Thursday, 22 October 2026
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बिहार के नालंदा में उगाए जा रहे हैं दुनिया के सबसे महंगे ‘मियाजाकी’ आम, कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान ?

मियाजाकी आम पूरे जापान में मिलते हैं और इनके उत्पादन में ओकिनावा के बाद मियाजाकी का दूसरा स्थान है। ये आम एंटीऑक्सीडेंट, बीटा-कैरोटीन, और फोलिक एसिड से भरपूर होते हैं।

बिहार के नालंदा में उगाए जा रहे हैं दुनिया के सबसे महंगे ‘मियाजाकी’ आम, कीमत जानकर रह जाएंगे हैरान ?

बिहार आम की विभिन्न प्रजातियों के लिए प्रसिद्ध है। चाहे दशहरी, लंगड़ा, चौसा या अलफॉन्सो की बात हो, बिहार में ये सभी आम मिलते हैं। लेकिन अगर मैं कहूं कि बिहार में दुनिया का सबसे महंगा आम भी मिलता है, तो शायद आप यकीन नहीं करेंगे। यह सच है। नालंदा के चंडी प्रखंड के ढकनिया गांव में मुकेश कुमार अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर दुनिया की सबसे महंगी आम की प्रजाति उगा रहे हैं। मुकेश ने 2021 में सोशल मीडिया के माध्यम से मियाजाकी आम के बारे में जानकारी हासिल की थी और इसके बाद जापान से इस प्रजाति के पौधे मंगवाए। पिछले तीन साल से इन पेड़ों पर आम आ रहे हैं। मुकेश का दावा है कि ये आम मियाजाकी प्रजाति के ही हैं। मियाजाकी आम दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। आइए, इस आम की खासियत के बारे में जानते हैं।

मियाजाकी प्रजाति का नामकरण

मियाजाकी आम पहले केवल जापान के क्यूशू प्रांत के Miyazaki शहर में उगाया जाता था, इसलिए इसका नाम मियाजाकी पड़ा। इस प्रजाति के एक आम का वजन 350 ग्राम या उससे अधिक होता है और इसमें चीनी की मात्रा 15% या उससे ज्यादा होती है। यह आम अपने अलग रूप और रंग के कारण भारत और दक्षिण पूर्व एशिया में लोकप्रिय है। इसे “एग ऑफ द सन” (जापानी में ताइयो-नो-तमागो) के नाम से भी जाना जाता है।

बेहद कीमती मियाजाकी आम

इस प्रजाति के आम की कीमत सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में Miyazaki आम की कीमत 2.70 लाख रुपये प्रति किलो तक हो सकती है, और ऑफ सीजन में यह कीमत 3.50 लाख रुपये प्रति किलो तक भी पहुंच सकती है। इसलिए इसे दुनिया का सबसे महंगा आम माना जाता है। जापान में इस आम की सबसे अधिक पैदावार अप्रैल से अगस्त के बीच होती है। Miyazaki के आम जापान के ओकिनावा के बाद सबसे अधिक उत्पादन वाली जगह है। ये आम एंटीऑक्सीडेंट, बीटा-कैरोटीन, और फोलिक एसिड से भरपूर होते हैं, जो थकी हुई आंखों और कम होती दृष्टि के लिए बहुत फायदेमंद हैं।

Miyazaki के स्थानीय लोगों के अनुसार, इस आम का उत्पादन 70 के दशक के अंत और 80 के दशक की शुरुआत में शुरू हुआ। मियाजाकी के गर्म मौसम, लंबी धूप और प्रचुर बारिश ने यहां के किसानों के लिए आम की खेती को संभव बना दिया है, और अब यह यहां की प्रमुख उपज बन चुकी है।

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Aniket

लेखक

Aniket Sardhana is a journalism graduate with hands-on experience in field reporting, camera operations, and news production. With a strong understanding of newsroom workflows and on-ground storytelling, he has developed a practical and detail-oriented approach to reporting. Aniket writes extensively on cryptocurrency and current affairs, focusing on policy developments, market trends, and their broader socio-economic impact.

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