नई दिल्ली: सोमवार (18 मई) बीती रात उज्जैन एक्सप्रेस पर एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। शंटिंग के दौरान ऋषिकेश में उज्जैन एक्सप्रेस के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए। हालांकि ट्रेन में यात्रियों से सवार न होने की वजह से बड़ा हादसा होने से टल गया। रेल्वे विभाग ने दुर्घटना के असल कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरु कर दी है।
उत्तराखंड के योग नगरी माने जाने वाले ऋषिकेश रेल्वे स्टेशन के खंड गांव क्षेत्र में एक बड़ा हादसा टल गया। दरअसल बीती रात करीब 9:30 बजे इस इलाके में उज्जैन एक्सप्रेस पटरी से उतर गई।
हादसे में ट्रेन के तीन डिब्बों के क्षतिग्रस्त होने की खबर सामने आ रही है। घटना के दौरान ट्रेन में यात्रियों के न होने के कारण कोई बड़ी हताहत नहीं हुई। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा रेल्वे ट्रैक पर आ गया, जिसे बाद में स्थानीय और रेल्वे पुलिस द्वारा नियंत्रित किया गया।
कैसे हुई दुर्घटना
ऋषिकेश रेल्वे स्टेशन के RPF निरिक्षक सरोज कुमार ने बताया कि, “यह घटना रात 9:42 पर घटी। शाम करीब 6 बजे उज्जैन एक्सप्रेस योगनगरी स्टेशन पर पहूंची। ट्रेन सुबह 6:15 पर योगनगरी से उज्जैन के लिए रवाना होती है। इसलिए ट्रेन को रात 9:30 बजे प्लेटफार्म से हटाकर शंटिंग लाईन पर ले जाया जा रहा था। शंटिंग के दौरान ट्रेन का इंजन शंटिंग के मुहाने से टकरा गया, जिसकी वजह से यह दुर्घटना घटी। टक्कर इतनी तेज थी कि एक साथ तीन बोगियां पटरी से उतर गईं”।
ब्रेक फेल बना हादसे का कारण
शुरुआती जांच के अनुसार इस बड़े दुर्घटना का कारण ब्रेक फेल बताया जा रहा है। अचानक ब्रेक फेल हो जाने से लोको पायलट द्वारा समय रहते ट्रेन को नियंत्रित नहीं किया जा सका। रेल्वे के वरिष्ठ अधिकारी भी इस हादसे के बाद सवालों के घेरे में आ गये हैं। उनपर आरोप है कि इतने बड़े हादसे के ढाई घंटे तक कोई भी अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा था।
नहीं थम रहा हादसों का सिलसिला
आपको बता दें कि सोमवार (18 मई) की सुबह 6 बजे भी सासाराम रेल्वे स्टेशन पर एक ट्रेन में आग लग गई थी। सासाराम से पटना जाने वाली इस ट्रेन में आग लगने से प्लेटफॉर्म और ट्रेन के अंदर बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। लंबे प्रयास के बाद आग पर से काबू पाया गया।
इससे पहले रविवार (17 मई) को तिरुवनंतपुरम-ह. निजामुद्दिन राजधानी एक्सप्रेस के भी एक कोच में आग लगने की घटना सामने आई थी। गनीमत थी कि वहां भी समय रहते हालात पर काबू पा लिया गया, जिससे वहां भी कोई हताहत नहीं हुई।
यह भी पढ़े: ‘हेयर ट्रांस्पलांट’ के हत्थे कुर्बान हुआ पाक का आतंकी मिशन, लश्कर के आतंकी ‘चाइनीज’ की कहनी
