नई दिल्ली: भारत की राजधानी नई दिल्ली में पहले International Big Cat Alliance (आईबीसीए) का आयोजन होने जा रहा है। यह सम्मेलन दिल्ली स्थित भारत मंडपम में 1-2 जून के बीच होगा। इस कार्यक्रम के लिए फिलहाल 14 देशों ने शामिल होने के लिए हामी भर दी है।
1 और 2 जून को भारत अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है। इस सम्मेलन का मकसद दुनिया की सात बड़ी बिल्ली की प्रजातियों के संरक्षण के प्रयासों को मजबूत कर वैश्विक नेताओं, संरक्षणवादियों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाना है।
95 देशों को दिया निमंत्रण
पर्यावरण मंत्रालय के जारी एक बयान के मुताबिक भारत ने इस सम्मेलन को सफल बनाने के लिए दुनियाभर के कुल 95 देशों को निमंत्रण भेजा है, ताकि बड़ी बिल्लियों की सुरक्षा और वैश्विक सहयोग पर चर्चा की जा सके। वर्तमान में 25 हस्ताक्षरकर्ता और और 5 पर्यवेक्षक देश इस समूह में आधिकारिक रूप से शामिल हुए हैं। अब तक 14 देशों ने दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए हामी भी भर दी है।
इन प्रजातियों की होगी रक्षा
अप्रैल 2023 में शुरु हुए इस संगठन का उद्देश्य दुनिया की सात बड़ी बिल्लियों की प्रजाति को सुरक्षा और संरक्षण प्रदान करना है। इन प्रजातियों में शेर, चीता, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, जेगुआर और प्यूमा शामिल हैं। इस संगठन का काम इन प्रजातियों के शिकार और इनके अवैध व्यापार पर भी रोक लगाना होगा।
आईबीसीए के मौजूदा सदस्य देश
इन प्रजातियों की सुरक्षा के लिए अब तक 30 देशों ने अपने नाम की घोषणा की है। इनमें से 25 (भारत अंगोला, आर्मेनिया, बांग्लादेश, भूटान, कंबोडिया, मिस्र, इरिट्रिया, इस्वातिनी, इथियोपिया, ग्वाटेमाला, गिनी, केन्या, लाइबेरिया, मलेशिया, मंगोलिया, म्यांमार, नेपाल, निकारागुआ, नाइजर, पैराग्वे, रूस, रवांडा, सोमालिया और श्रीलंका) हस्ताक्षरकर्ता देश हैं, वहीं पांच देशों (कजाकिस्तान, नामीबिया, थाईलैंड, इक्वाडोर और वियतनाम) को पर्यवेक्षक का दर्जा मिला है।
