सुप्रीम कोर्ट ने Elvish Yadav को सांप जहर FIR और केस से पूरी तरह मुक्त कर दिया,इस फैसले के बाद यूट्यूबर और उनके फैंस में खुशी की लहर दौड़ गई है जानिए पूरा मामला
यूट्यूबर और सोशल मीडिया स्टार एल्विश यादव को हाल ही में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उनके खिलाफ सांप के जहर (snake venom) मामले में दर्ज FIR और सभी कानूनी कार्रवाई को रद्द कर दिया, जिससे यह मामला अब कानूनी रूप से बंद हो गया। इस फैसले के बाद एल्विश यादव और उनके फैंस में खुशी की लहर देखने को मिली है।
मामला और FIR की पृष्ठभूमि
मामला नोएडा, उत्तर प्रदेश का है। नवंबर 2023 में एक पार्टी के दौरान कथित रूप से सांप के जहर का इस्तेमाल करने के आरोप लगे थे। उस समय पुलिस ने एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की। यह मामला सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में रहा था। एल्विश यादव की लोकप्रियता और उनके यूट्यूब वीडियोज के कारण यह खबर तेजी से वायरल हुई।
एल्विश यादव की तरफ से पेश वकील ने कोर्ट में यह दलील दी कि वह केवल एक वीडियो में गेस्ट के तौर पर पार्टी में मौजूद थे। उन्होंने यह भी कहा कि वहां किसी प्रकार की रेव पार्टी या नशीले पदार्थों के इस्तेमाल का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। यानी जो आरोप लगाए गए थे, उनके पास उसे साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं थे।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने FIR और मामले की कानूनी स्थिति की गंभीरता से समीक्षा की। अदालत ने यह पाया कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने FIR और प्रॉसीडिंग्स को खारिज करने का आदेश दिया, जिससे यह मामला समाप्त हो गया। कोर्ट ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तभी टिकाऊ होती है जब पर्याप्त सबूत मौजूद हों। इस मामले में ऐसा नहीं था। अदालत ने कहा कि एल्विश यादव की ओर से पेश दलीलें व तर्क कानूनी रूप से मजबूत थीं और FIR को कायम रखना न्याय संगत नहीं था।
एल्विश यादव और फैंस की प्रतिक्रिया
इस फैसले के बाद एल्विश यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी व्यक्त की और इसे अपने लिए एक बड़ी राहत बताया। उनके फैंस ने भी उनके समर्थन में कई पोस्ट और कमेंट्स किए। कई लोग यह कह रहे हैं कि यह फैसला सिर्फ एल्विश के लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए भी प्रेरणा है, जिस पर बिना पर्याप्त प्रमाण के आरोप लगाए जाते हैं।
इस केस के दौरान मीडिया और सोशल मीडिया पर काफी चर्चा हुई। कई लोग एल्विश यादव के समर्थन में खड़े रहे, तो कुछ ने सवाल भी उठाए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्णय ने साफ कर दिया कि कानून में सबूत और तथ्य सबसे महत्वपूर्ण हैं।
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय एल्विश यादव के लिए एक बड़ी राहत साबित हुआ है। अब वह बिना किसी कानूनी बाधा के अपने काम और सोशल मीडिया एक्टिविटी जारी रख सकते हैं। साथ ही यह मामला यह भी साबित करता है कि कानून का पालन और सबूत के बिना किसी पर आरोप लगाना न्याय संगत नहीं होता।
Also Read: Israel Hit South Pars Gas Field ‘Out of Anger’, US Knew Nothing: Donald Trump
