एकता के आदर्शों को आगे बढ़ाना चाहिए।”

श्री अश्विनी चौबे ने कहा, “भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु का बलिदान केवल इतिहास का एक अध्याय नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए एक मार्गदर्शक शक्ति है। उनका साहस आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।”

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में परम वीर चक्र से सम्मानित कैप्टन (मानद) योगेंद्र सिंह यादव; दक्षिण दिल्ली से लोकसभा सांसद श्री रामबीर सिंह बिधूड़ी; पश्चिम दिल्ली से लोकसभा सांसद श्रीमती कमलजीत सहरावत; और दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (अपराध एवं मीडिया) श्री देवेश चंद्र श्रीवास्तव, आईपीएस उपस्थित रहे।

इसके अलावा, सुलभ की चेयरमैन सुश्री नित्या पाठक और सुश्री पारुल सिंह भी इस अवसर पर मौजूद रहीं।

सेफक्योर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की अध्यक्ष सुश्री पारुल सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु की विरासत केवल बलिदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हर परिस्थिति में सही के लिए खड़े होने का संदेश देती है। आज के युवाओं को उनके साहस से प्रेरणा लेकर उसे अपने जीवन में उतारना चाहिए।”

अपने अनुभव साझा करते हुए कैप्टन (मानद) योगेंद्र सिंह यादव ने कहा, “मुझे आज भी कारगिल युद्ध का वह क्षण याद है जब मैं मात्र 19 वर्ष का था और कठिन परिस्थितियों के बीच अपने देश के प्रति विश्वास और साहस के साथ डटा हुआ था। यही भावना सच्ची वीरता को परिभाषित करती है।”

डॉ. भरत झा ने कहा, “यह समारोह केवल वीरता को सम्मानित करने का अवसर नहीं है, बल्कि हमारे शहीदों—भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु—के बलिदान और जिम्मेदारी की भावना को जीवित रखने का एक प्रयास है। यह आवश्यक है कि देश का युवा इन मूल्यों से जुड़े।”

समारोह के दौरान वीरता और समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के सम्मान नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं, को साहस, ईमानदारी और राष्ट्र सेवा के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

कार्यक्रम का समापन देश के शहीदों की विरासत को सहेजने और समाज में वीरता, जिम्मेदारी तथा राष्ट्रीय गर्व की भावना को आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।

शेयर करें: Facebook X WhatsApp
BN

Bureau NOTD

लेखक

NOTD News के लिए नियमित रूप से समाचार लिखते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

// न्यूज़लेटर

हर सुबह सबसे पहले ख़बरें।

अपना ईमेल दर्ज करें — कोई स्पैम नहीं, सिर्फ ज़रूरी खबरें।

Exit mobile version