अमरनाथ यात्रा 2025: आतंकी खतरे के बीच DGP ने कसी सुरक्षा की कमान, हाईलेवल मीटिंग में दिए सख्त निर्देश

पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, यात्रा की सुरक्षा को लेकर DGP ने की बड़ी बैठक

पिछले महीने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा 2025 को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (DGP) नलिन प्रभात ने यात्रा की समग्र सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष, कश्मीर में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

इस बैठक में पुलिस, सीआरपीएफ, आईटीबीपी, रेलवे, ट्रैफिक पुलिस और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। डीजीपी ने निर्देश दिया कि 3 जुलाई से शुरू होने वाली 38 दिवसीय यात्रा के दौरान किसी भी आतंकी गतिविधि की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जाए और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

डीजीपी ने दिए पुख्ता सुरक्षा और आतंकवाद विरोधी उपायों के निर्देश

बैठक में डीजीपी प्रभात ने अधिकारियों से कहा कि वे आतंकियों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए अपने प्रयासों को तेज करें। उन्होंने मानक संचालन प्रक्रियाएं (SOPs) लागू करने और जोखिम को कम करने के लिए हरसंभव सक्रिय कदम उठाने को कहा।

इसके साथ ही यात्रा मार्गों पर एंटी सेबोटेज टीमों की तैनाती और दोनों रूट्स की रीयल-टाइम निगरानी जैसे तकनीकी उपाय अपनाने के निर्देश भी दिए गए।

सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, यात्रा को भयमुक्त बनाने की तैयारी

बैठक में कश्मीर और जम्मू के पुलिस महानिरीक्षकों ने अमरनाथ यात्रा को लेकर अपनी तैयारियों की जानकारी साझा की। सीएपीएफ और अन्य सुरक्षाबलों के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव और रणनीति साझा की।

डीजीपी ने बलों के बीच प्रभावी समन्वय और उच्च स्तर की तैयारी सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि अमरनाथ यात्रा को बिना किसी डर और बाधा के सफलतापूर्वक सम्पन्न कराना सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए।

बैठक का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी और यात्रा को शांति व सुरक्षा के साथ संपन्न कराया जाएगा।

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