विधायकों ने जताई कॉकपिट में उलझन और सुरक्षा चूक पर पारदर्शिता की मांग; AAIB ने जांच के दौरान संयम बरतने का आह्वान किया
दिल्ली, मानसून सत्र की शुरुआत आज गर्भित मौन और श्रद्धांजलि के साथ हुई, जब लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 विमान हादसे में 260 श्रद्धासंतप्त जीवनों—including पूर्व गुजरात मुख्यमंत्री विजय रूपाणी—को याद किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और विपक्षी नेता भी मौन धारण कर सभी पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के बाद संसदीय कार्य में जुटे।
जांच में पारदर्शिता पर जोर
सत्र के दौरान 22 सांसदों ने नागरिक विमानन मंत्री राम मोहन नैडू से AAIB (विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो) की वर्तमान जांच की स्थिति एवं उसकी पारदर्शिता के संबंध में तीव्र प्रश्नावली पेश की। मुख्यतः पूछे गए सवाल थे:
- कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) विश्लेषण की प्रगति
- ईंधन प्रणाली में संभावित गड़बड़ियां
- सिस्टम स्विच सेटिंग्स में त्रुटियां
- समग्र सुरक्षा प्रोटोकॉल की चूकें
AAIB की चेतावनी और शुरुआती रिपोर्ट
पिछले सप्ताह जारी प्रारंभिक AAIB रिपोर्ट में बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर के अंतिम क्षणों में “कॉकपिट में भ्रम” का हवाला दिया गया था, जिसने एक आवासीय क्षेत्र में धड़ाम से पहले की स्थितियों पर सवाल खड़े कर दिए। इस रिपोर्ट के प्रकाशन के बाद औपचारिक जांच समाप्त होने से पहले निष्कर्षों को सार्वजनिक रूप से मान लेने के प्रति AAIB ने “अपूर्व निष्कर्षों और अविश्वसनीय अफवाहों” से बचने का आग्रह किया।
विशेषज्ञों की भूमिका और आगे की राह
जांच की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए मंत्रालय ने अनुभवी पायलट एवं एयर इंडिया के पूर्व संचालन निदेशक कैप्टन आर.एस. संधू को विशेष सलाहकार रूप में नियुक्त किया है।
भारी भावनात्मक दबाव और नियामक प्रक्रियाओं पर बन रहे संदेह के बीच, सभी राजनीतिक दलों के सांसद निकट भविष्य में जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा वायुमार्ग सुरक्षा में सुधार के लिए ठोस रूपरेखा प्रस्तुत करने की उम्मीद कर रहे हैं।
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