हरियाणा का सबसे बड़े एफपीओ मेले का समापन: स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिला बल, उत्पन्न हुए नए रोजगार के अवसर : राहुल ढींगरा

मेले

प्राकृतिक और जैविक उत्पाद खरीदने उमड़े लोग, 3 करोड़ रुपए से अधिक की हुई बिक्री

कृषि तकनीकों से भी परिचित हुए लोग, 1 हजार से अधिक उत्पाद किए गए थे प्रदर्शित

घर बैठे उत्पाद मंगाने की भी दी गई सुविधा, मेले में लोगों के लिए लकी ड्रा का भी आयोजन

अंबाला।

हरियाणा के अंबाला सिटी की नई अनाज मंडी में 26 जुलाई से शुरू हुए सबसे बडे एफपीओ मेले का रविवार 28 जुलाई को समापन हो गया। इस मेले में लोग किसानों से उनके प्राकृतिक और जैविक उत्पाद खरीदने के लिए उमड़ पड़े। उनका सीधा किसानों से संपर्क हो सका। वहीं काफी लोगों ने घर बैठे भी उत्पाद मंगवाए। किसानों के बेहतरीन उत्पादों के चलते मेले में रिकॉर्ड 3 करोड़ रुपए से अधिक की बिक्री दर्ज की गई।

इस तीन दिवसीय मेले में 40 से अधिक किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) शामिल हुए, जिन्होंने 1,000 से अधिक प्राकृतिक और जैविक किसान उत्पादों का प्रदर्शन किया। इस मेले में केंद्रीय सरकार की आरकेवीवाई रफ्तार योजना द्वारा वित्त पोषित 8 स्टार्टअप्स ने भी भाग लिया, जिन्होंने अपनी नवीन कृषि तकनीकों का प्रदर्शन किया।

मेले के आयोजक श्री राहुल ढींगरा ने बताया, ” इस मेले में 3 करोड़ रुपए से अधिक की रिकॉर्ड बिक्री की दर्ज की गई है। एग्रीटेक कंपनियों ने 90 लाख रुपये के ऑर्डर बुक किए हैं। इस आयोजन के दौरान कृषि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर व्यापारिक अवसरों का लाभ उठाया गया है।

साथ ही, 50 से अधिक स्थानीय कैटरर्स और होटलों ने भविष्य की बिक्री के लिए साझेदारी की है। यह आयोजन स्थानीय व्यवसायों और एग्रीटेक कंपनियों के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने में सहायक सिद्ध हुआ है। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिला, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी उत्पन्न हुए हैं।”

कुबोटा डीलरशिप से श्री जगमीत सिंह और इंडोफार्म ट्रैक्टर्स से श्री समुंदर सिंह ने बिक्री पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा, ” इस आयोजन से न केवल हमारी बिक्री में वृद्धि हुई है, बल्कि स्थानीय व्यवसायों के साथ संबंध भी मजबूत हुए हैं। इस प्रकार के आयोजनों से किसानों को उनकी जरूरतों के अनुसार सही विकल्प चुनने में भी मदद मिलती है।” मेले में इंडो फार्म और कुबोटा के 2-2 ट्रैक्टरों की बिक्री और डिलीवरी की गई।

एसएफएसी के डॉ. रंजीत राजपूत, जो इस कार्यक्रम के लिए नोडल अधिकारी थे, ने पूरे आयोजन की देखरेख की। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न गतिविधियों का प्रबंधन किया और सुनिश्चित किया कि सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलें।

डॉ. राजपूत ने आयोजन के दौरान सभी स्टेकहोल्डर्स के साथ समन्वय किया और प्रतिभागियों को उत्कृष्ट अनुभव प्रदान किया। उनके नेतृत्व में मेले ने किसानों और स्थानीय व्यवसायों के लिए कई अवसर पैदा किए। उन्होंने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त किया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की आवश्यकता पर जोर दिया।

मेला तीन दिनों तक सुबह 10 बजे से रात 9 बजे तक चला। दर्शक अधिक इंटरेक्शन, अद्वितीय उत्पाद खोज और मनोरंजन की उम्मीद कर सकें, इसके लिए घर से उत्पाद ऑर्डर करने की भी सुविधा दी गई। इसके लिए एफ2डीएफ (किसान की ऑनलाइन दुकान) एप्लिकेशन उपलब्ध कराई गई, जो सभी को सुविधा और पहुंच प्रदान करती है।

उपभोक्ताओं के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन

उपभोक्ताओं के लिए इस मेले में केवल खरीददारी करने का ही मौका नहीं दिया गया। बल्कि उनके लिए पारिवारिक गतिविधियां भी इस मेले में रखी गईं। मेले में बच्चों के लिए खेल गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिससे बच्चे भी अपने माता-पिता के साथ आकर यहां आनंद उठा सके। मेले में मनोरंजन के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें समूह नृत्य और अन्य मनोरंजक गतिविधियां शामिल रहीं। हरियाणवी कल्चर से लोगों को परिचित कराया गया। इसके अलावा यहां आने वाले आंगतुकों के लिए लकी ड्रॉ का आयोजन भी किया गया। जिसमें जीतने वाले को बेहतरीन पुरस्कार दिए गए।

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