भारत का कड़ा वार: फर्जी प्रचार और आतंकवाद फैलाने वाले 20+ पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल बैन

पहलगाम आतंकी हमले के बाद फर्जी खबरों के खिलाफ कड़ा कदम, लाखों फॉलोअर्स वाले चैनल ब्लॉक, भारत की छवि खराब करने की साजिश नाकाम

नई दिल्लीभारत सरकार ने देश विरोधी दुष्प्रचार और फर्जी खबरें फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करते हुए 20 से अधिक पाकिस्तानी यूट्यूब चैनलों पर प्रतिबंध लगा दिया है। गृह मंत्रालय (MHA) ने इन चैनलों पर कश्मीर में हाल ही में हुए आतंकी हमले समेत भारत के खिलाफ दुष्प्रचार और गलत सूचनाएं फैलाने का आरोप लगाया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कदम हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उठाया गया है, जिसमें 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें कई पर्यटक भी शामिल थे। जांच में पाया गया कि ये यूट्यूब चैनल जानबूझकर अफवाहें फैलाकर जनता के बीच अस्थिरता पैदा करने और आतंकवादी नैरेटिव को बढ़ावा देने का काम कर रहे थे।

प्रतिबंधित किए गए चैनलों में कई बड़े फॉलोअर्स वाले प्लेटफॉर्म शामिल हैं। प्रमुख नामों में ‘इंडियन न्यूज’ (@gannewspk), ‘फ्लैश न्यूज’ (@flash9flash81) और ‘SMAV4 टीवी’ (@Samaav) शामिल हैं। इन सभी चैनलों के कुल मिलाकर 6.3 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर थे। पूरी सूची 27 अप्रैल को सार्वजनिक की गई।

गृह मंत्रालय ने बताया कि ये प्लेटफॉर्म कश्मीर में आतंकवाद, भारतीय सेना और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानबूझकर झूठी और भ्रामक खबरें फैला रहे थे। इनका उद्देश्य भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करना और जनता के बीच अविश्वास फैलाना था।

पहलगाम घटना के बाद सरकार ने मीडिया में चल रहे नैरेटिव की निगरानी भी तेज कर दी है। विदेशी मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, जो पक्षपाती रिपोर्टिंग या फर्जी खबरें फैलाने में लिप्त पाए जा रहे हैं।

इसके साथ ही भारत ने कुछ श्रेणियों में पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा जारी करने पर भी रोक लगा दी है और यह चेतावनी दी है कि जो भी प्लेटफॉर्म या व्यक्ति देश विरोधी प्रचार में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बयान जारी करते हुए कहा, “भारत अपनी संप्रभुता और आंतरिक शांति के खिलाफ किसी भी तरह के सुनियोजित प्रचार को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह कदम देश की इंटरनेट सीमाओं की सुरक्षा के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।”

सरकार का यह कड़ा कदम एक स्पष्ट संदेश देता है कि संवेदनशील परिस्थितियों का फायदा उठाकर फैलाए जा रहे फर्जी प्रचार और आतंक से जुड़े नैरेटिव को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और इसके खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ये भी पढ़ें :- केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई 2025 से खुलेंगे: जानें दर्शन का समय, यात्रा मार्ग और ज़रूरी टिप्स

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Exit mobile version