नई दिल्ली, न्यूज ऑफ द डे
दिल्ली के रोहिणी इलाके में एक 43 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध मौत ने पूरे मामले को रहस्यमय बना दिया है। खास बात यह है कि मृतक उसी दिन कोर्ट में गवाही देकर घर लौटा था। कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत की खबर सामने आई, जिससे परिवार और आसपास के लोग स्तब्ध हैं।
मृतक के परिजनों का साफ आरोप है कि यह सामान्य मौत नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या हो सकती है। उनका कहना है कि वह एक गंभीर मामले में मुख्य गवाह था और लंबे समय से उसे धमकियां मिल रही थीं। ऐसे में गवाही के तुरंत बाद उसकी मौत कई सवाल खड़े कर रही है।
गवाही के बाद बिगड़ी तबीयत
जानकारी के मुताबिक, मृतक शनिवार को अदालत में पेश हुआ था, जहां उसने एक पुराने केस में अपना बयान दर्ज कराया। बताया जा रहा है कि यह मामला दुष्कर्म की कोशिश से जुड़ा है, जिसमें वह मुख्य गवाह की भूमिका में था। कोर्ट से लौटने के बाद उसकी हालत अचानक बिगड़ गई और थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई। परिवार का दावा है कि यह सब अचानक नहीं हुआ। उनका कहना है कि पिछले कुछ समय से आरोपी पक्ष की ओर से लगातार दबाव और धमकियां मिल रही थीं। कई बार उसे जान से मारने की चेतावनी भी दी गई थी।
परिवार ने जताया साजिश का शक
परिजनों ने इस पूरी घटना को साजिश करार दिया है। उनका आरोप है कि गवाही देने के कारण ही उसे रास्ते से हटाया गया। परिवार का कहना है कि मौत के पीछे जहर देने या मारपीट जैसी आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं, परिजनों ने कुछ लोगों के नाम भी सामने रखे हैं। हालांकि, अभी तक इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस जांच के घेरे में मामला
दिल्ली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर इसे संदिग्ध मौत मानते हुए हर एंगल से पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि क्या मृतक को पहले मिली धमकियों और उसकी मौत के बीच कोई सीधा संबंध है या नहीं। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और कॉल डिटेल्स भी खंगाली जा रही हैं।
