भारत को विश्व चैंपियन बनाया सम्राट ने, वरुण ने दिलाया ब्रॉन्ज-शूटिंग में रचा इतिहास

ओलंपिक खेल की विश्व चैंपियनशिप में पहली बार डबल पोडियम फिनिश

नई दिल्ली, (न्यूज ऑफ द डे)।

हरियाणा के करनाल जिले के एक किसान परिवार से आने वाले 20 वर्षीय सम्राट राणा ने काहिरा में आयोजित आईएसएसएफ विश्व चैम्पियनशिप में दुनिया को चौंका दिया। राणा ने इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (ISSF) वर्ल्ड चैम्पियनशिप में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम इतिहास में दर्ज करा दिया। वहीं, उनके साथी वरुण तोमर ने कांस्य पदक जीतकर भारतीय झोली में एक और चमकदार उपलब्धि डाल दी। यह पहली बार है जब किसी ओलंपिक खेल की विश्व चैंपियनशिप में भारत ने डबल पोडियम हासिल किया है।

सम्राट, जो कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में तृतीय वर्ष के छात्र हैं और एक किसान परिवार से आते हैं, ने अपने दूसरे ही सीनियर इंटरनेशनल टूर्नामेंट में 243.7 अंक के साथ बाजी मारी। उन्होंने चीन के हू काई को 0.4 अंकों से पछाड़कर गोल्ड पर निशाना साधा। वरुण ने 22वें शॉट के बाद 221.7 अंकों के साथ ब्रॉन्ज पर कब्जा किया।

फाइनल बेहद रोमांचक रहा। शुरुआत में दोनों भारतीय निशानेबाज 10-रिंग से चूके, लेकिन जल्द ही वापसी करते हुए लगातार टॉप थ्री में बने रहे। अंतिम शॉट में जब राणा केवल 0.6 अंक से आगे थे और हु काई ने 10.8 का शॉट मारा तो जीत के लिए राणा को कम से कम 10.3 की जरूरत थी। तब सम्राट ने दबाव में शानदार 10.6 का शॉट लगाकर ‘गोल्डन मोमेंट’ पूरा किया।

इस मुकाबले में उन्होंने कई दिग्गजों को पीछे छोड़ा — जर्मनी के ओलंपिक चैंपियन क्रिश्चियन रेट्ज़, यूक्रेन के तीन बार ओलंपियन पावलो कोरोस्टायलोव, ऑस्ट्रिया के रिचर्ड जेकमेस्टर और इटली के ओलंपिक सिल्वर विजेता फेडरिको माल्डिनी जैसे नाम उनके सामने फीके पड़ गए।

क्वालिफिकेशन राउंड में भी दोनों भारतीयों ने दबदबा दिखाया था। 60 शॉट्स के बाद सम्राट और वरुण क्रमशः पहले और दूसरे स्थान पर रहे। दोनों ने 586 अंक हासिल किए, जिसमें सम्राट ने ज्यादा ‘इनर 10s’ के आधार पर बढ़त ली। टीम इवेंट में भी भारत ने कमाल किया। सम्राट, वरुण और श्रवण कुमार की तिकड़ी ने 1754 अंकों के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस इवेंट में इटली को सिल्वर और जर्मनी को ब्रॉन्ज मिला। महिलाओं की एयर पिस्टल टीम ने सिल्वर जीतकर दिन को और यादगार बना दिया। भारतीय शूटिंग के लिए यह दिन स्वर्णिम रहा, जहां सम्राट और वरुण ने दुनिया को दिखा दिया कि अब ट्रिगर दबाने में भारतीय हाथ किसी से कम नहीं।

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