भारत में रोमानियाई वाणिज्य मंडल संघ (UBCCR) ने 4 जून को नई दिल्ली के पुलमैन होटल, ऐरोसिटी में INRO बिजनेस समिट 2025 का सफल आयोजन किया। यह सम्मेलन भारत और रोमानिया के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूती देने वाली एक ऐतिहासिक पहल के रूप में सामने आया।
इस समिट का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक और सांस्कृतिक सहयोग को बढ़ावा देना था। सम्मेलन में निर्माण, हरित ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, खाद्य प्रसंस्करण, डिजिटल तकनीक और बुनियादी ढांचे सहित कई क्षेत्रों में संभावित भागीदारी पर चर्चा हुई।
सीमाओं से आगे बढ़ती साझेदारी: प्रमुख हस्तियों की सहभागिता
समिट में कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लेकर इसकी गरिमा बढ़ाई। प्रमुख प्रतिभागियों में UBCCR के उपाध्यक्ष अल्बू एलिन मारियस, भारत में रोमानिया की राजदूत सेना लतीफ, सांसद महेश कुमार पुट्टा, UBCCR अध्यक्ष शिवा मुंजाल, एप्पल इंडिया के पूर्व CEO आदर्श शास्त्री, एयरबोटिक्स टेक्नोलॉजी के निदेशक विनोद राव तंद्रा, कर्नल गांधी और धनवर्षा ग्रुप के चेयरमैन अंशुमन जोशी शामिल रहे।
श्री एलिन मारियस ने भारत-रोमानिया सहयोग को नवाचार, पारदर्शिता और दीर्घकालिक साझेदारी का आदर्श बताते हुए कहा कि यह पहल शिक्षा, तकनीक और औद्योगिक विकास के नए द्वार खोलेगी।
राजदूत लतीफ: यह सम्मेलन नहीं, एक आंदोलन है
रोमानियाई राजदूत सेना लतीफ ने अपने वक्तव्य में कहा,
“INRO समिट व्यापार से कहीं बढ़कर है – यह विचारों और मूल्यों का आदान-प्रदान है। पहली बार रोमानिया के इतने उद्योग भारत लाए गए हैं, जिनमें वाइन से लेकर हेल्थटेक तक शामिल हैं।”
उन्होंने भारत-यूरोपीय संघ FTA को शीघ्र निष्पादित करने की अपील भी की।
भारत की वैश्विक भूमिका को सशक्त बनाता आयोजन: सांसद पुट्टा
सांसद महेश कुमार पुट्टा ने कहा,
“भारत आज वैश्विक आर्थिक शक्ति बन चुका है और यह समिट हमारी वैश्विक भूमिका को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”
उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसे अभियानों को वैश्विक निवेश के लिए मजबूत आधार बताया।
UBCCR की प्रतिबद्धता: प्रतीकात्मकता से परे ठोस पहल
UBCCR अध्यक्ष शिवा मुंजाल ने कहा कि यह आयोजन केवल रस्म अदायगी नहीं, बल्कि भारत-रोमानिया आर्थिक साझेदारी के लिए एक ठोस मंच है।
“हम लोगों को जोड़ने, विचारों को क्रियान्वयन में बदलने और साझेदारी को व्यवहारिक बनाने में विश्वास रखते हैं।”
उन्होंने बताया कि भविष्य में क्लीन एनर्जी, कृषि, डिजिटल इनोवेशन और विनिर्माण क्षेत्र में विशेष टास्क फोर्स और व्यापार प्रतिनिधिमंडलों का गठन किया जाएगा।
तकनीक केंद्र में: एयरबोटिक्स ने दिखाई नई संभावनाएं
Airbotix Technology की भागीदारी समिट की खास बात रही। कंपनी के प्रतिनिधि विनोद राव तंद्रा और कर्नल गांधी ने रक्षा और एयरोस्पेस तकनीक में भारत-रोमानिया सहयोग को एक सुनहरा अवसर बताया।
कर्नल गांधी ने कहा,
“हम सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि भरोसे और सुरक्षा का निर्माण कर रहे हैं।”
उन्होंने भारत की क्षमता और रोमानिया की विशेषज्ञता को मिलाकर एक परिपूर्ण साझेदारी का विज़न प्रस्तुत किया।
नया युग, नई ऊंचाइयां: रक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक अवसर
धनवर्षा ग्रुप के चेयरमैन अंशुमन जोशी ने कहा,
“यह साझेदारी रक्षा ड्रोन व अन्य क्षेत्रों में दोनों देशों के लिए नए कीर्तिमान स्थापित कर सकती है।”
राजनयिक और व्यापारिक सहयोग का सशक्त संगम
INRO बिजनेस समिट केवल नेटवर्किंग नहीं, बल्कि भारत-रोमानिया संबंधों की ठोस शुरुआत थी। सम्मेलन में B2B मीटिंग्स, पैनल चर्चा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और व्यावसायिक संवाद हुए।
रोमानिया की प्रमुख कंपनियों – Aviagro, Cotnari, Sergiana, Boromir, Mirdatod, Ecoferm, Casa Trimis और Parviresin – ने फूड, बेवरेज, एडवांस एग्रीकल्चर और मैन्युफैक्चरिंग में अपनी ताकत दिखाई।
SLMG बेवरेजेज (Coca-Cola) के वाइस चेयरमैन पारितोष लाढानी को आयोजन में विशेष सहयोग के लिए धन्यवाद दिया गया।
Coca-Cola के CEO कोस्टिन मंड्रिया ने कहा,
“INRO जैसे मंच दिखाते हैं कि कैसे सहयोग, नवाचार और साझा प्रयास उज्जवल भविष्य की राह बना सकते हैं।”
आगे की राह: साझा प्रगति की रूपरेखा तैयार
समिट की सफलता ने कई योजनाओं को जन्म दिया – भारत-रोमानिया स्टार्टअप एक्सचेंज प्रोग्राम, द्विपक्षीय टास्क फोर्स, और बुखारेस्ट व दिल्ली में व्यापार मेलों की योजना। 77 वर्षों के राजनयिक संबंधों के बाद, दोनों देश अब आर्थिक साझेदारी के नए युग की ओर अग्रसर हैं।
UBCCR अध्यक्ष शिवा मुंजाल और उपाध्यक्ष एलिन मारियस के नेतृत्व में ये विचार अब वास्तविक परियोजनाओं में बदलने की दिशा में बढ़ रहे हैं।
समापन समारोह में आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और गाला नेटवर्किंग के बीच यह संदेश साफ था –
भारत-रोमानिया सहयोग अब रफ्तार पकड़ चुका है और भविष्य उज्ज्वल है।
