सड़क सुरक्षा सुधार के लिए ट्रकों की अलग लेन, सख्त क्रियान्वयन और तकनीकी निगरानी पर जोर
नई दिल्ली: देशभर के हाईवे पर बढ़ते सड़क हादसों और यातायात अव्यवस्था को लेकर विजय शंकर चतुर्वेदी ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उनके अनुसार ट्रकों की मनमानी आवाजाही आम लोगों के लिए जानलेवा स्थिति पैदा कर रही है।
विजय शंकर चतुर्वेदी ने कहा कि देश के एक्सप्रेस-वे और राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण तेज, सुरक्षित और सुव्यवस्थित यातायात के उद्देश्य से किया गया था, लेकिन वर्तमान में ट्रकों की अनुशासनहीनता के कारण आम वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से छोटे वाहन चालकों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और परिवारों के साथ यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति अत्यंत जोखिमपूर्ण बनती जा रही है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से मांग की कि सभी राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेस-वे पर ट्रकों के लिए अलग और निर्धारित लेन सुनिश्चित की जाए। ट्रकों को केवल तय लेन में ही चलने की अनुमति दी जाए और इस नियम का सख्ती से पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि अक्सर भारी ट्रक बीच और फास्ट लेन तक में चलते हैं, जिससे छोटे वाहनों की गति बाधित होती है और दुर्घटनाओं की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
चतुर्वेदी ने नियमों के उल्लंघन पर कठोर कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने सुझाव दिया कि पहली गलती पर भारी जुर्माना, दूसरी बार लाइसेंस निलंबन और लगातार उल्लंघन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किया जाए। साथ ही, ट्रक मालिकों की जवाबदेही तय की जाए और बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहनों को जब्त करने की व्यवस्था लागू की जाए।
उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल कानून बनाने से सुनिश्चित नहीं होती, बल्कि उसके सख्त क्रियान्वयन से ही संभव है। यदि सरकार ट्रकों की लेन व्यवस्था को लेकर गंभीरता दिखाए और तकनीकी निगरानी को बढ़ाए, तो हजारों लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने हाईवे पर सीसीटीवी आधारित निगरानी, ऑटोमैटिक चालान प्रणाली और नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने की भी मांग की।
विजय शंकर चतुर्वेदी ने जोर देते हुए कहा कि सड़क पर अनुशासन केवल सुविधा का विषय नहीं, बल्कि जीवन रक्षा का प्रश्न है। हर दिन होने वाली दुर्घटनाओं में बड़ी संख्या में लोग अपनी जान गंवा रहे हैं, और इसका एक प्रमुख कारण भारी वाहनों की लापरवाही है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि आम नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से नई नीति लागू की जाए, ताकि देश के हाईवे सुरक्षित, व्यवस्थित और भयमुक्त बन सकें।
