कोलोराडो में यहूदी समुदाय पर बम हमला, ‘फिलस्तीन आज़ाद करो’ के नारे लगे, कई घायल

अमेरिका के कोलोराडो राज्य के बोल्डर शहर में यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर एक बड़ा और चौंकाने वाला हमला हुआ। रविवार को एक संदिग्ध व्यक्ति ने यहूदी समुदाय की एक भीड़ पर आग लगाने वाले बम (मोलोटोव कॉकटेल) फेंके और ‘फिलस्तीन आज़ाद करो’ के नारे लगाते हुए वहां दहशत फैला दी। इस घटना में कई लोग घायल हो गए, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

यह हमला उस समय हुआ जब इज़राइल और हमास के बीच गाजा में चल रहे युद्ध को लेकर अमेरिका में तनाव का माहौल पहले से ही गरम है।

हमलावर गिरफ्तार, एफबीआई कर रही है जांच

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने 45 वर्षीय एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है, जिसकी पहचान मोहम्मद सबरी सोलिमा के रूप में हुई है। एफबीआई और स्थानीय एजेंसियों ने हमले को गंभीरता से लेते हुए मामले की व्यापक जांच शुरू कर दी है।

कोलोराडो के अटॉर्नी जनरल फिल वीजर ने बयान में कहा कि यह हमला एक समुदाय विशेष को निशाना बनाकर किया गया, जिससे यह ‘हेट क्राइम’ यानी घृणा अपराध की श्रेणी में आता है। संदिग्ध से पूछताछ जारी है और उसके आतंकवाद से जुड़े संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।

प्रत्यक्षदर्शी ने सुनाई दर्दनाक आपबीती

कोलोराडो यूनिवर्सिटी की 19 वर्षीय छात्रा ब्रुक कॉफमैन इस घटना की प्रत्यक्षदर्शी हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने चार महिलाओं को ज़मीन पर गिरे हुए देखा जिनके पैर बुरी तरह झुलस चुके थे। उनमें से एक महिला की हालत इतनी गंभीर थी कि लोगों ने उसे एक झंडे में लपेट कर प्राथमिक उपचार देना शुरू किया।

ब्रुक ने कहा, “यह मंजर बेहद भयावह था। लोग चीखते हुए इधर-उधर भाग रहे थे। हर कोई डर और सदमे में था।”

धार्मिक स्थलों की सुरक्षा कड़ी, पुलिस अलर्ट पर

घटना के बाद न्यूयॉर्क समेत कई अमेरिकी शहरों में यहूदी पूजा स्थलों और समुदायिक केंद्रों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। न्यूयॉर्क सिटी पुलिस ने कहा कि यहूदी त्योहार ‘शवोत’ को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं।

पिछले कुछ समय में अमेरिका में यहूदी विरोधी घटनाओं में अचानक तेज़ी आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां और प्रशासन दोनों सतर्क हो गए हैं। संघीय एजेंसियां भी इस हमले को लेकर सक्रिय हो गई हैं और इसकी पृष्ठभूमि में उभर रहे सामाजिक तनाव पर नजर रख रही हैं।

समुदायों के बीच बढ़ते तनाव की गंभीर चेतावनी

यह हमला अमेरिका में यहूदी और फिलस्तीनी समर्थक समुदायों के बीच गहराते टकराव की एक और गंभीर मिसाल बनकर सामने आया है। पुलिस और जांच एजेंसियां लगातार निगरानी में लगी हैं ताकि किसी भी संभावित हिंसा को रोका जा सके।

सुरक्षा एजेंसियों ने सभी धार्मिक और अल्पसंख्यक समुदायों से सतर्क रहने की अपील की है और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने का आग्रह किया है।

ये भी पढ़ें :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवा क्रिकेट प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी से की मुलाकात

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *